शब्दावली रटने से नहीं, जोड़ियाँ बनाकर याद करने से पक्की होती है — किस काम का कौन-सा औज़ार, किस बर्तन में क्या बनता है। यहाँ खेती के काम, फसलें, औज़ार, सिंचाई और भूमि के नाम के बाद बर्तन, दही बिलौने और खान-पान के शब्द क्रमवार रखे गए हैं। साथ में पशुओं, घोड़े और ऊँट के साज़, विवाह की रस्मों और पारम्परिक खेलों के नाम भी आते हैं। जो शब्द पहले परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं, उनके आगे परीक्षा का नाम लिखा गया है।
इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थानी शब्दावली, 6 चॉक-बोर्ड चित्र, 25 फ्लैशकार्ड और 15 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
माइंड मैप खोलें ➜ 1. एक नज़र में यह अध्याय शब्दों का कोश है। नीचे हर शाखा का एक हिस्सा बताया है; पूरी सूची उन्हीं शाखाओं में है।
शाखा किसके शब्द खेत व खेती कार्य, फसलें, औज़ार, सिंचाई, भूमि के नाम, गोबर-चारा रसोई व घर-गृहस्थी बर्तन, दही बिलौना, खान-पान पशुपालन पशुओं की रस्सियाँ, घोड़े और ऊँट का साज़
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पिछली परीक्षाओं में पूछे गए शब्द शब्द अर्थ कहाँ पूछा नोहरा हवेली में मवेशियों के रखने की जगह सहायक प्रोफ़ेसर (कला इतिहास), 2024 मोकड़ी लाख की चूड़ियाँ CET 10+2, 2023 आड़ी पहेली REET लेवल-2 (SST), 2023 हुंकारा कथा सुनते समय “हाँ” भरने की ध्वनि REET लेवल-2 (अंग्रेज़ी), 2023
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ट्रिक: सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले शब्द — नोहरा, मोकड़ी, आड़ी, हुंकारा, बातपोस, औरण, पलाण, सिरावण । इन्हें पहले पक्का करें।
2. खेती के काम शब्द अर्थ सूड़ करना बुवाई से पहले खेत में खड़ी झाड़ियाँ हटाना हलसोत्यो गर्मी के बाद पहली बारिश पर हाळी का हल जोतना। इस दिन हल और हाळी के गोगाजी की राखड़ी बाँधी जाती है, किसान तेजा टेर गाता है और घरों में खीचड़ा बनता है हाळी / हाली हल जोतने वाला व्यक्ति बान बुवाई से पहले ज़मीन को पोला करना
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दो फसलें नाम ब्योरा उदाहरण उनालू / रबी सर्दियों की फसल, फ़रवरी-मार्च में कटती है चना, गेहूँ, जौ, सरसों स्यालू / खरीफ मानसून की फसल, दीपावली के आसपास कटती है ज्वार, बाजरा, मक्का, मूँगफली, मूँग, मोठ
ट्रिक: काम का क्रम — सूड़ → हलसोत्यो → बान → सुहागो → बुवाई → निनाण → पाणत → लावणी । “सू-ह-बा-सु-बु-नि-पा-ला”।
रोचक तथ्य: हलसोत्यो पर हल-हाळी के गोगाजी की राखड़ी बाँधने का रिवाज़ है — लोकदेवता गोगाजी और तेजाजी (तेजा टेर) दोनों खेती से जुड़े।
3. फसल, पौधे व खेत की रचनाएँ शब्द अर्थ सिट्टा / सरा बाजरे का दानों वाला भाग कड़बी बाजरे का सिट्टा हटने पर बचा डंठल — पशुओं के चारे में पूळा बाजरा-ज्वार काटकर बाँधे गए छोटे बंडल काकड़ा कपास के बीज
खेत की सुरक्षा और ठिकाने शब्द अर्थ बाड़ आवारा पशुओं को रोकने के लिए लकड़ी / काँटेदार झाड़ियों की रुकावट खाई पशुओं को घुसने से रोकने के लिए खोदी गई खाई अड़वों / ओझको / ओद्यो पशु-पक्षी डराने के लिए लकड़ी का बनाया नकली आदमी — टाऊ / बिजूका
4. खेती के औज़ार औज़ार क्या है खळो / लाटो खेत के पास अनाज निकालने के लिए तैयार की गई पक्की ज़मीन दंताळी कचरा इकट्ठा करने का 4 फ़ुट लम्बा दाँतेदार औज़ार जेळी / जेई दो सींग वाला उपकरण, जिससे लकड़ी या फसल समेटी जाती हैचौसींगी चार सींग वाला उपकरण, अनाज निकालने के काम का
मिट्टी-पत्थर के औज़ार और फेंकने के साधन औज़ार क्या है कुदाली / पावड़ो / कस्सी मिट्टी खोदने या ज़मीन समतल करने का लोहे का औज़ार, लकड़ी की मूठ वाला हींसू पत्थर खोदने का मज़बूत, कुदाली जैसा लोहे का औज़ार तैती कठोर ज़मीन खोदने का तीखा औज़ार
5. सिंचाई की शब्दावली शब्द अर्थ रहंट / ओठ कुएँ से पानी निकालने का चक्करदार उपकरण ढीकली लकड़ी के सिरे पर चड़स बाँधकर पानी खींचने की युक्ति — काम तराज़ू (तुला) जैसा भूण कुएँ के दोनों खम्भों (साखों) के बीच जड़ा चकरी जैसा लकड़ी का घेरा चड़स कुएँ का पानी खींचने वाला पात्र-उपकरण
ध्यान दें: घोरा के दो अर्थ — पानी की नाली और रेत का टीला । ढीकली तुला जैसी; भूण चकरी जैसा घेरा।
6. गोबर, झाड़ू और चारा शब्द अर्थ थेपड़ी हाथ से थेपकर सुखाया गया गोबर छाणा / कण्डे बिना थेपे अपने-आप सूखा गोबर बटेबड़ा / बटोड़ा उपलों-थेपड़ियों को सलीक़े से चुनकर चारों तरफ़ से लीप दिया जाता है
7. भूमि के नाम शब्द अर्थ चरणोट / बीड़ पशु चराने के लिए छोड़ी गई चरागाह भूमि ओरण किसी लोकदेवी / लोकदेवता के मन्दिर के पास छोड़ा गया वन — यहाँ लकड़ी आदि काटना मना रखत थोड़े समय के लिए जानबूझकर बिना बोए छोड़ा हुआ खेत हड़ावों बिना बुवाई की ज़मीन जो पशु चराने के काम आती है
8. बर्तन और घर का सामान पानी और अनाज के पात्र शब्द अर्थ मटका मिट्टी का पानी रखने का बर्तन चिपणिया मटका ढकने का मिट्टी का ढक्कन लोटड़ी ठंडे पानी का मिट्टी का बर्तन, जिसमें पैंदा नहीं होता कुंजिया लोटड़ी जैसा, पर पैंदे वाला
रसोई में शब्द अर्थ परात आटा गूँथने का, थाली से बड़ा धातु का पात्र कुण्डो आटा गूँथने की मिट्टी की परात ; रंगरेज इसमें रंग भी घोलते हैं डेगची सब्ज़ी बनाने का धातु का पात्र चकळा रोटी बेलने का लकड़ी का पाठा
तराजू, जूती और झूला शब्द अर्थ चेला तराजू के पलड़े ताकड़ी / नरज्या बड़ा तराजू / छोटा तराजू पैराज पढ़े-लिखे लोगों की जूतियाँ
9. दही बिलौने की शब्दावली शब्द अर्थ जावणी चौड़े मुँह का मटकेनुमा मिट्टी का बर्तन, जिसमें दही जमाया जाता है कढ़ावणी दूध गर्म करने का मिट्टी का बर्तन बलोवणी / बिलोवणो दही बिलोने का मटकेनुमा मिट्टी का बर्तन झेरणो / रई बेलन जैसा लकड़ी का मथानी-डंडा; सिखळों के सहारे इसी से दही मथा जाता है
दही से घी तक दूध गर्म — कढ़ावणी दही जमाना — जावणी बिलोना — बिलोवणो + झेरणो + सीखळा + नेतरा 10. खान-पान की शब्दावली खाने के समय शब्द कब का खाना सिरावण / कलेवा किसान का सुबह का नाश्ता भात / भाता खेत पर किया जाने वाला दोपहर का खाना ब्यालू गाँवों में रात का खाना
व्यंजन व्यंजन कैसे बनता है चूरमा रोटी या बाटी को घी-शक्कर में चूरकर सिरा / हलवा घी में भुना गेहूँ का आटा (मीठा) भूगड़ा भुने हुए चने सत्तू आटे में चीनी मिलाकर बना खाद्य
जांवण — दही जमाने के काम आने वाली खटाई, दही या छाछ।
11. पशुओं से जुड़े शब्द शब्द अर्थ नोहरा मवेशियों को बन्द करने का सुरक्षित बाड़ा / अहाता, जो कच्ची दीवार या काँटेदार बाड़ से घिरा होता है; यहीं घास-फूस और चारा भी रखा जाता है खूँटा पशु बाँधने के लिए ज़मीन में गाड़ी गई लकड़ी मेख ज़मीन या दीवार में लगी कील, जिससे घोड़ा बाँधा जाता है खेळी / पो पशुओं के पानी पीने का हौज़
12. घोड़े का साज़ शब्द अर्थ जीण कपड़े से बनी काठी; इसी का चमड़े वाला रूप सपाट कहलाता है जीणपोष घोड़े की पीठ पर ऊपर से ओढ़ाया जाने वाला कपड़ा गजगाव जीण के आगे-पीछे लगा चँवर
13. ऊँट का साज़ शब्द अर्थ पलाण / पिलाण सवारी के समय ऊँट की पीठ पर बाँधा जाने वाला लकड़ी का आसन गिरबाण ऊँट की नाक में पहनाई जाने वाली लकड़ी की कील नकेल / बेलचा गिरबाण में बाँधी जाने वाली रस्सी
परीक्षा में पलाण, मोहरा, गोरबन्द और पर्चनी को ऊँट के श्रृंगार / साज़ के रूप में पूछा गया है।
14. विवाह की शब्दावली शब्द अर्थ बिनोटा विवाह में दूल्हा-दुल्हन की जूतियाँ पीठी विवाह से 4-5 दिन पहले रोज़ शाम दूल्हा-दुल्हन को लगाया जाने वाला उबटन जनोंटण दूल्हे के घर वालों की तरफ़ से कराया जाने वाला भोज पड़लो दूल्हे के घर से दुल्हन के लिए आई सौग़ात — गहने, फल, मेवे, मेंहदी, कपड़े
15. पारम्परिक खेल चरभर — धरती पर ज्यामितीय नक़्शा खींचकर उस पर कंकड़ चलाए जाते हैं; खेल का ढंग शतरंज जैसा है।
तमाशे 16. घर, सवारी व हथियार शब्द अर्थ बखारी कमरे के भीतर बनी अनाज की टंकी / पात्र परिण्डो / पराण्डा घर की वह जगह जहाँ पीने के पानी के मटके धरे रहते हैं झरोखा रोशनी-हवा के लिए बनी छोटी खिड़की
शब्द अर्थ तांगा / छकड़ो घोड़ागाड़ी रथ कई घोड़े जोतकर चलने वाली गाड़ी, राजाओं की सवारी भोगलियां / ठेरणा दो गाँठ वाली तलवार
17. पेशे और लोग शब्द कौन चेजारा चुनाई या मकान बनाने का काम करने वाला महावत हाथी पालने और उसे क़ाबू में रखने वाला भिश्ती राजा, ठाकुर और मुस्लिम घरानों में पानी ढोने वाला सेवक लखारा लाख की चूड़ियाँ बनाने-बेचने वाला — मणियार, चूड़ीगर भी
मोकड़ी — लाख की बनी चूड़ियों को कहते हैं। (लखारा बनाता है; मोकड़ी उसका माल।)
18. अनोखे व रोज़मर्रा के शब्द शब्द अर्थ आड़ी राजस्थानी में पहेली [परीक्षा: REET लेवल-2 SST, 2023 — राजस्थानी में पहेली को क्या कहते हैं? ➜ आड़ी] आखा शुभ कामों में प्रयोग होने वाले अनाज के दाने; तांत्रिक-भोपे इन्हें देखकर भविष्य भी बताते हैं फेटूड़ा नन्हे बच्चे पर बुरी आत्मा की छाया पड़ना नजरा लकड़ी के डंडे पर लटकाई गई काली हाँडी
रिवीजन पॉइंटर्स नोहरा हवेली में मवेशियों के रखने की जगह है (सहायक प्रोफ़ेसर, कला इतिहास, 2024 में पूछा गया)। मोकड़ी का अर्थ लाख की चूड़ियाँ है, और इन्हें बनाने-बेचने वाला लखारा कहलाता है (CET 10+2, 2023)। आड़ी ➜ पहेली; हुंकारा ➜ कथा सुनते समय «हाँ» भरने की ध्वनि। उनालू (रबी) सर्दियों की फसल है जो फ़रवरी-मार्च में कटती है; स्यालू (खरीफ) मानसून की फसल है जो दीपावली के आसपास कटती है। खेती के काम का क्रम — सूड़ ➜ हलसोत्यो ➜ बान ➜ सुहागो ➜ बुवाई ➜ निनाण ➜ पाणत ➜ लावणी। ढीकली का काम तराज़ू जैसा है और भूण कुएँ पर लगा चकरी जैसा लकड़ी का घेरा; घोरा के दो अर्थ हैं — पानी की नाली और रेत का टीला। ओरण लोकदेवी या लोकदेवता के मन्दिर के पास छोड़ा गया वन है जहाँ लकड़ी काटना मना है; चरणोट या बीड़ पशु चराने की भूमि है। सिरावण (कलेवा) सुबह का नाश्ता, भात खेत पर दोपहर का खाना और ब्यालू रात का खाना है। पलाण, मोहरा, गोरबन्द और पर्चनी ऊँट के साज़ के रूप में पूछे गए हैं; पलाण लकड़ी का आसन है और गिरबाण नाक की लकड़ी की कील। अगले भाग में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएँ — संगीत, नृत्य और कला संस्थान, साहित्य व भाषा की अकादमियाँ, शोध संस्थान और ग्रन्थ भण्डार।
पिछला भाग: राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य: सम्प्रदाय-वार संत काव्य
अगला भाग: साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएँ: संगीत, नृत्य व कला संस्थान
इन्हें भी पढ़ें: राजस्थानी भाषा व बोलियाँ · राजस्थान के लोकगीत
पूरी श्रृंखला: राजस्थान की कला एवं संस्कृति — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय
इस अध्याय की पूरी तैयारी चाहिए? ऊपर दिए नोट्स हर खंड का चुना हुआ हिस्सा हैं। पूरी तालिकाएँ, बाक़ी बिंदु, याद रखने की ट्रिक, नक्शे-चित्र और अभ्यास-प्रश्न
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