‘पहली महिला’ वाले सवाल इतिहास में सबसे छोटे और सबसे सीधे होते हैं, फिर भी विकल्पों में मिलते-जुलते नाम उलझा देते हैं। इसलिए नाम, पद और साल तीनों साथ याद करना ज़रूरी है। इस भाग में पहली उपलब्धियों की तालिका के साथ आन्दोलन, शिक्षा व समाज-सेवा, राजनीति व शासन और सम्मान, खेल व सेना की महिलाएँ क्रमवार दी गई हैं।
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1. पहली महिलाएँ — एक नज़र में
इस विषय के प्रश्न अक्सर “पहली महिला” के रूप में आते हैं। नीचे सबसे ज़रूरी पहलों की तालिका और उनका क्रम है; हर नाम का ब्योरा आगे की शाखाओं में है।
| क्षेत्र | पहली महिला | वर्ष / ब्योरा |
|---|---|---|
| स्वतंत्रता आन्दोलन में गिरफ़्तार | अंजना देवी चौधरी | बिजौलिया आन्दोलन, 1924 |
| महिला डॉक्टर | पार्वती गहलोत | 1928 (जोधपुर) |
| पद्मश्री | रतन शास्त्री | 1955 |
| पद्म विभूषण | जानकी देवी बजाज | 1956 |
… शेष 10 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
ट्रिक: राजनीति की सीढ़ी — राज्यसभा 1952 → विधायक 1953 → मंत्री 1954 → जिला प्रमुख 1960 → लोकसभा 1962: शारदा, यशोदा, कमला, नगेन्द्र बाला, गायत्री (क्रम “शा-य-क-न-गा”)।
ट्रिक: शिखर की तीन — वसुन्धरा (CM 2003), सुमित्रा (अध्यक्ष 2004), प्रतिभा (राज्यपाल 2004) — 2003-04 की तीन बड़ी पहलें।
2. स्वतंत्रता व किसान आन्दोलन
राजस्थान के आन्दोलन में महिलाएँ पहले घर की चारदीवारी से जुलूस और जेल तक आईं। बिजौलिया (1924) में 500, कटराथल (1934) में 10,000 और जयपुर प्रजामण्डल (1939) में 6 महिलाओं ने गिरफ़्तारी दी — संख्या अलग, साहस एक जैसा।
3. किसान व जागीर-विरोधी आन्दोलन
अंजना देवी चौधरी
- जन्म 1897 में श्रीमाधोपुर (सीकर) में; पति रामनारायण चौधरी थे।
- 1921–24 में मेवाड़ और बूँदी की महिलाओं में राजनीतिक चेतना जगाई; सत्याग्रहों में शामिल रहीं।
- 1924 के बिजौलिया किसान आन्दोलन में 500 महिलाओं के जुलूस का नेतृत्व करते हुए गिरफ़्तारी दी — राजस्थान के स्वतंत्रता आन्दोलन में गिरफ़्तार होने वाली पहली महिला।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
किशोरी देवी
- जन्म दुलारों का बास (झुंझुनूँ) में; पति सरदार हरलालसिंह खर्रा, शेखावाटी के सेनानी।
- पति के साथ शेखावाटी के जागीरदारी-विरोधी आन्दोलन में सक्रिय।
- 25 अप्रैल 1934 ➜ सीकर ज़िले के गाँव कटराथल में जुटीं 10,000 महिलाओं की सभा की अध्यक्ष बनीं; आगे चलकर महिला-टोली के साथ जयपुर पहुँचकर सत्याग्रह किया।
अन्य किसान-आन्दोलन की महिलाएँ
| महिला | आन्दोलन / इलाक़ा | योगदान |
|---|---|---|
| सीता देवी | नीमूचाणा (अलवर) | किसान रघुनाथ की बेटी; अलवर रियासत के नीमूचाणा आन्दोलन में महिलाओं की नेता |
| दुर्गावती देवी | शेखावाटी / जयपुर | पं. ताड़केश्वर की पत्नी; पति के साथ किसान आन्दोलन; 1939 में झुंझुनूँ से महिलाओं का जत्था ले जयपुर सत्याग्रह; 4 माह की सज़ा |
| रामलोरी देवी | शेखावाटी | 1930 से 1947 तक हर आन्दोलन, सभा और जुलूस में शामिल |
| नारायणी देवी वर्मा | बिजौलिया / मेवाड़ | किसान सत्याग्रह में पति माणिक्यलाल वर्मा के साथ; बिजौलिया आन्दोलन के समय कुम्भलगढ़ दुर्ग में बन्दी |
… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
4. प्रजामण्डल व सत्याग्रह — रियासतवार
| रियासत / क्षेत्र | महिला | क्या किया |
|---|---|---|
| जयपुर | रतन शास्त्री | 5 मार्च 1939 को 6 महिलाओं के साथ गिरफ़्तारी दी — जयपुर प्रजामण्डल का सत्याग्रह |
| जयपुर | भारती देवी | प्रजामण्डल सत्याग्रह के लिए महिला-टोली के साथ जयपुर पहुँचीं और जेल गईं |
| जयपुर | दुर्गा देवी शर्मा | नमक सत्याग्रह में शादी के क़ीमती कपड़े चौमू में होली में जलाए; अजमेर-ब्यावर में प्रभात फेरियाँ; 1931 और 1932 में दो बार कारावास |
| जयपुर | जानकी देवी बजाज | 1944 में जयपुर प्रजामण्डल अधिवेशन की अध्यक्ष |
5. आन्दोलन की जोड़ियाँ
| महिला | सम्बन्ध | सेनानी |
|---|---|---|
| अंजना देवी चौधरी | पत्नी | रामनारायण चौधरी |
| किशोरी देवी | पत्नी | सरदार हरलालसिंह खर्रा (शेखावाटी) |
| जानकी देवी | पत्नी (विवाह 24 फ़रवरी 1930) | विजयसिंह पथिक |
| जानकी देवी बजाज | पत्नी | सेठ जमनालाल बजाज |
याद रखें: माणिक्यलाल वर्मा के घर की दो महिलाएँ — पत्नी नारायणी देवी (राज्यसभा 1970–76) और पुत्री स्नेहलता।
6. कालीबाई — रास्तापाल की शहीद
- रास्तापाल (डूँगरपुर) में सेवा संघ की पाठशाला चलती थी; डूँगरपुर के महारावल ने उसे बन्द करने का आदेश दिया।
- जून 1947 में रियासती पुलिस ने नानाभाई खाँट को बेरहमी से पीटकर मार दिया और पाठशाला के शिक्षक सेंगाभाई को बाँधकर ट्रक के पीछे घसीटा गया।
- खेत से घास लेकर लौटती 13 वर्ष की भील बालिका कालीबाई ने अपनी दाँतली से सेंगाभाई की कमर की रस्सी काट दी और गुरुजी को बचा लिया।
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| जून 1947 | नानाभाई खाँट | पुलिस की पिटाई में शहीद |
| जून 1947 | सेंगाभाई | ट्रक के पीछे बँधे, कालीबाई ने रस्सी काटी |
| 20 जून 1947 | कालीबाई | गोली लगने के अगले दिन मृत्यु |
7. शिक्षा, समाज-सेवा व पत्रकारिता
कुछ महिलाओं ने जेल से ज़्यादा स्कूल, आश्रम और संस्थाएँ खड़ी कीं। नीचे इन्हें दो समूहों में पढ़ें — शिक्षा की अग्रदूत, और समाज-सेवा, चिकित्सा व पत्रकारिता।
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1928 | पार्वती गहलोत | राजस्थान की पहली महिला डॉक्टर |
| 1933 | जानकी देवी बजाज | कलकत्ता के मारवाड़ी महिला सम्मेलन की अध्यक्ष |
| 1935 | रतन शास्त्री | वनस्थली में शान्ताबाई शिक्षा कुटीर |
8. शिक्षा की अग्रदूत
रतन शास्त्री
- जन्म 5 अक्टूबर 1912 को खाचरोद (मध्यप्रदेश); पति हीरालाल शास्त्री।
- हीरालाल शास्त्री के साथ मिलकर टोंक ज़िले के वनस्थली में बालिकाओं के लिए शान्ताबाई शिक्षा कुटीर खोला, जो आज वनस्थली विद्यापीठ है (बेटी शान्ताबाई की स्मृति में, 1935)।
- 1939 में जयपुर प्रजामण्डल के सत्याग्रह में आगे; 5 मार्च 1939 को छह महिलाओं सहित गिरफ़्तारी दी। भारत छोड़ो (1942) में भूमिगत कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों की सेवा की।
नारायणी देवी वर्मा
- जन्म सिंगोली (मध्यप्रदेश); पति माणिक्यलाल वर्मा।
- किसान सत्याग्रह, भारत छोड़ो, समाज-सुधार और बिजौलिया आन्दोलन में भागीदारी; 1939 व 1942 में जेल।
- स्त्री-शिक्षा और जागरण के उद्देश्य से 1944 में भीलवाड़ा में महिला आश्रम खड़ा किया; स्वतंत्रता के बाद 1970 से 1976 तक राज्यसभा सदस्य।
गायत्री देवी और मिस लटर
- राजमाता गायत्री देवी ➜ कूचबिहार की राजकुमारी; जन्म 23 मई 1919 (लन्दन); जयपुर महाराजा सवाई मानसिंह से विवाह 9 मई 1940; 1943 में जयपुर में महारानी गायत्री देवी स्कूल की स्थापना। रचना — ए प्रिन्सेस रिमेम्बर्स।
- मिस एल.जी. लटर (लिलियन गोडफ्रेडा डोनिथोर्न लटर) — बर्मा में जन्मीं ब्रिटिश शिक्षाविद्; इस स्कूल की प्राचार्य; महिलाओं की शिक्षा के कार्य के लिए 1970 में पद्मश्री।
शान्ति त्रिवेदी और भगवती देवी विश्नोई
- शान्ति त्रिवेदी ➜ जन्म 1927 नागपुर; विवाह उदयपुर के परसराम त्रिवेदी से; प्रजामण्डल की स्वयंसेविका; 1947 में उदयपुर में राजस्थान महिला परिषद् की स्थापना। कथन — “बिना आर्थिक मज़बूती के राजनीतिक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं।”
- भगवती देवी विश्नोई ➜ 1933–34 में नारेली आश्रम में हरिजनों के बीच सुधार व शिक्षा; 1938 में भीलवाड़ा में गिरफ़्तार।
ध्यान दें: मिस लटर के नाम की वर्तनी कई जगह “लूटर” मिलती है; व्यक्ति वही हैं।
9. समाज-सेवा, चिकित्सा व पत्रकारिता
जानकी देवी बजाज
- जन्म 1893 जावरा (मध्यप्रदेश); पति सेठ जमनालाल बजाज।
- सविनय अवज्ञा के समय कारावास; 1933 में कलकत्ता में अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की अध्यक्ष; 1944 में जयपुर प्रजामण्डल अधिवेशन की अध्यक्ष।
- विनोबा भावे के साथ गौ-सेवा; भूदान आन्दोलन के दौरान अनेक कुएँ बनवाए; पति के निधन के बाद गौ-सेवा संघ की अध्यक्ष।
अरुणा राय
- जन्म चेन्नई; सामाजिक काम के लिए IAS से त्यागपत्र।
- पति बंकर राय के तिलोनिया (अजमेर) स्थित सोशल वर्क एण्ड रिसर्च सेन्टर के साथ ग्रामीण काम; सूचना के अधिकार की माँग सबसे पहले उठाने वालों में।
- रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (2000) पाने वाली राजस्थान की पहली महिला।
अन्य पहली महिलाएँ
| महिला | पहल | ब्योरा |
|---|---|---|
| पार्वती गहलोत | पहली महिला डॉक्टर (1928) | जोधपुर की; आगे की पढ़ाई को 1936 में इंग्लैण्ड गईं |
| कमला देवी | पहली महिला पत्रकार | अजमेर से छपने वाले “प्रकाश” पत्र में लेखन |
| छगन बहन गोलेच्छा | पहली महिला सरपंच (1961) | जन्म 1930 नागपुर; खींचन गाँव (फलोदी) की सरपंच |
10. राजनीति व शासन में पहली
राजस्थान की राजनीति में महिलाओं का सफ़र 1952 (राज्यसभा) से शुरू होकर 2007 में देश की पहली महिला राष्ट्रपति तक पहुँचा। नीचे पदों के कार्यकाल का नक्शा है।
11. शिखर के पद
प्रतिभा पाटिल
- जन्म 1934 नाडगाँव (महाराष्ट्र); विवाह शिक्षाविद् देवीसिंह शेखावत से; शेखावत परिवार की जड़ें छोटी लोसल (सीकर) में थीं, फिर वे महाराष्ट्र के जलगाँव में बस गए — इसीलिए उपनाम “छोटी लोसल की बड़ी बहू”।
- 8 नवम्बर 2004 से 23 जून 2007 ➜ राजस्थान की पहली महिला राज्यपाल।
- 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 ➜ भारत की पहली महिला राष्ट्रपति।
वसुन्धरा राजे
- जन्म 8 मार्च 1953, मुम्बई — ग्वालियर राजघराने में।
- दिसम्बर 2003 में शपथ लेकर राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री; कुल दो कार्यकाल — दिसम्बर 2003 से दिसम्बर 2008, और 13 दिसम्बर 2013 से दिसम्बर 2018।
- झालरापाटन (झालावाड़) से विधायक चुनी जाती रहीं; 1989 से 2003 तक लगातार 5 बार लोकसभा में रहीं।
सुमित्रा सिंह
- भारतीय जनता पार्टी की नेता; राजस्थान की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष।
- 1957 में पहली बार काँग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं; 12वीं विधानसभा (2004–09) की अध्यक्ष रहीं।
- पहली महिला मुख्यमंत्री ➜ वसुन्धरा राजे
- पहली महिला राज्यपाल ➜ प्रतिभा पाटिल
- पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ➜ सुमित्रा सिंह
12. संसद, विधानसभा व स्थानीय सत्ता
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1952 | शारदा भार्गव | राज्यसभा के लिए निर्वाचित — राजस्थान की पहली महिला सांसद |
| 1953 | यशोदा देवी | बाँसवाड़ा विधानसभा के उपचुनाव में समाजवादी दल से जीतकर पहली महिला विधायक |
| 1954 | कमला बेनीवाल | मोहनलाल सुखाड़िया मंत्रिमण्डल में — पहली महिला मंत्री |
| 1960 | नगेन्द्र बाला | कोटा की ज़िला प्रमुख — राजस्थान की पहली महिला ज़िला प्रमुख |
गायत्री देवी का 1962 का चुनाव
- जयपुर सीट पर 1 लाख 92 हज़ार (192,909) वोट लेकर इतनी बड़ी जीत मिली कि नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में गया।
- निधन 29 जुलाई 2009 को जयपुर में।
अन्य
- कमला बेनीवाल ➜ जन्म 1927, गौरीर गाँव (झुंझुनूँ)।
- नगेन्द्र बाला ➜ केसरीसिंह बारहठ की पौत्री; 1942 के भारत छोड़ो में भाग; दो बार विधायक; कोटा की ज़िला प्रमुख पहली बार 1960 में चुनी गईं।
- शारदा भार्गव ➜ 1952 में राज्यसभा के लिए चुनी गईं।
13. सम्मान, खेल व सेना
आधुनिक दौर की महिलाओं ने पुरस्कार, मैदान और मोर्चे — तीनों जगह पहल की। यह शाखा तीन हिस्सों में बँटी है।
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1955 | पद्मश्री | रतन शास्त्री |
| 1956 | पद्म विभूषण | जानकी देवी बजाज |
| 1962 | गिनीज़ बुक | गायत्री देवी |
| 1966 | अर्जुन पुरस्कार | रीमा दत्ता — पहली महिला तैराक |
14. पुरस्कार व सम्मान
| सम्मान | महिला | वर्ष | ख़ास बात |
|---|---|---|---|
| पद्मश्री | रतन शास्त्री | 1955 | राजस्थान की पहली महिला पद्मश्री |
| पद्म विभूषण | जानकी देवी बजाज | 1956 | राजस्थान की पहली महिला व पहली व्यक्ति |
| पद्मश्री | मिस एल.जी. लटर | 1970 | महिला-शिक्षा के लिए |
| पद्म भूषण | रतन शास्त्री | 1975 | दूसरा बड़ा सम्मान |
15. खेल की महिलाएँ
| महिला | खेल | उपलब्धि |
|---|---|---|
| रीमा दत्ता (अजमेर) | तैराकी | अर्जुन पुरस्कार (1966) पाने वाली देश की पहली महिला तैराक; “राजस्थान की जलपरी” |
| राज्यश्री कुमारी (बीकानेर) | निशानेबाज़ी | महाराजा करणीसिंह की पुत्री; 1968 में अर्जुन पुरस्कार, उम्र 16 |
| हमीदा बानो (उदयपुर) | खेल | महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार पाने वाली राजस्थान की पहली महिला |
16. सेना, विमानन व नई पीढ़ी
| महिला | गाँव / शहर | पहली उपलब्धि |
|---|---|---|
| वीणा सहारण | रतनपुरा, चूरू | देश की पहली महिला पायलट जिसने आईएल-76 उड़ाया |
| स्नेहा शेखावत | हरदास का बास, सीकर | गणतंत्र दिवस परेड में वायुसेना दल की कमान सँभालने वाली पहली महिला अधिकारी (2012) |
| कैप्टन शिवा चौहान | उदयपुर | सियाचिन ग्लेशियर पर तैनाती पाने वाली पहली महिला सैन्य अधिकारी (जनवरी 2023) |
17. रैपिड फायर तथ्य
- स्वतंत्रता आन्दोलन में गिरफ़्तार पहली महिला ➜ अंजना देवी चौधरी (बिजौलिया आन्दोलन, 1924)
- राजस्थान की पहली महिला डॉक्टर ➜ पार्वती गहलोत (1928)
- पहली महिला पद्मश्री ➜ रतन शास्त्री (1955)
- पद्म विभूषण पाने वाली पहली महिला ➜ जानकी देवी बजाज (1956)
- पहली महिला मुख्यमंत्री ➜ वसुन्धरा राजे
- पहली महिला राज्यपाल ➜ प्रतिभा पाटिल, जो आगे चलकर देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं
- पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ➜ सुमित्रा सिंह
- पहली महिला सांसद ➜ शारदा भार्गव (राज्यसभा, 1952)
- रास्तापाल की 13 वर्ष की भील बालिका कालीबाई ने दाँतली से रस्सी काटकर सेंगाभाई को बचाया — जून 1947 की घटना।
पिछला भाग: राजस्थान के ऐतिहासिक व्यक्तित्त्व एवं स्वतंत्रता सेनानी: शिखर पुरुष व रणबाँकुरे
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