राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय: उदयपुर संभाग – Rajasthan Art and Culture Chapter 61

राजस्थान के संग्रहालय — सबसे पुराना, सबसे बड़ा, पहला और अकेला — संभाग-वार, PYQ सहित।

11 min read Updated Notes in Hindi
In this chapter (20 sections)
  1. पहला · प्राचीन · सबसे बड़ा
  2. दस नवलखा
  3. सिटी पैलेस म्यूज़ियम
  4. राजकीय संग्रहालय, उदयपुर
  5. लोक व जनजाति संग्रहालय
  6. चित्तौड़, हल्दीघाटी, डूँगरपुर
  7. हाड़ौती के संग्रहालय
  8. भरतपुर व डीग
  9. अल्बर्ट हॉल
  10. राजपरिवार के संग्रहालय
  11. विशेष संग्रहालय व संस्थाएँ
  12. राजकीय संग्रहालय, अलवर
  13. शेखावाटी के संस्थान
  14. अजमेर व मेड़ता
  15. जोधपुर के संग्रहालय
  16. सरदार संग्रहालय
  17. जैसलमेर, पाली, माउंट आबू
  18. बीकानेर शहर के संग्रहालय
  19. अभिलेखागार, चूरू व हनुमानगढ़
  20. रैपिड फायर तथ्य

संग्रहालयों वाले प्रश्न घूम-फिरकर एक ही बात पूछते हैं — कौन सबसे पुराना, कौन सबसे बड़ा, कौन पहला और कहाँ क्या रखा है। इसलिए इस भाग की शुरुआत उसी सूची से है, फिर दस नवलखा और उदयपुर, हाड़ौती, भरतपुर-डीग, जयपुर, अलवर-शेखावाटी, अजमेर-मेड़ता, जोधपुर, जैसलमेर-पाली-माउंट आबू, बीकानेर और अभिलेखागार के संग्रहालय आते हैं। पिछली परीक्षाओं में पूछे गए तथ्यों के साथ परीक्षा का नाम लिखा गया है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय, 7 चॉक-बोर्ड चित्र, 18 नक्शे, 25 फ्लैशकार्ड और 15 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
माइंड मैप खोलें ➜

1. पहला · प्राचीन · सबसे बड़ा

विशेषतासंग्रहालयब्योरा
सबसे प्राचीनअल्बर्ट हॉल, जयपुरराजस्थान का सबसे पुराना; आज़ादी के बाद केन्द्रीय संग्रहालय का दर्जा [परीक्षा: CET 10+2, 2024 — राजस्थान का सबसे प्राचीन संग्रहालय कौन-सा माना जाता है? ➜ अल्बर्ट हॉल]
सबसे बड़ाअल्बर्ट हॉल, जयपुरराजस्थान का सबसे बड़ा संग्रहालय भी यही
देश का पहला उद्योग-तकनीकी संग्रहालयबिड़ला तकनीकी म्यूज़ियम, पिलानीBITS परिसर में, 1954

… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ध्यान दें: अल्बर्ट हॉल = सबसे प्राचीन + सबसे बड़ा — दोनों जवाब एक ही। राजपूताना म्यूज़ियम (अजमेर, 1908) राज्य का दूसरा प्रमुख पुराना है।

2. दस नवलखा

नवलखास्थान
नवलखा बावड़ीडूँगरपुर
नवलखा झीलबूँदी
नवलखा महलगुलाब बाग, उदयपुर
नवलखा भण्डारचित्तौड़गढ़ दुर्ग

… शेष 6 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: चित्तौड़ दुर्ग में दो नवलखा — भण्डार और बुर्ज। बाक़ी हर ज़िले में एक-एक।

3. सिटी पैलेस म्यूज़ियम

  • स्थान ➜ उदयपुर का राजमहल, पिछोला के किनारे
  • निर्माण ➜ 1559 ई., महाराणा उदयसिंह
  • संग्रहालय की स्थापना ➜ महाराणा भगवंत सिंह
  • अन्दर धूणी माता मन्दिर के आगे तीन कक्ष हैं — हल्दीघाटी, चेतक और प्रताप; इनमें हल्दीघाटी युद्ध के चित्र तथा राणा प्रताप के भाले, तलवारें, ढालें, कवच, बख्तर सजे हैं।
  • चन्द्र महल (कर्णसिंह, 1620 ई.) — एक ही पत्थर से बना संगमरमर का कुण्ड। राजतिलक होने पर इसमें एक लाख चाँदी के सिक्के उँडेले जाते थे — इसी से इसका नाम “लक्खु कुण्ड” पड़ा।
  • शिव प्रसन्न अमरविलास महल (अमरसिंह द्वितीय, 1699 ई.) — आज का बाड़ी महल; यहाँ दिल्ली दरबार (1903) की महाराणा फ़तेहसिंह की ऐतिहासिक कुर्सी रखी है।

… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

ट्रिक: लक्खु कुण्ड → चन्द्र महल → कर्णसिंह (1620); बाड़ी महल → अमरविलास → अमरसिंह द्वितीय (1699)। “कर्ण-कुण्ड, अमर-बाड़ी”।

4. राजकीय संग्रहालय, उदयपुर

काल / क्रमघटनाविवरण
महारानी विक्टोरिया का स्वर्ण-जुबलीभवन का निर्माणफ़तेहसिंह के समय गुलाब बाग में विक्टोरिया हॉल
1890उद्घाटनवायसराय लॉर्ड लैन्सडाउन ने; तब नाम विक्टोरिया हॉल म्यूज़ियम
प्रारम्भ सेक्यूरेटरइतिहासकार गौरीशंकर हीराचन्द ओझा
  • संग्रह पाँच दीर्घाओं में बँटा है — शिलालेख, कलाकृतियाँ और मूर्तियाँ।
  • घोसुण्डी शिलालेख और शहज़ादा खुर्रम की पगड़ी यहीं रखी है।
  • मेवाड़ चित्रशैली का बड़ा संग्रह — लगभग 8000 चित्र; कलीला-दमना और मुल्ला दो प्याज़ा पर आधारित चित्र भी।

ध्यान दें: विक्टोरिया हॉल → प्रताप संग्रहालय → राजकीय संग्रहालय — एक ही संस्था के तीन नाम; क्यूरेटर ओझा।

5. लोक व जनजाति संग्रहालय

संग्रहालयस्थापनाक्या दिखता है
माणिक्यलाल वर्मा जनजाति संग्रहालय, उदयपुर30 दिसम्बर 1983 — शोध संस्थान (माणिक्यलाल वर्मा) ने शुरू कियामेवाड़ का राजचिह्न; दीवारों पर बेणेश्वर मेला, मानगढ़ धाम और गवरी के चित्र; आदिवासी पोशाक, गहने, वाद्य और हथियार
भारतीय लोककला मण्डल संग्रहालय, उदयपुरदेवीलाल सामर के प्रयासों सेफड़ चित्र, कठपुतलियों का नृत्य, लोक कलाओं का संग्रह; तुर्रा-कलंगी, भवाई, रासलीला, गवरी, रामलीला की झाँकियाँ
आहड़ संग्रहालय, आहड़ (उदयपुर)1961; राजस्थान पुरातत्व विभाग चलाता है4000 वर्ष पुरानी आहड़ सभ्यता की सामग्री

6. चित्तौड़, हल्दीघाटी, डूँगरपुर

संग्रहालयस्थापनाब्योरा
राजकीय संग्रहालय, चित्तौड़गढ़1968 सेचित्तौड़ दुर्ग के फ़तेहप्रकाश महल में; मेवाड़ के महाराणाओं के पूरे क़द के तैल चित्र, प्रतिमाएँ, सिक्के, शस्त्र; भील जोड़े व गाड़िया लोहारों के मॉडल; मीरां की तस्वीरें; बस्सी की लकड़ी की कारीगरी
हल्दीघाटी संग्रहालय, हल्दीघाटी (राजसमंद)—महाराणा प्रताप के जीवन की घटनाएँ; शिक्षक मोहनलाल श्रीमाली ने निजी ख़र्च से बनवाया; गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम
राजकीय संग्रहालय, डूँगरपुर1973डाक टिकटों से बने विजय स्तम्भ, कुतुबमीनार आदि

7. हाड़ौती के संग्रहालय

संग्रहालयस्थापनाब्योरा
राजकीय संग्रहालय, कोटा1946ब्रजविलास भवन में; चारचौमा, कन्सुआ और शीतलेश्वर महादेव (झालरापाटन) के शिलालेख; पुरानी मूर्तियाँ, पत्थर-युग के औज़ार; विष्णु के 24 रूपों वाली मूर्ति
राव माधोसिंह ट्रस्ट संग्रहालय, कोटा30 मार्च 1970कोटा के गढ़ के भीतर; हाड़ौती की लोक-संस्कृति के साथ राजस्थान की हर चित्र-शैली के चित्र और भित्ति चित्र
राजकीय संग्रहालय, झालावाड़1 जून 1915शासक भवानीसिंह की पहल; शाही परिवार का सामान, पुराने सिक्के और लघुचित्र

8. भरतपुर व डीग

राजकीय संग्रहालय, भरतपुर

  • लोहागढ़ दुर्ग परिसर के कचहरी भवन में महाराजा ब्रजेन्द्र सिंह ने 1944 में बनवाया।
  • शाही परिवार का सामान, नोह की यक्ष प्रतिमा, बयाना के गुप्तकालीन सिक्के, पाँच फ़ुट लम्बा एकमुखी शिवलिंग, पत्थर की प्रतिमाएँ।
  • तोप, तलवार, कलात्मक हस्तशिल्प, प्राचीन पाण्डुलिपियाँ और पुराने रेवेन्यू स्टाम्प।

डीग संग्रहालय

  • डीग के महाराजा और परिवार द्वारा उपयोग की गई वस्तुएँ, फ़र्नीचर आदि।
  • सबसे उम्दा चीज़ें गोपाल भवन व किशन भवन में प्रदर्शित हैं। गोपाल भवन डीग महल की इमारतों में सबसे बड़ा और असरदार है — संग्रहालय का मुख्य हिस्सा वहीं है।

9. अल्बर्ट हॉल

  • रामसिंह द्वितीय के शासन में फ़रवरी 1876 में भवन की नींव पड़ी; प्रिंस अल्बर्ट के नाम पर “अल्बर्ट म्यूज़ियम” कहलाया।
  • माधोसिंह द्वितीय के समय 1887 में सर एडवर्ड ब्रैडफ़ोर्ड ने उद्घाटन करके आम जनता के लिए खोला।
  • राजस्थान का सबसे प्राचीन और सबसे बड़ा संग्रहालय; आज़ादी के बाद केन्द्रीय संग्रहालय का दर्जा।

10. राजपरिवार के संग्रहालय

संग्रहालयस्थापनाक्या मिलेगा
सवाई मानसिंह द्वितीय संग्रहालय (सिटी पैलेस संग्रहालय)1959क़ीमती कालीन, राजस्थानी पोशाकें, पगड़ियाँ, आभूषण, मीनाकारी, राजपूत-मुग़ल अस्त्र-शस्त्र, राजपरिवार का संग्रह
राजकीय संग्रहालय, हवामहललोकार्पण 23 दिसम्बर 1983जयपुर के राजाओं-विभूतियों के चित्र; विराटनगर के यूनानी सिक्के, जमवा रामगढ़ के कुषाण सिक्के, टोंक के गुप्तकालीन सिक्के, चौहान-कछवाहा सिक्के; स्कन्द कार्तिकेय, रावण अनुग्रह, वामन अवतार की मूर्तियाँ
पोथीखाना संग्रहालय1952सवाई मानसिंह द्वितीय ने बनवाया

11. विशेष संग्रहालय व संस्थाएँ

संग्रहालयस्थापना / संस्थापकब्योरा
आचार्य रामचरण प्राच्य विद्यापीठ एवं संग्रहालय1960, आचार्य रामचरण शर्मातंत्र-मंत्र विद्या का भण्डार, जड़ी-बूटियों के ग्रन्थ, जयपुर का सबसे पुराना अख़बार, जयपुर की रचना के नक़्शे
डॉल म्यूज़ियम / गुड़िया घर7 अप्रैल 1979, भगवानी बाई सेखसरिया चैरिटेबल ट्रस्टजे.एल.एन. मार्ग पर मूक-बधिर विद्यालय के परिसर में; 30 से अधिक देशों की गुड़ियाएँ और कठपुतलियाँ
प्राकृतिक इतिहास संग्रहालयकैलाश सांखला के प्रयासों सेरामनिवास बाग के जन्तुआलय में; जीव-जन्तुओं-पक्षियों का प्राकृतिक इतिहास; राजस्थान का एकमात्र ऐसा संग्रहालय

12. राजकीय संग्रहालय, अलवर

विनय विलास महल में महाराजा तेजसिंह के समय 1940 में स्थापित। चार कक्ष —

कक्षविषय
प्रथमप्रस्तर प्रतिमाएँ और शिलालेख
द्वितीयहस्तशिल्प कला
तृतीयचित्रकला

प्रतिमाएँ और शिलालेख

  • नृत्य-मुद्रा में अष्टभुजी गणेश (वि.सं. 1101 का लेख), सप्ताश्व पर सूर्य, नन्दी पर शिव-पार्वती, ललितासन में शिव-पार्वती।
  • मथनदेव (कन्नौज के शासक विजयपाल देव के गुर्जर-प्रतिहार मंत्री) का शिलालेख, वि.सं. 1016; राजोरगढ़ से रानी प्रभावती का शिलालेख (वि.सं. 1052); शाह हीरानन्द का (वि.सं. 1645); सवाई प्रतापसिंह (जयपुर) का (वि.सं. 1839); नौगाँव (अलवर) से बहलोल लोदी का शिलालेख।

हस्तशिल्प, ख़ास वस्तुएँ और चित्र

  • महाराजाओं की पोशाकें; भानगढ़ के गुलाबी व बादामी पत्थर से बने हुक्के, सुराहियाँ और गिलास।
  • लाला नन्द किशोर की बनाई चाँदी की मेज़ सबसे ज़्यादा लुभाती है।
  • बानसूर (कोटपुतली-बहरोड़) में 1892 में गिरा उल्कापिण्ड; चरखी दादरी (हरियाणा) से मिला लरज़दार पत्थर; तिजारा के शासक बलवन्त सिंह के इन्द्र विमान का मॉडल।

13. शेखावाटी के संस्थान

संस्थास्थानब्योरा
श्री सरस्वती पुस्तकालयफतेहपुर (सीकर)वासुदेव गोयनका और बजरंग लाल लोहिया ने 14 मई 1910 को खड़ा किया; 500 से अधिक हस्तलिखित कृतियाँ, दुर्लभ ग्रन्थ, सभी सम्प्रदायों के साधु-सन्तों के 172 चित्र, बंगला-संस्कृत के ताड़पत्र [परीक्षा: RPSC ग्रेड III, 2007 — श्री सरस्वती पुस्तकालय कहाँ स्थित है? ➜ फतेहपुर (सीकर)]
स्वामी विवेकानन्द म्यूज़ियमखेतड़ी (झुंझुनूँ)विवेकानन्द की 150वीं जयन्ती पर जनवरी 2013 में बनाने की घोषणा; फतेहविलास महल में
बिड़ला तकनीकी म्यूज़ियमपिलानी (झुंझुनूँ)BITS परिसर में 1954 में; देश का पहला उद्योग-तकनीकी संग्रहालय; कोयला खानों और मशीनरी के मॉडल

14. अजमेर व मेड़ता

  • स्थान ➜ अजमेर का मैगज़ीन दुर्ग
  • उद्घाटन ➜ 19 अक्टूबर 1908, राजपूताना के एजीजी कॉल्विन
  • तब का नाम ➜ राजपूताना म्यूज़ियम
  • शिलालेख ➜ बड़ली और नगरी; हरिकेली नाटक के अंश पट्टिकाओं पर।
  • मोहनजोदड़ो सभ्यता की चीज़ें; बहुत-सी जैन मूर्तियाँ; 3000 सिक्कों का ज़ख़ीरा; काँच के दुर्लभ सिक्के।
  • ललित विग्रहराज (सोमदेव) से जुड़े शिला-चौके; हर्षनाथ से मिली लिंगोद्भव महेश्वर की मूर्ति; बघेरा की 9वीं-12वीं सदी की मूर्तियाँ; अढ़ाई दिन के झोंपड़े की सामग्री। [परीक्षा: सहायक सांख्यिकी अधिकारी, 2024 — अजमेर संग्रहालय में रखी लिंगोद्भव मूर्ति कहाँ से मिली? ➜ हर्षनाथ]

मीरां संग्रहालय

मेड़ता सिटी (नागौर) में राव दूदागढ़ परिसर में स्थित।

15. जोधपुर के संग्रहालय

संग्रहालयस्थापना / ब्योरा
राजकीय संग्रहालय, मंडोर1968; मंडोर में मारवाड़ के राजाओं के चित्र, पुराने सिक्के और पत्थर की मूर्तियाँ
उम्मेद भवन पैलेस संग्रहालयमहाराजा उम्मेद सिंह ने अकाल राहत के तहत महल बनवाया; घड़ियों का अनूठा संग्रह, एयरक्राफ़्ट के मॉडल, राजपरिवार की क़ीमती वस्तुएँ
मेहरानगढ़ संग्रहालयतालों का संग्रह, राजस्थान की पगड़ियाँ; शाही मुग़ल तम्बू लालडेरा (“वस्त्र का ताजमहल”)

16. सरदार संग्रहालय

  • 1909 में लॉर्ड किचनर के जोधपुर आने पर महाराजा सरदार सिंह ने स्थापित किया।
  • 1914 में पण्डित विश्वेश्वर नाथ रेऊ सहायक अधीक्षक बने।
  • 1935 में डीडवाना के सेठ मंगनीराम बाँगड़ ने वर्तमान भवन बनवाया; 17 मार्च 1936 को वायसराय लॉर्ड विलिंगडन ने उद्घाटन किया।

17. जैसलमेर, पाली, माउंट आबू

संग्रहालयस्थापनाब्योरा
लोक सांस्कृतिक संग्रहालय, गड़ीसर तालाब, जैसलमेर1984लोक संस्कृति की अमूल्य वस्तुएँ
जैसलमेर युद्ध संग्रहालयअगस्त 2015 (24 अगस्त) — भारतीय सेनालोंगेवाला (भारत-पाक युद्ध) से जुड़ी सामग्री [परीक्षा: राजस्थान पुलिस, 2024 — राजस्थान के किस ज़िले में अगस्त 2015 में युद्ध संग्रहालय बना? ➜ जैसलमेर]
बाँगड़ राजकीय संग्रहालय, पालीउद्घाटन 19 जुलाई 1991दस सिर और चौवन हाथ वाली सुगाली देवी की मूर्ति, वाद्य-आभूषण, इण्डो-सरसैनिक युग के सिक्के

18. बीकानेर शहर के संग्रहालय

संग्रहालयस्थानब्योरा
करणी संग्रहालयक़िले (जूनागढ़) के भीतर, गंगा निवास महल मेंशासकों के जीवन की घटनाएँ, राज्य चिह्न, प्राचीन अस्त्र-शस्त्र; गंगासिंह की विदेशी वस्तुएँ; एक प्राचीन चन्दन सिंहासन; प्रथम विश्व युद्ध के समय ब्रिटिश सरकार से मिला DH-9 हैवीलैण्ड हवाई जहाज़; शिकार के चित्र, भूसा भरे जानवरों के मॉडल, बीकानेर लघु चित्र शैली [परीक्षा: Pre B.Ed., 2005 — गंगा गोल्डन जुबली संग्रहालय कहाँ है? ➜ बीकानेर]
सार्दुल संग्रहालयलालगढ़ महलराजस्थान में कैमरे से लिया पहला चित्र (सरदार सिंह का); कुछ विदेशी सिक्के; 1 क्विंटल वज़नी पीतल की एक वस्तु; प्राचीन अस्त्र-शस्त्र और पाण्डुलिपियाँ
अनूप संस्कृत संग्रहालयलालगढ़ महल6000 से ज़्यादा संस्कृत ग्रन्थ तथा लगभग 12000 हिन्दी-अंग्रेज़ी किताबें

19. अभिलेखागार, चूरू व हनुमानगढ़

संस्थास्थानब्योरा
राजस्थान राज्य अभिलेखागारबीकानेर1955 में जयपुर में खुला, 1960 में बीकानेर आ गया; स्थायी महत्त्व के अभिलेख यहाँ सुरक्षित; अन्य शाखाएँ — अजमेर, अलवर, उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर; देश का पहला ई-अभिलेखागार
लोक संस्कृति शोध संस्थान संग्रहालयचूरू1964 में रामनवमी को गोविन्द अग्रवाल ने बनाया; मुड़िया लिपि की बहियाँ, फ़ारसी दस्तावेज़, राजाओं-ब्रिटिश अधिकारियों के पत्र
नाहटा संग्रहालयसरदारशहर (चूरू)निजी क्षेत्र का; चन्दन की काष्ठ कला, हाथीदाँत की कलाकृतियाँ, लकड़ी की घड़ी में ताजमहल और विजय स्तम्भ

20. रैपिड फायर तथ्य

  • सबसे प्राचीन व सबसे बड़ा संग्रहालय ➜ अल्बर्ट हॉल, जयपुर
  • देश का पहला उद्योग-तकनीकी संग्रहालय ➜ बिड़ला तकनीकी म्यूज़ियम, पिलानी (1954)
  • राजपूताना म्यूज़ियम ➜ अजमेर, 1908
  • विक्टोरिया हॉल म्यूज़ियम ➜ आज का राजकीय संग्रहालय, उदयपुर; क्यूरेटर गौरीशंकर हीराचन्द ओझा
  • आहड़ संग्रहालय ➜ 1961, आहड़ सभ्यता की सामग्री
  • जैसलमेर युद्ध संग्रहालय ➜ अगस्त 2015, लोंगेवाला से जुड़ी सामग्री
  • सुगाली देवी की मूर्ति ➜ बाँगड़ राजकीय संग्रहालय, पाली
  • राजस्थान का एकमात्र प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय ➜ जयपुर, रामनिवास बाग
  • देश का पहला ई-अभिलेखागार ➜ राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर

पिछला भाग: राजस्थान के त्योहार व मेले: धार्मिक मेले — संभाग-वार (भाग 2) एवं पर्यटन मेले व महोत्सव

इन्हें भी पढ़ें: साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएँ · प्राचीन सभ्यताएँ व पुरास्थल

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इस अध्याय की पूरी तैयारी चाहिए? ऊपर दिए नोट्स हर खंड का चुना हुआ हिस्सा हैं। पूरी तालिकाएँ, बाक़ी बिंदु, याद रखने की ट्रिक, नक्शे-चित्र और अभ्यास-प्रश्न राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय के माइंड मैप में हैं। राजस्थान जी.के. के सभी विषय एक ही पास में उपलब्ध हैं।
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