राजस्थान के आभूषण: सिर, कान, नाक और दाँत एवं गले के आभूषण – Rajasthan Art and Culture Chapter 19

राजस्थान के सिर, कान, नाक, दाँत और गले के आभूषण — नाम, बनावट और पहचान, PYQ सहित।

9 min read Updated Notes in Hindi
In this chapter (19 sections)
  1. आभूषणों का इतिहास
  2. शरीर-नक्शा और विश्व-प्रसिद्ध शहर
  3. सिर, कान, नाक और दाँत
  4. सिर के आभूषण
  5. कान के आभूषण
  6. नाक और दाँत के आभूषण
  7. गले के आभूषण
  8. गले के प्रमुख गहने
  9. हार और मालाएँ
  10. कंठ-गल वाले और विशेष गहने
  11. भुजा के आभूषण
  12. कलाई के आभूषण
  13. हाथ की उँगलियों के आभूषण
  14. कमर के आभूषण
  15. पैर के आभूषण
  16. पैर की उँगलियों के गहने
  17. पुरुषों के आभूषण
  18. बच्चों के आभूषण
  19. रैपिड फायर तथ्य

गहनों के नाम रटने से ज़्यादा काम आता है पहचान का नियम — नाम में «हार», «माला», «कंठ» या «गल» हो तो गहना गले का ही होगा। इस भाग में आभूषणों का इतिहास और जयपुर की पहचान दी गई है, फिर सिर, कान, नाक, दाँत और गले के गहनों के साथ भुजा, कलाई, कमर, पैर, पुरुषों और बच्चों के गहने क्रमवार हैं। जहाँ-जहाँ पिछले वर्षों की परीक्षाओं में प्रश्न आया है, वहाँ परीक्षा का नाम साथ में लिखा गया है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान के आभूषण, 7 चॉक-बोर्ड चित्र, 6 नक्शे, 25 फ्लैशकार्ड और 15 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
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1. आभूषणों का इतिहास

काल / क्रमघटनाविवरण
प्राचीन कालकालीबंगा व आहड़ सभ्यतास्त्रियाँ मिट्टी और चमकदार पत्थरों के गहने पहनती थीं
शुंग कालमिट्टी के खिलौने व फलकहाथों में चूड़ियाँ-कड़े, पैरों में खड़वे, गले में लटकने वाले हार; सोने, चाँदी, मोती व रत्नों के
निर्धन स्त्रियाँसस्ती धातुएँकाँसा, पीतल, ताँबा, कौड़ी, सीप और मूँगे के गहने

मध्यकाल तक गहनों की बनावट में काफ़ी बदलाव आया, पर वे ही प्रकार आज तक चले आ रहे हैं।

2. शरीर-नक्शा और विश्व-प्रसिद्ध शहर

  • गहनों-रत्नों का विश्व-प्रसिद्ध शहर ➜ जयपुर
  • सुहाग के प्रतीक ➜ रखड़ी, बिछिया, मंगलसूत्र
  • पैर में सोना ➜ केवल राजपूत स्त्रियाँ

ट्रिक: पहचान का नियम — नाम में “हार” हो तो गला; “माला” हो तो गला; “कंठ” या “गल” हो तो भी गला।

3. सिर, कान, नाक और दाँत

सबसे ज़्यादा विविधता चेहरे और सिर के गहनों में है — माथे का बोर-रखड़ी, कान के झुमके-कर्णफूल, नाक की नथ और दाँत की कील तक।

4. सिर के आभूषण

गहनापहचान
शीशफूल (सिरफूल / सेरज)सोने की बारीक साँकल से ललाट पर लटकाया जाता है
गोफणबालों की वेणी (छोटी लटों) में गूँथा जाता है
बोर / बोरलामोटे बेर जैसा गोल सोने-चाँदी का गहना; आगे छोटे दाने उभरे, पीछे छोटा हुक जिसमें धागा बाँधकर बालों के बीच ललाट पर लटकाते हैं
रखड़ीसुहाग की निशानी; आकार बोर जैसा गोल पर उस पर क़ीमती पत्थरों के नग जड़े रहते हैं; पीछे का सोने का हुक सरी / बगड़ी कहलाता है

… शेष 14 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: रखड़ी = सुहाग का प्रतीक; बोर = बेर के आकार का; पतरी = रखड़ी के नीचे का चौड़ा पत्तर। तीनों माथे पर, क्रम से।

5. कान के आभूषण

गहनाबनावट / पहचान
कर्णफूलकान के निचले भाग का फूल-आकार का गहना, बीच में नगीने; मेवाड़ में गुट्टी
पीपल पत्रसोने या चाँदी का अँगूठीनुमा छल्ला, जो कान के ऊपर के भाग में छेद कराकर पहना जाता है; दूसरे नाम पीपलपान / पीपल पन्ना
झुमका / झुमरकर्णफूल जैसा, बीच में गोल बूँदें
फूल झुमकाझुमके का ही एक प्रकार

… शेष 15 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ध्यान दें: परीक्षा-जाल: “लूंग” कान और नाक दोनों में आता है। दोनों विकल्प मिलें तो कान चुनें — वहाँ पुरुष भी लूंग पहनते हैं।

6. नाक और दाँत के आभूषण

गहनापहचान
नथसोने के तार का मोटा गोल छल्ला; इसमें मोर आदि की नक़्क़ाशी
बेसर / बेसरिसोने के तार का; नाचता हुआ मोर चिह्नित
काँटासोने-चाँदी के तार का, छोटी घुंडी लगी
भंवरा / फीणीमोटा लूंग; बिश्नोई महिलाएँ पहनती हैं

… शेष 4 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

दाँत के आभूषण

  • चूंप ➜ दाँतों के बीच छेद करवाकर सोने की कील जड़वाना। [परीक्षा: VDO 2021 — दाँतों के बीच सोने की कील लगाने को क्या कहते हैं? ➜ चूंप]
  • रखन ➜ सोने या चाँदी की पतली खोल बनवाकर दाँत पर चढ़ाई जाती है।
  • अन्य ➜ धांस, मेख, मासा।

7. गले के आभूषण

गले के गहनों की सूची सबसे लम्बी है। नाम से ही पहचान हो जाती है — हार, माला, कंठ/गल शब्द वाले सब गले के हैं।

8. गले के प्रमुख गहने

गहनाबनावट / पहचान
तिमणियासोने की पतली पट्टी में मोती टाँककर बनाया जाता है
थमण्योतीन लड़ों वाला सोने का गहना; गूँथी हुई चीलों की सघन लड़ियों के बीच चार अंगुल की मोगरेदार सुनहरी पट्टी जोड़ी जाती है
आडजोधा अकबर फ़िल्म से मशहूर हुआ गहना; ननिहाल पक्ष की ओर से दुल्हन को पहनाया जाता है
झालरासोने/चाँदी की लड़ियों का हार, घुँघरियाँ लगी

9. हार और मालाएँ

याद रखें: जिस गहने के नाम में हार जुड़ा हो वह गले का है — चन्द्रहार, कण्ठाहार, रानीहार, हंसहार।

गहनापहचान
चन्द्रहार5–6 लड़ियाँ; शहरी महिलाओं में अधिक लोकप्रिय
कंठमालामाला-जैसा गले का गहना
मुक्तमालाप्राचीन काल में अमीर महिलाओं का; मोतियों की माला
माणिक्य मालामाणिक्य रत्न जड़े हों तो

10. कंठ-गल वाले और विशेष गहने

गहनापहचान
वैन / जंजीरसोने की साँकल; पुरुष भी पहनते हैं
मंगलसूत्रआजकल सुहाग का प्रतीक; काले मोतियों की लड़ी का हारनुमा रूप
हमेलसोने का हार-जैसा गहना; शेखावाटी में बहुत लोकप्रिय; स्थानीय भाषा में म्हेल
मादलिया / मांदल्याताबीज या ढोलक के आकार का छोटा गहना; डोरी में पिरोकर गले में

11. भुजा के आभूषण

गहनापहचान
बाजूबंध / उतरणोहाथ की बाजू में बाँधा जाने वाला सोने की बेल्ट जैसा गहना — “बाजूबन्द”
भुजबंधबाजूबंद का छोटा रूप; उससे पतला, हल्का पट्टीनुमा
टड्डा / अणतताँबे की छड़ को चूड़े की तरह मोड़कर उस पर सोने या चाँदी की परत चढ़ाई जाती है; स्त्रियाँ इसे बाँह पर पहनती हैं; भीनमाल क्षेत्र में नाम अडकाणियों

12. कलाई के आभूषण

चूड़ियों के प्रकार — किस चीज़ की

गहनाकिससे बना
चूड़ी / चूड़ियाँकाँच, सोना या चाँदी की गोल छोटी
चूड़चार अंगुल चौड़ा चाँदी का
चुड़ालाख की मोटी चूड़ियों का समूह
मोकड़ीलाख से बनी चूड़ियाँ

अन्य कलाई के गहने

गहनापहचान
कड़ाटड्डा जैसा, चूड़ी से मोटा व चौड़ा
पाटलाचूड़ी से चौड़ा कलाई का गहना; विधवा महिलाओं का चाँदी का पाटला-जैसा गहना बाहिवो
कंकण / कांनसोने-चाँदी का कलाई का आभूषण
काकणीचाँदी का कलाई का गहना

13. हाथ की उँगलियों के आभूषण

गहनापहचान
बीटी / अँगूठी / मूँदड़ीउँगली में पहना जाने वाला सबसे प्रचलित गहना
मुद्रिकानगीना जड़ी बिंटी (अँगूठी)
दामणा / दामणीदो उँगलियों में एक साथ डाली जाने वाली बिंटीनुमा अँगूठी

14. कमर के आभूषण

गहनापहचान
कणकती / कंदोरा / करधनीकमर में पहनी जाने वाली सोने-चाँदी की झूलती शृंखलाओं की पट्टी
सटकासोने-चाँदी के छल्लों का; लहँगे के नेफे में अटकाकर लटकता है; महिलाएँ चाबियाँ बाँधती हैं
तकड़ी / तागड़ीचाँदी की कमर-पेटी, घूँघरू लगे

15. पैर के आभूषण

गहनाबनावट / पहचान
कड़ा / कड़ीचाँदी का ठोस गोल गहना; गाँव की बुज़ुर्ग महिलाएँ पहनती हैं; पतला हो तो कड़ी
तोड़ा / लंगरकड़े के नीचे; चाँदी के मोटे तारों से, ऊपर संकरा नीचे चौड़ा
पायल / पायजेब / शकुंतलाचाँदी की छोटी जंजीर-सी, नीचे घुघरू; रमझोळ भी यही
रिमझोल / रोळपायजेब का प्रकार; मारवाड़ में सबसे प्रचलित

16. पैर की उँगलियों के गहने

गहनापहचान
बिछियाअँगूठे के पास वाली उँगली में; सुहाग का प्रतीक; बिछुड़ी / नखालियाँ / मच्छी भी
गोळयाचाँदी की चौड़ी, सादी अँगूठियाँ
पगपानहथफूल जैसा; पैर के अँगूठे व उँगलियों के छल्ले चैन से जुड़कर पायल से हुक द्वारा जुड़े; विवाह पर पहना जाता है

17. पुरुषों के आभूषण

गहनाकहाँ / कैसा
मुरकी / मुरकियासोने या चाँदी की गोलाकार ठोस कुड़क; कान में
लोंग / लूंग, झाले, छैलकड़ी, बीरबली, मादीकड़कमकान के गहने (बीरबली ठोस सोने की)
मोती चौकड़ामोतियों का स्वर्णाभूषण; कान में
बाजूबंद, नरमुखहाथ के गहने

18. बच्चों के आभूषण

गहनापहचान
हंसलीमोटे धातु-तार को जोड़कर बना गोल गहना, जो नन्हे बच्चे की हँसली (कॉलर-बोन) को सरकने से रोकने के लिए पहनाते हैं
कड़ूल्याहाथ और पैर में पहनने के कड़े
झांझरिया / पैंजणीपाँव की पतली साँकल जिस पर घुघरियाँ टँकी होती हैं
  • एक और गहना चौकोर/तिकोनी पत्तियों से बनता है और छोटे बच्चों के गले में पहनाया जाता है।
  • बच्चों के कानों में मोती या लूंग भी पहनाई जाती है।

19. रैपिड फायर तथ्य

  • गहनों-रत्नों का विश्व-प्रसिद्ध शहर ➜ जयपुर
  • सुहाग के प्रतीक ➜ रखड़ी, बिछिया, मंगलसूत्र
  • पैर में सोना ➜ केवल राजपूत स्त्रियाँ पहनती थीं
  • दाँतों के बीच सोने की कील ➜ चूंप (VDO 2021)
  • बोर ➜ बेर जैसा गोल; रखड़ी ➜ वैसा ही गोल, पर क़ीमती नग जड़े
  • लूंग ➜ कान और नाक दोनों में आता है; दोनों विकल्प हों तो कान चुनें
  • भंवरा / फीणी ➜ मोटा लूंग, बिश्नोई महिलाएँ पहनती हैं
  • हमेल ➜ शेखावाटी में बहुत लोकप्रिय गले का गहना
  • रिमझोल / रोळ ➜ पायजेब का प्रकार, मारवाड़ में सबसे प्रचलित

अगले भाग में पगड़ी का स्थान, पाग-पगड़ी-साफे का अन्तर, रियासतों की शाही पगड़ियाँ और पुरुषों के वस्त्र, फिर स्त्रियों की ओढ़नी, साड़ियाँ और आदिवासी पहनावा।

पिछला भाग: राजस्थान की हस्तकलाएँ: वस्त्र-कलाएँ एवं अन्य हस्तकलाएँ

अगला भाग: राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा: सिर के वस्त्र एवं स्त्रियों के वस्त्र

इन्हें भी पढ़ें: राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा · राजस्थान की हस्तकलाएँ

पूरी श्रृंखला: राजस्थान की कला एवं संस्कृति — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय

इस अध्याय की पूरी तैयारी चाहिए? ऊपर दिए नोट्स हर खंड का चुना हुआ हिस्सा हैं। पूरी तालिकाएँ, बाक़ी बिंदु, याद रखने की ट्रिक, नक्शे-चित्र और अभ्यास-प्रश्न राजस्थान के आभूषण के माइंड मैप में हैं। राजस्थान जी.के. के सभी विषय एक ही पास में उपलब्ध हैं।
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