राजस्थानी साहित्यकार व कृतियाँ: आधुनिक काल — कवि (भाग 2) एवं आधुनिक गद्य साहित्य (भाग 1) – Rajasthan Art and Culture Chapter 5

गीतकार और नवलेखन के कवि, संबोधन व प्रबंध काव्य, आधुनिक गद्य के अग्रणी और विजयदान देथा «बिज्जी»।

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In this chapter (8 sections)
  1. गीतकार व लोकप्रिय कवि
  2. नवलेखन के कवि — (1)
  3. नवलेखन के कवि — (2)
  4. संबोधन काव्य व प्रबंध काव्य
  5. आधुनिक गद्य साहित्य
  6. आधुनिक गद्य के अग्रणी
  7. विजयदान देथा “बिज्जी”
  8. रैपिड फायर तथ्य

नवलेखन की कविता याद रखने का सीधा तरीका है कवि के साथ उसका पहला संग्रह और पुरस्कार का वर्ष जोड़ देना। इस भाग में गीतकार व लोकप्रिय कवि, नवलेखन के दो समूह, संबोधन काव्य और प्रबंध काव्य आते हैं। उसके बाद आधुनिक गद्य की विधाएँ, गद्य के अग्रणी रचनाकार और अंत में विजयदान देथा «बिज्जी» का पूरा परिचय दिया गया है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थानी साहित्यकार व कृतियाँ, 9 चॉक-बोर्ड चित्र, 24 नक्शे, 1 चार्ट, 25 फ्लैशकार्ड और 15 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
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1. गीतकार व लोकप्रिय कवि

कविपहचानरचनाएँ
गजानन वर्मा (रतनगढ़, चूरू, 1927)राजस्थानी के लोकप्रिय गीतकार; मंचों पर बड़ी लोकप्रियतागीत संग्रह: धरती री धुन, सोनो निपजे रेत में; कविताएँ: धरती अब पसवाड़ो फेरे, पूरब में लाल सूरज आयो, अड़वो खेत रूखाले, सोवन थाल, झांसी की राणी; अन्य गीत: हल्दी रो रंग सुरंग, संस्कार गीत, सटक नली, पिंजारा
कल्याण सिंह राजावत (नागौर, 1939)—तीन गीत संग्रह: रामतिया मत तोड़, आ जमीन आपणी, कुण-कुण नै समझावां; कविताएँ: आयो तो हुवेलो, परभाती, निमझर, कुण कुण नै बिलमासी
रघुराज सिंह हाड़ा (चमलासा, झालावाड़)हाड़ौती के प्रमुख गीतकारघूघरा · अण बाच्या आखर · हरदोल · आमल खीवरा · फूल केसुला फूल · क्यूं म्हां पढां · म्हारौ गांव · भूतपट्टी छै
मोहन आलोकअंग्रेज़ी की लिमरिक को राजस्थानी में “डाखला” (वर्णिक छंद, तुक्तक) बनाया; अंग्रेज़ी के सोनेट (14 पंक्तियों का छंद) के राजस्थानी रूप सौ सोनेट लिखेग गीत (साहित्य अकादमी 1983)

… शेष 4 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: मोहन आलोक = अंग्रेज़ी की लिमरिक → डाखला और सोनेट → सौ सोनेट; पुरस्कार 1983 (“ग गीत”)।

ध्यान दें: रतनगढ़ (चूरू) के दो कवि — गजानन वर्मा और किशोर कल्पना कांत — दोनों गीत-लेखन से जुड़े।

2. नवलेखन के कवि — (1)

कविपहचानरचनाएँ
मणि मधुकर (जन्म सितम्बर 1942)—चर्चित कविताएँ: काळो घोड़ो, नरकवाड़ो, सोजती गेट; अन्य: आलीजा आज्यो घरां (कविता), रस गंधर्व (नाटक), पिंजरे में पन्ना (उपन्यास), सफेद मेमने, जख्म के चारों ओर, पत्तों की बिरादरी, सुधि सपनों के तीर; पगफेरो — पहला संग्रह, साहित्य अकादमी 1975
चन्द्रप्रकाश देवल (उदयपुर)2011 में पद्मश्रीकविता संग्रह: पागी (अकादमी 1979), कावड़, मारग, तोपनामा, झुरावौ, उडीक पुराण, तीजो अयन, रागबिजोग, हिरणा
सांवर दइयाकवि के साथ अच्छे गद्यकारकविता: मनगत, काल अर आज रे बिच्चै, आखर री औकात, आखर री आंख सूं, हुवै रंग हजार; कहानियाँ: असवाड़ै-पसवाड़ै, धरती कद तांई घूमैली, एक दुनिया म्हारी (अकादमी 1985), पोथी जिसी पोथी, गली जिसी गली, हालत (संवाद शैली की कहानी), गली बणता घर, सुकड़ीजता आंगणा, जुड़्या कट्या, ओजू बसंत
मालचंद तिवाड़ी (डूँगरगढ़, बीकानेर)—उतरयो है आभो (प्रथम चर्चित संग्रह); भोलावण (उपन्यास), धड़ंद व सेलिब्रेसन (कहानी संग्रह), नाजायज, नींद, कीमियां रो बाप

… शेष 8 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: पहला संग्रह + पुरस्कार जोड़े — पगफेरो (मधुकर 1975), पागी (देवल 1979), म्हारो गांव (श्रीमाली 1980), मरू मंगल (सुमेर 1984)।

ध्यान दें: देवल का पद्मश्री (2011) और अकादमी पुरस्कार (1979) अलग हैं।

3. नवलेखन के कवि — (2)

कविरचनाएँ
लक्ष्मणदान कवियारूख सतसई (प्रकृति चित्रण)
उदयवीर शर्मा (बिसाऊ, झुंझुनूं)डाफी · सूंटो
मोहम्मद सद्दीकजूझती जूण (1982) · अंतस तास (1980)
सीताराम महर्षिमछली मन म्हारो · मांटी री मुलक · प्रीत पीड़ री पाल · मेल दी अडाणै चीत · रिमझोल · बोल इकतारो

… शेष 22 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

4. संबोधन काव्य व प्रबंध काव्य

संबोधन काव्य

रचनारचनाकार
ईलिया रा सोरठा · बाघजी रा दूहालाखणसी चारण
राजिया रा सोरठाकृपाराम खिड़िया
रामजी रा सोरठामनोहर शर्मा
मौलके रा सोरठाडॉ. उदयवीर शर्मा

प्रबंध काव्य, महाकाव्य व चरित-काव्य

रचनाकाररचना
अमृतलाल माथुरगीत रामायण (प्रबन्ध काव्य)
मंगत बादलमीरां (महाकाव्य; अकादमी 2010) · दसमेस · रेत री पुकार
कान्ह महर्षिमरू मयंक (महाकाव्य)
मांगीलाल चतुर्वेदीक्रसन चरित (प्रबंध काव्य)

राजस्थानी के नीति-काव्य में संबोधन शैली के पहले रचनाकार कृपाराम खिड़िया (राजिया रा सोरठा) माने जाते हैं।

5. आधुनिक गद्य साहित्य

आधुनिक गद्य की मुख्य विधाएँ हैं — उपन्यास, कहानी, नाटक, एकांकी, निबंध और समालोचना।

विधापहली रचनारचनाकार
नाटककेसर विलास (1900)शिवचंद भरतिया
उपन्यासकनक सुन्दर (1903)शिवचंद भरतिया
कहानीविश्रांत प्रवास (1904)शिवचंद भरतिया

आगे के नोड में हर विधा के रचनाकार, उनकी कृतियाँ और अकादमी पुरस्कार विजेता क्रम से दिए हैं।

6. आधुनिक गद्य के अग्रणी

रचनाकारपहचानकृतियाँ
शिवचंद भरतियाराजस्थानी के प्रथम आधुनिक गद्यकारकेसर-विलास · फाटका जंजाल · बुढ़ापा की सगाई · संगीत मानकँवर (सभी नाटक) · मोत्यां की कंठी (दोहा संग्रह) · बोध दर्पण · कनक सुन्दर (उपन्यास) · विश्रांत प्रवास (कहानी)
मुरलीधर व्यास (बीकानेर)“राजस्थानी कहानी के भीष्म पितामह”; आधुनिक राजस्थानी कहानी की शुरुआत उनके संग्रह बरसगांठ सेबरसगांठ · नरमेध या समाज रो नीरा · मेहमायो; अन्य — राजस्थानी कहावतां · जूना जीवन चितराम (रेखाचित्र) · घूमर · दाढ़ी पर टैक्स · उज्जवल मणियां
श्रीलाल नथमल जोशी (बीकानेर)—आभै पटकी (1956, उपन्यास) · एक बीनणी दो बीन (1973, उपन्यास) · धोरां रो धोरी (1968, उपन्यास) · सबड़का (रेखाचित्र) · हकूमत जनता री (अनुवाद) · छोरी फेल किया होई बैणजी (एकांकी); कहानियाँ: मोलायड़ी लाडी · परण्योड़ी कंवारी · मेहन्दी कनेर अर गुलाब · माटी री हांडी
  • धोरां रो धोरी (1968) इटली के विद्वान डॉ. टेस्सीटोरी के जीवन पर आधारित उपन्यास है।
  • आभै पटकी (1956) — स्वतंत्रता के बाद का पहला राजस्थानी उपन्यास।

अन्नाराम सुदामा

  • जन्म ➜ उदयरामसर (बीकानेर)
  • अकादमी पुरस्कार ➜ मेवे रा रूंख (उपन्यास) — 1978
  • उपन्यास ➜ अचूक इलाज · मैकती काया मुलकती धरती (1966) · आँधी अर आस्था (1974) · घर संसार (2 भाग) · जगिया की वापसी · डाकीजता मानवी।
  • कहानियाँ ➜ आंधै न आंख्या · गलत इलाज · माया रो रंग · डूंगर फटै चट्टान · सुल्तान नेकी रो सम्राट।
  • अन्य ➜ पिरोल में कुती ब्याई (कविता) · व्यथा कथा अर दूजी कवितावां (कविता संग्रह) · बधती अंवलाई (नाटक) · आंगण सुं अर्णाकुलम (संस्मरण) · दूर दिसावर (संस्मरण)।

यादवेन्द्र शर्मा चन्द्र

  • जन्म ➜ 1932, बीकानेर
  • पुरस्कार ➜ जमारो (कहानी संग्रह) — अकादमी 1989
  • फ़िल्म ➜ लाज राखौ राणी सती नामक राजस्थानी फ़िल्म की कथा उन्हीं की
  • राजस्थानी के माने हुए कथाकार; कहानी, नाटक और उपन्यास तीनों लिखे।
  • उपन्यास ➜ हूँ गोरी किण पिव री (1970) · जोग-संजोग (1973) · चाँदा सेठानी · खम्मा अन्नदाता · जनानी ड्योढ़ी · हजार घोड़ों का सवार · एक और मुख्यमंत्री · मिट्टी का कलंक।
  • नाटक ➜ तास रो घर।

7. विजयदान देथा “बिज्जी”

  • जन्म ➜ 1 सितम्बर 1926, बोरून्दा (जोधपुर)
  • उपनाम ➜ बिज्जी / “राजस्थान का शेक्सपीयर”
  • संस्था ➜ बोरूंदा के रूपायन संस्थान की स्थापना में सहभागी
  • बातां री फुलवारी ➜ लोककथाओं का संग्रह, 14 खण्डों में; रचनाकाल 1960–75; 10वें खण्ड को 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार।
  • राजस्थानी भाषा के लिए यह पुरस्कार पाने वाले पहले साहित्यकार; लेखन की शुरुआत उन्होंने हिन्दी से की थी।
  • हिन्दी रचनाएँ ➜ ऊषा (कविता संग्रह), बापू के तीन हत्यारे (आलोचना, 1948), साहित्य और समाज (निबंध संग्रह), चौधरायन की चतुराई (लघु कहानी संग्रह, 1996)।

कहानियाँ पर्दे और मंच पर

कहानी / लोककथारूपान्तर
दुविधामणि कौल की फ़िल्म दुविधा (1973); अमोल पालेकर की पहेली (2005)
चरणदास चोर (देथा की लोककथा)हबीब तनवीर का नाटक; श्याम बेनेगल की फ़िल्म (1975)
एक और कहानीप्रकाश झा की फ़िल्म परिणति (1989)

सम्पादन और सम्मान

  • 1953–55 के बीच हिन्दी मासिक प्रेरणा निकाली; वाणी और लोक संस्कृति के भी सम्पादक रहे।
  • वर्ष 2011 के साहित्य नोबेल के लिए नामित; कहानियों का संकलन सपन प्रिया (1997, भारतीय ज्ञानपीठ); अंग्रेज़ी अनुवाद द डिलेमा।
  • सम्मान ➜ 1992 भारतीय भाषा परिषद पुरस्कार · 2002 बिहारी पुरस्कार · 2006 साहित्य चूड़ामणि पुरस्कार · 2007 पद्मश्री · 2012 राजस्थान रत्न।

8. रैपिड फायर तथ्य

  • मणि मधुकर ➜ पगफेरो उनका पहला संग्रह; साहित्य अकादमी 1975
  • चन्द्रप्रकाश देवल ➜ पागी पर अकादमी पुरस्कार (1979); पद्मश्री 2011 में
  • मोहन आलोक ➜ ग गीत (साहित्य अकादमी 1983); लिमरिक को राजस्थानी में «डाखला» बनाया
  • राजिया रा सोरठे ➜ कृपाराम खिड़िया, संबोधन शैली के पहले रचनाकार
  • मंगत बादल ➜ मीरां (महाकाव्य; अकादमी 2010)
  • पहला नाटक, उपन्यास, कहानी ➜ केसर विलास (1900), कनक सुन्दर (1903), विश्रांत प्रवास (1904) — तीनों शिवचंद भरतिया के
  • आभै पटकी (1956) ➜ आज़ादी के बाद का पहला राजस्थानी उपन्यास, श्रीलाल नथमल जोशी का
  • अन्नाराम सुदामा ➜ मेवे रा रूंख पर अकादमी पुरस्कार (1978)
  • बातां री फुलवारी ➜ विजयदान देथा की लोककथाएँ, 14 खण्ड; 10वें खण्ड को 1974 में अकादमी पुरस्कार

अगले भाग में उपन्यास, कहानी, नाटक, एकांकी और निबंध के रचनाकार, साथ ही रासो-ख्यात जैसी शैलियाँ और पत्रिकाएँ।

पिछला भाग: राजस्थानी साहित्यकार व कृतियाँ: आधुनिक काल — कवि (भाग 1)

अगला भाग: राजस्थानी साहित्यकार व कृतियाँ: आधुनिक गद्य साहित्य (भाग 2)

इन्हें भी पढ़ें: अन्य साहित्यकार व कृतियाँ · राजस्थानी भाषा व बोलियाँ

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