मेले याद करने का सीधा तरीका है — स्थान, महीना और ख़ासियत तीनों साथ पढ़ना, फिर वही सूची कैलेंडर के क्रम से दोहराना। इस भाग में अजमेर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के मेले, फिर संभाग-वार पर्यटन महोत्सव और अंत में माह-वार दृश्य दिया गया है। जिन मेलों और महोत्सवों पर पहले की परीक्षाओं में प्रश्न बना, वहाँ परीक्षा का नाम जोड़ा गया है।
माइंड मैप खोलें ➜
1. अजमेर संभाग के मेले
| मेला | स्थान | माह / तिथि | विशेष |
|---|---|---|---|
| ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स | अजमेर | रज्जब की 1 से 6 तारीख़ | जनवरी 2025 में 813वाँ उर्स |
| बादशाह मेला | ब्यावर | चैत्र कृष्ण प्रतिपदा | इसमें बादशाह की सवारी निकलती है |
| पुष्कर मेला | पुष्कर (अजमेर) | कार्तिक पूर्णिमा; शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक — 1–5 नवम्बर 2025 | “राजस्थान का सबसे रंगीन मेला” |
| कल्पवृक्ष मेला | मांगलियावास (अजमेर) | श्रावण अमावस्या | — |
… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
ख़्वाजा साहब का उर्स
- चाँद दिखने के बाद दरगाह शरीफ़ के बुलन्द दरवाज़े पर झण्डा फहराकर उर्स शुरू होता है।
- रज्जब की नौ तारीख़ पर कुल की रस्म अदा होती है।
- ज़ायरीन मज़ार पर फ़ातिहा पढ़कर चादर चढ़ाते हैं।
पुष्कर — पौराणिक कथा
- पुराण-कथा ➜ ब्रह्मा ने वज्रनाभ राक्षस को कमल-पुष्प के प्रहार से मारा।
- कमल की पंखुड़ियाँ जहाँ-जहाँ गिरीं वहाँ 3 झीलें बनीं — ज्येष्ठ पुष्कर, मध्यम पुष्कर, कनिष्ठ पुष्कर।
- फिर यहीं ब्रह्मा का यज्ञ हुआ — कार्तिक के महीने में।
ध्यान दें: ख़्वाजा का उर्स रज्जब (हिजरी माह) में होता है, इसलिए उसकी अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है — 2025 में जनवरी, यही 813वाँ उर्स था।
2. जोधपुर संभाग के मेले
| मेला | स्थान | माह / तिथि | विशेष |
|---|---|---|---|
| वीरपुरी मेला | मण्डोर (जोधपुर) | श्रावण का अंतिम सोमवार | अब बंद; महाराजा अजीतसिंह ने मारवाड़ के योद्धाओं की विशाल प्रतिमाएँ एक चट्टान में तराशवाईं, जो “वीरों का दालान” कहलाती हैं |
| धींगा गवर बेंतमार मेला | जोधपुर | वैशाख कृष्ण तृतीया | — |
| नागपंचमी मेला | मण्डोर (जोधपुर) | भाद्रपद कृष्ण पंचमी | कुछ वर्षों से बंद |
| खेजड़ली मेला | खेजड़ली (जोधपुर) | भाद्रपद शुक्ल दशमी | पहला खेजड़ली दिवस 12 सितम्बर 1978 को मना था |
… शेष 8 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
ट्रिक: दो नृत्य-मेले — रामदेवरा = तेरहताली, कनाणा = गैर।
ध्यान दें: वीरपुरी व नागपंचमी — दोनों मण्डोर के मेले इन दिनों बंद हैं। नागपंचमी की तिथि श्रावण कृष्ण पंचमी बताई जाती है, पर मण्डोर में मेला भाद्रपद की कृष्ण पंचमी पर भरता था।
3. बीकानेर संभाग के मेले
| मेला | स्थान | माह / तिथि | विशेष |
|---|---|---|---|
| कपिल मुनि का मेला | कोलायत (बीकानेर) | कार्तिक पूर्णिमा | जांगल प्रदेश (बीकानेर क्षेत्र) का सबसे बड़ा मेला; 4–5 नवम्बर 2025 [परीक्षा: पशु परिचर, 2024 — कार्तिक पूर्णिमा को कपिल मुनि का मेला कहाँ लगता है? ➜ कोलायत, बीकानेर] |
| जाम्भो जी का मेला | मुकाम (बीकानेर) | — | — |
| सालासर बालाजी मेला | सालासर (चूरू) | चैत्र पूर्णिमा | — |
| साहवा मेला | साहवा (चूरू) | गुरुनानक जयन्ती पर | राजस्थान में सिखों का सबसे बड़ा मेला |
… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
ट्रिक: चूरू के दो मेले — सालासर (चैत्र पूर्णिमा, हनुमान जयन्ती) और साहवा (गुरुनानक जयन्ती); गंगानगर के दो — बुड्ढा जोहड़ व डाड़ा पम्पाराम।
4. पर्यटन मेले व महोत्सव
ये महोत्सव पर्यटन विभाग व संस्थाएँ हर साल आयोजित करती हैं। तिथियाँ कुछ महोत्सवों की निश्चित (तिथि-आधारित) और कुछ की हर साल बदलने वाली होती हैं; सारणी में जो वर्ष लिखा है वह उसी संस्करण की तिथि है।
5. उदयपुर संभाग के महोत्सव
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| मेवाड़ महोत्सव | उदयपुर | मार्च–अप्रैल | 31 मार्च–1 अप्रैल 2025 |
| शिल्पग्राम महोत्सव | उदयपुर | दिसम्बर | 21–30 दिसम्बर 2024 |
| आदि महोत्सव | उदयपुर | — | 15 नवम्बर 2024 |
| उदयपुर जैज़ फ़ेस्टिवल | उदयपुर | — | 13–15 जनवरी 2025 |
6. कोटा व भरतपुर संभाग
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| दशहरा उत्सव | कोटा | अक्टूबर | आश्विन शुक्ल दशमी; 3–28 अक्टूबर 2024 |
| एडवेंचर स्पोर्ट्स | कोटा–बूँदी | फरवरी | — |
| बूँदी उत्सव | बूँदी | नवम्बर–दिसम्बर | 18–20 नवम्बर 2024 |
7. जयपुर संभाग के महोत्सव
जयपुर शहर
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| राजस्थान फ़ेस्टिवल | जयपुर | 30 मार्च | 30 मार्च 2025 |
| गणगौर उत्सव / मेला | जयपुर | मार्च–अप्रैल | चैत्र शुक्ल 3; 31 मार्च–1 अप्रैल 2025 |
| तीज उत्सव | जयपुर | जुलाई–अगस्त | श्रावण शुक्ल 3; 27–28 जुलाई 2025 |
| हाथी महोत्सव | जयपुर | मार्च | 25 मार्च 2024 |
जयपुर संभाग के अन्य
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल (18वाँ संस्करण) | आमेर, जयपुर | — | 30 जनवरी–3 फरवरी 2025; साहित्यिक उत्सव |
| साँभर फ़ेस्टिवल | साँभर (जयपुर) | जनवरी | 24–28 जनवरी 2025 |
| आभानेरी महोत्सव | आभानेरी (दौसा) | सितम्बर–अक्टूबर | पर्यटन विभाग द्वारा; 4–5 अक्टूबर 2024 |
8. अजमेर संभाग के महोत्सव
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| धार्मिक संगीत समारोह | पुष्कर (अजमेर) | — | — |
| नागौर मेला | नागौर | जनवरी–फरवरी | 3–6 फरवरी 2025 |
| मीरां महोत्सव | मेड़ता सिटी (नागौर) | — | 4–5 अक्टूबर 2024 |
9. जोधपुर संभाग के महोत्सव
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| मारवाड़ महोत्सव | जोधपुर | अक्टूबर | 16–17 अक्टूबर 2024 (आश्विन पूर्णिमा) |
| मरु महोत्सव | जैसलमेर | जनवरी–फरवरी | 10–12 फरवरी 2025 (माघ पूर्णिमा) [परीक्षा: पशु परिचर, 2024 — किस नगर में हर साल मरु महोत्सव का आयोजन होता है? ➜ जैसलमेर] |
| जैसलमेर पतंग महोत्सव | जैसलमेर | फरवरी | — |
| बैलून महोत्सव | बाड़मेर | अप्रैल | — |
10. बीकानेर संभाग के महोत्सव
| महोत्सव | स्थान | महीना | तिथि / विवरण |
|---|---|---|---|
| ऊँट महोत्सव | बीकानेर | जनवरी | 10–12 जनवरी 2025 [परीक्षा: पशु परिचर, 2024 — ऊँट उत्सव (उष्ट्र महोत्सव) हर वर्ष किस शहर में रंग जमाता है? ➜ बीकानेर] |
| राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव (14वाँ) | बीकानेर | — | 25 फरवरी–5 मार्च 2023 |
| मोमासर उत्सव | बीकानेर | — | 3–5 नवम्बर 2024 |
11. माह-वार दृश्य
ऊपर संभाग के हिसाब से पढ़ा; अब उन्हीं मेलों को कैलेंडर की तिथि के क्रम में दोहराएँ। यही क्रम परीक्षा में “किस माह में कौन-सा मेला” जैसे प्रश्नों के लिए काम आता है।
हिन्दू वर्ष में मेलों का प्रवाह
- चैत्र–आषाढ़ (गर्मी)
- श्रावण–भाद्रपद (वर्षा, लोकदेवता)
- आश्विन–फाल्गुन (शरद-शिशिर)
12. चैत्र से आषाढ़ — मेले
| तिथि | मेला | स्थान |
|---|---|---|
| चैत्र कृष्ण 1 | बादशाह मेला · फूलडोल महोत्सव (कृ. 1–5) | ब्यावर · शाहपुरा (भीलवाड़ा) |
| चैत्र कृष्ण 8 | शीतला माता मेला · केसरियाजी (ऋषभदेव) मेला (कृ. 8–9) | चाकसू (जयपुर) · धुलेव (उदयपुर) |
| शीतलाष्टमी | कानन / कनाणा मेला | कनाणा (बालोतरा) |
| चैत्र अमावस्या | विक्रमादित्य मेला · घोटिया अम्बा मेला | उदयपुर · बौरीगामा (बाँसवाड़ा) |
13. श्रावण–भाद्रपद के मेले
| तिथि | मेला | स्थान |
|---|---|---|
| श्रावण का अंतिम सोमवार | वीरपुरी मेला | मण्डोर (जोधपुर) |
| श्रावण शुक्ल 6–7 | फूटा देवल / परशुराम महादेव मेला | राजसमंद |
| श्रावण अमावस्या | कल्पवृक्ष मेला · डिग्गी के कल्याणजी का मेला · गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ मेला | मांगलियावास (अजमेर) · डिग्गीपुरी (टोंक) · गंगानगर |
| श्रावण शुक्ल 11 – भाद्रपद कृष्ण 3 | चारभुजानाथ मेला | मेड़ता सिटी (नागौर) |
14. आश्विन से फाल्गुन — मेले
| तिथि | मेला | स्थान |
|---|---|---|
| आश्विन नवरात्र | शीलादेवी मेला | आमेर (जयपुर) |
| आश्विन शुक्ल 10 | कोटा का दशहरा मेला | कोटा |
| आश्विन पूर्णिमा | मीरां महोत्सव | चित्तौड़गढ़ |
| कार्तिक शुक्ल 1 | अन्नकूट महोत्सव | नाथद्वारा (राजसमंद) |
15. पर्यटन महोत्सव — जनवरी से दिसम्बर
| माह | महोत्सव (स्थान) |
|---|---|
| जनवरी | ऊँट महोत्सव (बीकानेर) · पतंग महोत्सव, 14 जनवरी (जयपुर) · उदयपुर जैज़ फ़ेस्टिवल · साँभर फ़ेस्टिवल · पिंकसिटी फ़ेस्टिवल (जयपुर) · जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल (आमेर) · रिफ़ (जयपुर) · नागौर मेला (जनवरी–फरवरी) · मरु महोत्सव (जनवरी–फरवरी) |
| फरवरी | वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल (उदयपुर) · मरु महोत्सव (जैसलमेर) · जैसलमेर पतंग महोत्सव · अलवर महोत्सव · जालौर महोत्सव · माही महोत्सव (बाँसवाड़ा) · एडवेंचर स्पोर्ट्स (कोटा–बूँदी) · फ़ोर्ट फ़ेस्टिवल (चित्तौड़) · ब्रज होली (भरतपुर) · शेखावाटी महोत्सव · थार महोत्सव (फरवरी–मार्च) |
| मार्च | हाथी महोत्सव (जयपुर) · जौहर श्रद्धांजलि (चित्तौड़) · राजस्थान फ़ेस्टिवल, 30 मार्च (जयपुर) · गणगौर व मेवाड़ महोत्सव (मार्च–अप्रैल) · राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव (बीकानेर, 25 फरवरी–5 मार्च 2023) |
| अप्रैल | बैलून महोत्सव (बाड़मेर) |
रिवीजन पॉइंटर्स
- ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स रज्जब की 1 से 6 तारीख़ तक होता है; हिजरी माह होने से अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है।
- पुष्कर मेला कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है और «राजस्थान का सबसे रंगीन मेला» कहलाता है।
- कोलायत (बीकानेर) में कार्तिक पूर्णिमा पर कपिल मुनि का मेला भरता है — जांगल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला।
- साहवा (चूरू) का मेला राजस्थान में सिखों का सबसे बड़ा मेला है।
- खेजड़ली मेला भाद्रपद शुक्ल दशमी को लगता है; पहला खेजड़ली दिवस 12 सितम्बर 1978 को मना था।
- मण्डोर के वीरपुरी और नागपंचमी मेले इन दिनों बंद हैं।
- दो नृत्य-मेले — रामदेवरा में तेरहताली और कनाणा में गैर।
- मरु महोत्सव हर साल जैसलमेर में होता है (माघ पूर्णिमा के आसपास)।
- ऊँट महोत्सव (उष्ट्र महोत्सव) बीकानेर में जनवरी में होता है।
अगले भाग में राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय — सबसे प्राचीन, सबसे बड़े और पहले संग्रहालय, दस «नवलखा» स्थल तथा उदयपुर, कोटा व भरतपुर संभाग के संग्रहालय।
पिछला भाग: राजस्थान के त्योहार व मेले: होली के रंग एवं अन्य धर्मों व समुदायों के पर्व
अगला भाग: राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय: उदयपुर संभाग
इन्हें भी पढ़ें: राजस्थान के लोकदेवता · राजस्थान की प्रथाएँ व रीति रिवाज
पूरी श्रृंखला: राजस्थान की कला एवं संस्कृति — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय
इस विषय का माइंड मैप ➜Complete Rajasthan GK पास देखें



