राजस्थान के त्योहार व मेले: धार्मिक मेले — संभाग-वार (भाग 2) एवं पर्यटन मेले व महोत्सव – Rajasthan Art and Culture Chapter 60

अजमेर, जोधपुर, बीकानेर संभाग के मेले, पर्यटन महोत्सव और माह-वार क्रम, PYQ सहित।

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In this chapter (16 sections)
  1. अजमेर संभाग के मेले
  2. जोधपुर संभाग के मेले
  3. बीकानेर संभाग के मेले
  4. पर्यटन मेले व महोत्सव
  5. उदयपुर संभाग के महोत्सव
  6. कोटा व भरतपुर संभाग
  7. जयपुर संभाग के महोत्सव
  8. अजमेर संभाग के महोत्सव
  9. जोधपुर संभाग के महोत्सव
  10. बीकानेर संभाग के महोत्सव
  11. माह-वार दृश्य
  12. चैत्र से आषाढ़ — मेले
  13. श्रावण–भाद्रपद के मेले
  14. आश्विन से फाल्गुन — मेले
  15. पर्यटन महोत्सव — जनवरी से दिसम्बर
  16. रिवीजन पॉइंटर्स

मेले याद करने का सीधा तरीका है — स्थान, महीना और ख़ासियत तीनों साथ पढ़ना, फिर वही सूची कैलेंडर के क्रम से दोहराना। इस भाग में अजमेर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के मेले, फिर संभाग-वार पर्यटन महोत्सव और अंत में माह-वार दृश्य दिया गया है। जिन मेलों और महोत्सवों पर पहले की परीक्षाओं में प्रश्न बना, वहाँ परीक्षा का नाम जोड़ा गया है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान के त्योहार व मेले, 9 चॉक-बोर्ड चित्र, 28 नक्शे, 31 फ्लैशकार्ड और 15 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
माइंड मैप खोलें ➜

1. अजमेर संभाग के मेले

मेलास्थानमाह / तिथिविशेष
ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्सअजमेररज्जब की 1 से 6 तारीख़जनवरी 2025 में 813वाँ उर्स
बादशाह मेलाब्यावरचैत्र कृष्ण प्रतिपदाइसमें बादशाह की सवारी निकलती है
पुष्कर मेलापुष्कर (अजमेर)कार्तिक पूर्णिमा; शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक — 1–5 नवम्बर 2025“राजस्थान का सबसे रंगीन मेला”
कल्पवृक्ष मेलामांगलियावास (अजमेर)श्रावण अमावस्या—

… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ख़्वाजा साहब का उर्स

  • चाँद दिखने के बाद दरगाह शरीफ़ के बुलन्द दरवाज़े पर झण्डा फहराकर उर्स शुरू होता है।
  • रज्जब की नौ तारीख़ पर कुल की रस्म अदा होती है।
  • ज़ायरीन मज़ार पर फ़ातिहा पढ़कर चादर चढ़ाते हैं।

पुष्कर — पौराणिक कथा

  • पुराण-कथा ➜ ब्रह्मा ने वज्रनाभ राक्षस को कमल-पुष्प के प्रहार से मारा।
  • कमल की पंखुड़ियाँ जहाँ-जहाँ गिरीं वहाँ 3 झीलें बनीं — ज्येष्ठ पुष्कर, मध्यम पुष्कर, कनिष्ठ पुष्कर।
  • फिर यहीं ब्रह्मा का यज्ञ हुआ — कार्तिक के महीने में।

ध्यान दें: ख़्वाजा का उर्स रज्जब (हिजरी माह) में होता है, इसलिए उसकी अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है — 2025 में जनवरी, यही 813वाँ उर्स था।

2. जोधपुर संभाग के मेले

मेलास्थानमाह / तिथिविशेष
वीरपुरी मेलामण्डोर (जोधपुर)श्रावण का अंतिम सोमवारअब बंद; महाराजा अजीतसिंह ने मारवाड़ के योद्धाओं की विशाल प्रतिमाएँ एक चट्टान में तराशवाईं, जो “वीरों का दालान” कहलाती हैं
धींगा गवर बेंतमार मेलाजोधपुरवैशाख कृष्ण तृतीया—
नागपंचमी मेलामण्डोर (जोधपुर)भाद्रपद कृष्ण पंचमीकुछ वर्षों से बंद
खेजड़ली मेलाखेजड़ली (जोधपुर)भाद्रपद शुक्ल दशमीपहला खेजड़ली दिवस 12 सितम्बर 1978 को मना था

… शेष 8 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: दो नृत्य-मेले — रामदेवरा = तेरहताली, कनाणा = गैर।

ध्यान दें: वीरपुरी व नागपंचमी — दोनों मण्डोर के मेले इन दिनों बंद हैं। नागपंचमी की तिथि श्रावण कृष्ण पंचमी बताई जाती है, पर मण्डोर में मेला भाद्रपद की कृष्ण पंचमी पर भरता था।

3. बीकानेर संभाग के मेले

मेलास्थानमाह / तिथिविशेष
कपिल मुनि का मेलाकोलायत (बीकानेर)कार्तिक पूर्णिमाजांगल प्रदेश (बीकानेर क्षेत्र) का सबसे बड़ा मेला; 4–5 नवम्बर 2025 [परीक्षा: पशु परिचर, 2024 — कार्तिक पूर्णिमा को कपिल मुनि का मेला कहाँ लगता है? ➜ कोलायत, बीकानेर]
जाम्भो जी का मेलामुकाम (बीकानेर)——
सालासर बालाजी मेलासालासर (चूरू)चैत्र पूर्णिमा—
साहवा मेलासाहवा (चूरू)गुरुनानक जयन्ती परराजस्थान में सिखों का सबसे बड़ा मेला

… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: चूरू के दो मेले — सालासर (चैत्र पूर्णिमा, हनुमान जयन्ती) और साहवा (गुरुनानक जयन्ती); गंगानगर के दो — बुड्ढा जोहड़ व डाड़ा पम्पाराम।

4. पर्यटन मेले व महोत्सव

ये महोत्सव पर्यटन विभाग व संस्थाएँ हर साल आयोजित करती हैं। तिथियाँ कुछ महोत्सवों की निश्चित (तिथि-आधारित) और कुछ की हर साल बदलने वाली होती हैं; सारणी में जो वर्ष लिखा है वह उसी संस्करण की तिथि है।

5. उदयपुर संभाग के महोत्सव

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
मेवाड़ महोत्सवउदयपुरमार्च–अप्रैल31 मार्च–1 अप्रैल 2025
शिल्पग्राम महोत्सवउदयपुरदिसम्बर21–30 दिसम्बर 2024
आदि महोत्सवउदयपुर—15 नवम्बर 2024
उदयपुर जैज़ फ़ेस्टिवलउदयपुर—13–15 जनवरी 2025

6. कोटा व भरतपुर संभाग

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
दशहरा उत्सवकोटाअक्टूबरआश्विन शुक्ल दशमी; 3–28 अक्टूबर 2024
एडवेंचर स्पोर्ट्सकोटा–बूँदीफरवरी—
बूँदी उत्सवबूँदीनवम्बर–दिसम्बर18–20 नवम्बर 2024

7. जयपुर संभाग के महोत्सव

जयपुर शहर

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
राजस्थान फ़ेस्टिवलजयपुर30 मार्च30 मार्च 2025
गणगौर उत्सव / मेलाजयपुरमार्च–अप्रैलचैत्र शुक्ल 3; 31 मार्च–1 अप्रैल 2025
तीज उत्सवजयपुरजुलाई–अगस्तश्रावण शुक्ल 3; 27–28 जुलाई 2025
हाथी महोत्सवजयपुरमार्च25 मार्च 2024

जयपुर संभाग के अन्य

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल (18वाँ संस्करण)आमेर, जयपुर—30 जनवरी–3 फरवरी 2025; साहित्यिक उत्सव
साँभर फ़ेस्टिवलसाँभर (जयपुर)जनवरी24–28 जनवरी 2025
आभानेरी महोत्सवआभानेरी (दौसा)सितम्बर–अक्टूबरपर्यटन विभाग द्वारा; 4–5 अक्टूबर 2024

8. अजमेर संभाग के महोत्सव

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
धार्मिक संगीत समारोहपुष्कर (अजमेर)——
नागौर मेलानागौरजनवरी–फरवरी3–6 फरवरी 2025
मीरां महोत्सवमेड़ता सिटी (नागौर)—4–5 अक्टूबर 2024

9. जोधपुर संभाग के महोत्सव

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
मारवाड़ महोत्सवजोधपुरअक्टूबर16–17 अक्टूबर 2024 (आश्विन पूर्णिमा)
मरु महोत्सवजैसलमेरजनवरी–फरवरी10–12 फरवरी 2025 (माघ पूर्णिमा) [परीक्षा: पशु परिचर, 2024 — किस नगर में हर साल मरु महोत्सव का आयोजन होता है? ➜ जैसलमेर]
जैसलमेर पतंग महोत्सवजैसलमेरफरवरी—
बैलून महोत्सवबाड़मेरअप्रैल—

10. बीकानेर संभाग के महोत्सव

महोत्सवस्थानमहीनातिथि / विवरण
ऊँट महोत्सवबीकानेरजनवरी10–12 जनवरी 2025 [परीक्षा: पशु परिचर, 2024 — ऊँट उत्सव (उष्ट्र महोत्सव) हर वर्ष किस शहर में रंग जमाता है? ➜ बीकानेर]
राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव (14वाँ)बीकानेर—25 फरवरी–5 मार्च 2023
मोमासर उत्सवबीकानेर—3–5 नवम्बर 2024

11. माह-वार दृश्य

ऊपर संभाग के हिसाब से पढ़ा; अब उन्हीं मेलों को कैलेंडर की तिथि के क्रम में दोहराएँ। यही क्रम परीक्षा में “किस माह में कौन-सा मेला” जैसे प्रश्नों के लिए काम आता है।

हिन्दू वर्ष में मेलों का प्रवाह

  1. चैत्र–आषाढ़ (गर्मी)
  2. श्रावण–भाद्रपद (वर्षा, लोकदेवता)
  3. आश्विन–फाल्गुन (शरद-शिशिर)

12. चैत्र से आषाढ़ — मेले

तिथिमेलास्थान
चैत्र कृष्ण 1बादशाह मेला · फूलडोल महोत्सव (कृ. 1–5)ब्यावर · शाहपुरा (भीलवाड़ा)
चैत्र कृष्ण 8शीतला माता मेला · केसरियाजी (ऋषभदेव) मेला (कृ. 8–9)चाकसू (जयपुर) · धुलेव (उदयपुर)
शीतलाष्टमीकानन / कनाणा मेलाकनाणा (बालोतरा)
चैत्र अमावस्याविक्रमादित्य मेला · घोटिया अम्बा मेलाउदयपुर · बौरीगामा (बाँसवाड़ा)

13. श्रावण–भाद्रपद के मेले

तिथिमेलास्थान
श्रावण का अंतिम सोमवारवीरपुरी मेलामण्डोर (जोधपुर)
श्रावण शुक्ल 6–7फूटा देवल / परशुराम महादेव मेलाराजसमंद
श्रावण अमावस्याकल्पवृक्ष मेला · डिग्गी के कल्याणजी का मेला · गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ मेलामांगलियावास (अजमेर) · डिग्गीपुरी (टोंक) · गंगानगर
श्रावण शुक्ल 11 – भाद्रपद कृष्ण 3चारभुजानाथ मेलामेड़ता सिटी (नागौर)

14. आश्विन से फाल्गुन — मेले

तिथिमेलास्थान
आश्विन नवरात्रशीलादेवी मेलाआमेर (जयपुर)
आश्विन शुक्ल 10कोटा का दशहरा मेलाकोटा
आश्विन पूर्णिमामीरां महोत्सवचित्तौड़गढ़
कार्तिक शुक्ल 1अन्नकूट महोत्सवनाथद्वारा (राजसमंद)

15. पर्यटन महोत्सव — जनवरी से दिसम्बर

माहमहोत्सव (स्थान)
जनवरीऊँट महोत्सव (बीकानेर) · पतंग महोत्सव, 14 जनवरी (जयपुर) · उदयपुर जैज़ फ़ेस्टिवल · साँभर फ़ेस्टिवल · पिंकसिटी फ़ेस्टिवल (जयपुर) · जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल (आमेर) · रिफ़ (जयपुर) · नागौर मेला (जनवरी–फरवरी) · मरु महोत्सव (जनवरी–फरवरी)
फरवरीवर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल (उदयपुर) · मरु महोत्सव (जैसलमेर) · जैसलमेर पतंग महोत्सव · अलवर महोत्सव · जालौर महोत्सव · माही महोत्सव (बाँसवाड़ा) · एडवेंचर स्पोर्ट्स (कोटा–बूँदी) · फ़ोर्ट फ़ेस्टिवल (चित्तौड़) · ब्रज होली (भरतपुर) · शेखावाटी महोत्सव · थार महोत्सव (फरवरी–मार्च)
मार्चहाथी महोत्सव (जयपुर) · जौहर श्रद्धांजलि (चित्तौड़) · राजस्थान फ़ेस्टिवल, 30 मार्च (जयपुर) · गणगौर व मेवाड़ महोत्सव (मार्च–अप्रैल) · राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव (बीकानेर, 25 फरवरी–5 मार्च 2023)
अप्रैलबैलून महोत्सव (बाड़मेर)

रिवीजन पॉइंटर्स

  1. ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स रज्जब की 1 से 6 तारीख़ तक होता है; हिजरी माह होने से अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है।
  2. पुष्कर मेला कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है और «राजस्थान का सबसे रंगीन मेला» कहलाता है।
  3. कोलायत (बीकानेर) में कार्तिक पूर्णिमा पर कपिल मुनि का मेला भरता है — जांगल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला।
  4. साहवा (चूरू) का मेला राजस्थान में सिखों का सबसे बड़ा मेला है।
  5. खेजड़ली मेला भाद्रपद शुक्ल दशमी को लगता है; पहला खेजड़ली दिवस 12 सितम्बर 1978 को मना था।
  6. मण्डोर के वीरपुरी और नागपंचमी मेले इन दिनों बंद हैं।
  7. दो नृत्य-मेले — रामदेवरा में तेरहताली और कनाणा में गैर।
  8. मरु महोत्सव हर साल जैसलमेर में होता है (माघ पूर्णिमा के आसपास)।
  9. ऊँट महोत्सव (उष्ट्र महोत्सव) बीकानेर में जनवरी में होता है।

अगले भाग में राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय — सबसे प्राचीन, सबसे बड़े और पहले संग्रहालय, दस «नवलखा» स्थल तथा उदयपुर, कोटा व भरतपुर संभाग के संग्रहालय।

पिछला भाग: राजस्थान के त्योहार व मेले: होली के रंग एवं अन्य धर्मों व समुदायों के पर्व

अगला भाग: राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय: उदयपुर संभाग

इन्हें भी पढ़ें: राजस्थान के लोकदेवता · राजस्थान की प्रथाएँ व रीति रिवाज

पूरी श्रृंखला: राजस्थान की कला एवं संस्कृति — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय

इस अध्याय की पूरी तैयारी चाहिए? ऊपर दिए नोट्स हर खंड का चुना हुआ हिस्सा हैं। पूरी तालिकाएँ, बाक़ी बिंदु, याद रखने की ट्रिक, नक्शे-चित्र और अभ्यास-प्रश्न राजस्थान के त्योहार व मेले के माइंड मैप में हैं। राजस्थान जी.के. के सभी विषय एक ही पास में उपलब्ध हैं।
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