राजस्थान की पहचान केवल रणभूमि और राजनीति से नहीं बनी; इतिहास-लेखन, समाज-सुधार, विज्ञान और संरक्षण में भी इस धरती ने बड़े नाम दिए हैं। इस भाग में इतिहासकार व भाषाविद्, समाज-सुधार के स्तम्भ और विज्ञान-संरक्षण-सेवा के नाम हैं, फिर शुरुआती मुख्यमंत्री, सुखाड़िया, हरिदेव जोशी, शेखावत और गहलोत क्रम से आते हैं। अन्त में संवैधानिक व अन्तर्राष्ट्रीय पदों तक पहुँचे लोग और सेना के वीर दिए गए हैं।
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1. इतिहासकार व भाषाविद्
| विद्वान | जन्म · स्थान | काम व कृतियाँ |
|---|---|---|
| जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन | 7 जनवरी 1851 · डबलिन (आयरलैण्ड) | भारतीय भाषाओं का सर्वेक्षण 1894 से 1927; Linguistic Survey of India; राजपूताना की भाषा के लिए “राजस्थानी” शब्द का सबसे पहले प्रयोग; अन्य कृतियाँ — बिहारी सतसई का सम्पादन, Notes on Tulsidas, The Modern Vernacular Literature of Hindustan |
| दशरथ शर्मा | 1903 · चुरू | बीकानेर के डूँगर कॉलेज में 1925 से इतिहास पढ़ाया; शोध-निबन्ध “Early Chauhan Dynasties” पर 1943 में आगरा विश्वविद्यालय से डी.लिट.; 1945 में बीकानेर में सार्दुल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट; कृतियाँ — Rajasthan Through the Ages, सम्राट पृथ्वीराज चौहान तृतीय और उनका युग, Lectures on Rajput History and Culture; राजस्थान राज्य प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान के निदेशक; निधन 3 जुलाई 1976 |
| पं. झाबरमल्ल शर्मा | 1888 · जसरापुर (झुंझुनूं) | खेतड़ी-सीकर-शेखावाटी के इतिहास-लेखक (विस्तार “पत्र-पत्रिकाएँ” में) |
2. समाज-सुधार के स्तम्भ
हरविलास शारदा (1867–1955)
- जन्म 3 जून 1867, अजमेर; न्यायिक अधिकारी, विधिवेत्ता, इतिहासकार और समाज-सुधारक; स्वामी दयानन्द सरस्वती और आर्य समाज से सबसे ज़्यादा प्रभावित।
- अजमेर-मेरवाड़ा की ओर से 1924 में केन्द्रीय असेम्बली पहुँचे; 1927 में बाल विवाह निरोधक विधेयक पेश किया।
- “बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम” 28 सितम्बर 1929 को क़ानून बना; देशभर में यह 1 अप्रैल 1930 से चला — इसी को “शारदा एक्ट” कहते हैं।
शारदा एक्ट का सफ़र
- 1924 असेम्बली सदस्य
- 1927 विधेयक पेश
- 28 सितम्बर 1929 पारित
स्वामी विवेकानन्द और खेतड़ी
- जन्म 12 जनवरी 1863, कोलकाता; बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ; अन्य नाम — कमलेश, सच्चिदानन्द, विविदिषानन्द; सबसे प्रसिद्ध नाम विवेकानन्द।
- खेतड़ी (झुंझुनूं) से गहरा नाता ➜ खेतड़ी के महाराजा अजीतसिंह ने ही उन्हें “विवेकानन्द” नाम दिया।
- तीन बार खेतड़ी आए — 1891, 1893 और 1897 में।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1891 | पहली खेतड़ी यात्रा | — |
| 1893 | दूसरी यात्रा; नामकरण | अजीतसिंह ने “विवेकानन्द” नाम दिया और शिकागो की व्यवस्था की। |
| 1897 | तीसरी यात्रा | — |
3. विज्ञान, संरक्षण व सेवा
| व्यक्ति | जन्म · स्थान | पहचान व सम्मान |
|---|---|---|
| डॉ. पी.के. सेठी | — | जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में (1969) श्रीरामचन्द्र शर्मा के साथ दिव्यांगों के लिए सस्ता, लचीला कृत्रिम पैर “जयपुर फुट” बनाया — जयपुर फुट के जनक; रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (1981) और पद्मश्री (1981) |
| कैलाश सांखला | 30 जनवरी 1925 · जोधपुर | प्रकृतिवादी-संरक्षणवादी; भारतीय बाघ बचाने के प्रयासों से “टाइगर मैन ऑफ इण्डिया”; बाघ परियोजना के जन्मदाता — 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के निदेशक; राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव वार्डन; पद्मश्री 1992; राजस्थान रत्न 2013; निधन 15 अगस्त 1994 |
| नारायणसिंह माणकलाव | 17 सितम्बर 1942 · माणकलाव (जोधपुर) | अफीम मुक्ति आन्दोलन के प्रणेता; पद्मश्री 1986, पद्मभूषण 1991; राज्यसभा के मनोनीत सदस्य (2003, राष्ट्रपति द्वारा) |
कैलाश सांखला की पुस्तकें
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1973 | Wild Beauty: A Study of Indian Wildlife | भारतीय वन्यजीवन का अध्ययन |
| 1975 | Tiger Land | — |
| 1990 | Gardens of God: The Waterbird Sanctuary at Bharatpur | भरतपुर पक्षी अभयारण्य |
… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
ट्रिक: तीन “प्रथम पहचान” — जयपुर फुट (1969, सेठी), प्रोजेक्ट टाइगर निदेशक (1973, सांखला), अफीम-मुक्ति (माणकलाव)।
4. शिखर पुरुष व रणबाँकुरे
आज़ादी के बाद 1949 से 1971 तक के पाँच नाम (शास्त्री, व्यास, पालीवाल, सुखाड़िया — और बीच में फिर व्यास) राजस्थान की राजनीति का पहला अध्याय हैं; उसके बाद हरिदेव जोशी, भैरोंसिंह शेखावत और अशोक गहलोत के कई-कई कार्यकाल आते हैं।
5. शुरुआती मुख्यमंत्री
| मुख्यमंत्री | कार्यकाल | ख़ास बात |
|---|---|---|
| हीरालाल शास्त्री | 7 अप्रैल 1949 – 5 जनवरी 1951 | वृहत् राजस्थान के पहले प्रधानमंत्री / राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री; वनस्थली विद्यापीठ के संस्थापक |
| जयनारायण व्यास (मनोनीत) | अप्रैल 1951 – 3 मार्च 1952 | लोकनायक; मारवाड़ का गाँधी |
| टीकाराम पालीवाल | 3 मार्च – 31 अक्टूबर 1952 | पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री; “भूमि सुधार के जनक” |
ट्रिक: पहले चार कार्यकाल क्रम से — शास्त्री → व्यास → पालीवाल → व्यास; तीन व्यक्ति, चार कार्यकाल।
6. मोहनलाल सुखाड़िया
- जन्म ➜ 31 जुलाई 1916 · झालरापाटन (झालावाड़)
- पिता ➜ पुरुषोत्तम लाल सुखाड़िया — मुम्बई व सौराष्ट्र के क्रिकेटर
- पद की शुरुआत ➜ नवम्बर 1954 · उम्र 38
- सबसे युवा मुख्यमंत्री और राजस्थान के सबसे लम्बे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री।
- मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश और तमिलनाडु के राज्यपाल रहे।
- पत्नी इन्दुबाला से अन्तर्जातीय विवाह किया।
याद रखें: 38 वर्ष की उम्र + 16 वर्ष 194 दिन — दोनों आँकड़े सुखाड़िया के; पद-शपथ चार बार ली।
7. हरिदेव जोशी
- जन्म ➜ 17 दिसम्बर 1921 · खांदू (बाँसवाड़ा)
- मुख्यमंत्री ➜ 1973–77 · 1985–88 · 1989–90
- पहला चुनाव ➜ 1952 · डूँगरपुर से विधायक
- भारत छोड़ो आन्दोलन में वे केवल 21 वर्ष की आयु में कूद पड़े।
- आदिवासियों-हरिजनों में शिक्षा-प्रसार, अस्पृश्यता निवारण, नशाबन्दी जैसे सुधारों पर काम।
- तीन बार मुख्यमंत्री बने, पर कभी पूरे पाँच साल नहीं रह पाए।
8. भैरोंसिंह शेखावत
- जन्म ➜ 1923 · खाचरियावास (सीकर)
- उपनाम ➜ बाबोसा
- पहला चुनाव ➜ 1952 · दाँतारामगढ़ (सीकर)
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 22 जून 1977 | पहली बार मुख्यमंत्री | राजस्थान की पहली ग़ैर-कांग्रेसी सरकार (जनता पार्टी); कार्यकाल 16 फरवरी 1980 तक। |
| 4 मार्च 1990 | दूसरी बार | भाजपा; 15 दिसम्बर 1992 तक। |
| 4 दिसम्बर 1993 | तीसरी बार | 1 दिसम्बर 1998 तक — बीच में राष्ट्रपति शासन। |
- पुलिस की नौकरी छोड़कर 1952 के पहले आम चुनाव में विधायक बने।
- तीन बार मुख्यमंत्री रहे।
9. अशोक गहलोत
- जन्म ➜ 3 मई 1951 · जोधपुर
- दल ➜ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- केन्द्रीय मंत्री ➜ इन्दिरा गाँधी, राजीव गाँधी, पी.वी. नरसिम्हा राव मंत्रिमण्डल
| कार्यकाल | से | तक |
|---|---|---|
| पहला | 1 दिसम्बर 1998 | 8 दिसम्बर 2003 |
| दूसरा | 13 दिसम्बर 2008 | 13 दिसम्बर 2013 |
| तीसरा | 17 दिसम्बर 2018 | 15 दिसम्बर 2023 |
10. संवैधानिक व अन्तर्राष्ट्रीय पद
| व्यक्ति | जन्म · स्थान | पद व उपलब्धि |
|---|---|---|
| जगदीप धनकड़ | 18 मई 1951 · किठाना (झुंझुनूं) | 1993–98 किशनगढ़ से विधायक; पश्चिम बंगाल के राज्यपाल (नियुक्ति जुलाई 2019); 11 अगस्त 2022 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ (मार्गरेट आल्वा को हराकर)। अब — 21 जुलाई 2025 को इस्तीफ़ा देने के बाद सी.पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बने |
| भैरोंसिंह शेखावत | 1923 · खाचरियावास (सीकर) | भारत के 11वें उपराष्ट्रपति (2002–07) |
| डॉ. नगेन्द्र सिंह | 18 मार्च 1914 · डूँगरपुर राजपरिवार | 1947 में संविधान सभा के सदस्य — संविधान-निर्माण में बी.आर. अम्बेडकर के साथ अहम भूमिका; 1966 में अन्तर्राष्ट्रीय विधि आयोग के सदस्य; हेग के अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश (अध्यक्ष) बनने वाले पहले भारतीय; 1972–73 में मुख्य निर्वाचन आयुक्त; राजस्थान रत्न 2013 |
… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
11. सेना के वीर
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 23 सितम्बर 1918 | हाइफ़ा (इज़राइल) | मेजर दलपत सिंह शेखावत (पाली के देवली पाबूजी के निवासी; जोधपुर की सेना में घुड़सवार) के नेतृत्व में सेना ने हाइफ़ा शहर को जर्मन-तुर्की सेनाओं से आज़ाद कराया; वे शहीद हुए — “हाइफ़ा हीरो”। |
| 1947–48 | कश्मीर | पीरू सिंह (परमवीर चक्र, शहादत 18 जुलाई 1948), चूनाराम फागड़िया और किशन सिंह राठौड़ (महावीर चक्र, 1948)। |
| 1961 | अशोक चक्र | हवलदार शम्भूसिंह — राजस्थान के पहले। |
| वीर | पहचान | सम्मान |
|---|---|---|
| मेजर शैतानसिंह भाटी | 1 दिसम्बर 1924 · बनासर (बाणासुर), फलौदी ज़िला; “बाणासुर के शहीद” | लद्दाख की चुशूल चौकी की रक्षा की ज़िम्मेदारी चार्ली कम्पनी पर; रेज़ांग ला पर चीनी सेना से लड़ते शहीद — परमवीर चक्र (मरणोपरान्त, 1963) |
| पीरू सिंह शेखावत | 20 मई 1918 · रामपुरा बेरी (झुंझुनूं); 1936 में राजपूताना राइफल्स में भर्ती | 1947-48 में पाकिस्तानी कबाइलियों के हमले में लड़ते हुए 18 जुलाई 1948 को शहीद; परमवीर चक्र पाने वाले पहले राजस्थानी |
| सूबेदार चूनाराम फागड़िया | — | भारत-पाक युद्ध (1948) में असाधारण साहस दिखाने पर राजस्थान का पहला महावीर चक्र |
रिवीजन पॉइंटर्स
- ग्रियर्सन ने राजपूताना की भाषा के लिए सबसे पहले «राजस्थानी» शब्द का प्रयोग किया; उनका भाषा-सर्वेक्षण 1894 से 1927 तक चला।
- हरविलास शारदा ने 1927 में बाल विवाह निरोधक विधेयक पेश किया; 28 सितम्बर 1929 को यह क़ानून बना और 1 अप्रैल 1930 से लागू हुआ — यही «शारदा एक्ट» है।
- विवेकानन्द तीन बार खेतड़ी आए — 1891, 1893 और 1897 में; महाराजा अजीतसिंह ने ही उन्हें «विवेकानन्द» नाम दिया।
- तीन पहचानें: जयपुर फुट (1969, डॉ. पी.के. सेठी), प्रोजेक्ट टाइगर के निदेशक (1973, कैलाश सांखला) और अफीम-मुक्ति आन्दोलन (नारायणसिंह माणकलाव)।
- शुरुआती मुख्यमंत्रियों का क्रम: शास्त्री ➜ व्यास ➜ पालीवाल ➜ व्यास — तीन व्यक्ति, चार कार्यकाल।
- मोहनलाल सुखाड़िया नवम्बर 1954 में 38 वर्ष की उम्र में मुख्यमंत्री बने; उनका कार्यकाल 16 वर्ष 194 दिन सबसे लम्बा है।
- हरिदेव जोशी तीन बार मुख्यमंत्री बने (1973–77, 1985–88, 1989–90) पर कभी पूरे पाँच साल नहीं रहे; अशोक गहलोत के तीन कार्यकाल 1 दिसम्बर 1998, 13 दिसम्बर 2008 और 17 दिसम्बर 2018 से शुरू हुए।
- भैरोंसिंह शेखावत ने 22 जून 1977 को राजस्थान की पहली ग़ैर-कांग्रेसी सरकार बनाई; वे तीन बार मुख्यमंत्री रहे और 11वें उपराष्ट्रपति (2002–07) बने।
- पीरू सिंह परमवीर चक्र पाने वाले पहले राजस्थानी (शहादत 18 जुलाई 1948); मेजर शैतानसिंह भाटी को रेज़ांग ला के लिए 1963 में मरणोपरान्त परमवीर चक्र मिला।
अगले भाग में इतिहास प्रसिद्ध महिलाओं की «प्रथम» सूची — किसने क्या पहली बार किया।
पिछला भाग: राजस्थान के ऐतिहासिक व्यक्तित्त्व एवं स्वतंत्रता सेनानी: प्रजामण्डल के सेनानी (भाग 2)
अगला भाग: इतिहास प्रसिद्ध महिलाएँ: स्वतंत्रता व किसान आन्दोलन एवं शिक्षा, समाज-सेवा व पत्रकारिता
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