राजनीतिक संस्थाओं में सबसे ज़्यादा उलझन नामों से होती है — एक ही संगठन कई बार नाम बदलता है और अलग-अलग जगह मिलते-जुलते नाम की सभाएँ बनती हैं। इसलिए हर संस्था को साल और शहर के साथ जोड़कर पढ़िए। इस भाग में राजस्थान सेवा संघ, रियासतों की शुरुआती सभाएँ, देशी राज्य लोक परिषद, नरेन्द्र मण्डल और 20 अन्य संस्थाएँ हैं। आख़िर में 1849 से शुरू होने वाले समाचार-पत्रों की पूरी कड़ी दी गई है।
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1. राजस्थान सेवा संघ
- गाँधीजी के परामर्श से 1919 में वर्धा (महाराष्ट्र) में बना; विजयसिंह पथिक के साथ जुड़े — रामनारायण चौधरी, केसरीसिंह बारहठ, अर्जुनलाल सेठी, हरिभाई किंकर और जमनालाल बजाज।
- अध्यक्ष ➜ पथिक; मंत्री — रामनारायण चौधरी।
- पथिक ने वर्धा से साप्ताहिक पत्र “राजस्थान केसरी” निकाला।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1919 | स्थापना | वर्धा; गाँधीजी की सलाह |
| 1920 अक्टूबर | कार्यालय अजमेर | बिजौलिया का नेतृत्व शुरू |
| 1922 | राजस्थान केसरी बन्द | नवीन राजस्थान की शुरुआत (अजमेर) |
2. रियासतों की शुरुआती सभाएँ
| संस्था | वर्ष · स्थान | संस्थापक | काम / उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| प्रजा प्रतिनिधि सभा | 1918 · कोटा | पं. नयनूराम शर्मा | नागरिकों की शिकायतें महकमा खास तक पहुँचाना |
| सद्विद्या प्रचारिणी सभा | 1920 · बीकानेर | बाबू मुक्ताप्रसाद | अशिक्षितों में शिक्षा व राष्ट्रीय गौरव; नाटक “सत्य विजय” व “धर्म विजय” से हलचल |
| मारवाड़ सेवा संघ | 1920 · जोधपुर | चाँदमल सुराणा व साथी (अध्यक्ष दुर्गाशंकर, मंत्री प्रयागराज भण्डारी) | राजस्थान सेवा संघ के ढर्रे पर; राजनीतिक जागृति, अधिकारियों व जागीरदारों के अन्याय का विरोध |
- मारवाड़ हितकारिणी सभा की जड़ें 1918 में चाँदमल सुराणा की “मरुधर हितकारिणी सभा” में थीं; 1923 में व्यास ने नया नाम व नया रूप दिया।
- इसी से जुड़ी मरुधर मित्र हितकारिणी सभा (1915, जोधपुर) को भी जयनारायण व्यास से जोड़ा जाता है।
ट्रिक: नाम का उलझाव — मरुधर (मित्र) हितकारिणी (1915/1918) → मारवाड़ हितकारिणी (1923) → मारवाड़ यूथ लीग (1931) → मारवाड़ लोक परिषद (1938)।
3. देशी राज्य लोक परिषद
अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद
- बम्बई में 1927 में बनी; पहला अधिवेशन 17–18 दिसम्बर 1927, अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचन्द्र राव; मुख्यालय मुम्बई।
- लक्ष्य ➜ शासकों के सहयोग से देशी राज्यों में शान्तिपूर्ण ढंग से उत्तरदायी शासन स्थापित करना।
- परिषद की कार्यकारिणी में राजस्थान से सात लोग लिए गए — नयनूराम शर्मा, शंकरलाल शर्मा, जयनारायण व्यास, कन्हैयालाल कलयंत्री, रामदेव पोद्दार, बालकिशन पोद्दार, त्रिलोकचन्द माथुर।
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
राजपूताना देशी राज्य परिषद (1928)
- परिषद की शाखा; 1928 में अजमेर में पथिक, रामनारायण चौधरी, केसरीसिंह बारहठ, दामोदर दास राठी ने बनाई।
- पहला अधिवेशन 23–24 नवम्बर 1928, अजमेर; सभापति अमृतलाल सेठ।
मारवाड़ लोक परिषद, जोधपुर (1938)
- मई 1938 में जोधपुर में; प्रेरणा जयनारायण व्यास की, जो उस समय मारवाड़ से निर्वासित थे।
- पहले अध्यक्ष रणछोड़दास गट्टानी; साथ थे अचलेश्वर प्रसाद शर्मा, मथुरादास माथुर, चाँदकरण शारदा, इन्द्रमल जैन और अभयमल जैन।
- उद्देश्य ➜ महाराजा की छत्रछाया में उत्तरदायी शासन।
ट्रिक: उदयपुर का सातवाँ अधिवेशन — 7वाँ · उदयपुर · नेहरू · 1945–46; पहला — 1927 · बम्बई · रामचन्द्र राव।
4. नरेन्द्र मण्डल
- प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 8 फरवरी 1921 को दिल्ली में बना नरेन्द्र मण्डल (Chamber of Princes)।
- देशी राजा यहाँ अपने राज्यों व भारत सरकार से जुड़ी समस्याओं पर विचार करते थे; अध्यक्षता वायसराय करता था।
- उद्घाटन ब्रिटिश सम्राट की ओर से ड्यूक ऑफ कनाट ने लाल क़िले के दीवान-ए-आम में किया।
याद रखें: 12 प्रतिनिधि उन 127 छोटे राज्यों की ओर से चुने गए थे जिन्हें अलग सीट नहीं मिली।
5. अन्य राजनीतिक संस्थाएँ (20)
| क्र. | संस्था | वर्ष | स्थान | संस्थापक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | राजस्थान कांग्रेस कमेटी | 1887 | अजमेर | गोपीलाल माथुर एवं किशनलाल |
| 2 | मरुधर मित्र हितकारिणी सभा | 1915 | जोधपुर | जयनारायण व्यास (अन्य नाम अस्पष्ट) |
| 3 | होमरूल लीग | 1916 | ब्यावर | सेठ दामोदर दास राठी |
| 4 | भरतपुर विद्यार्थी परिषद | 1920 | भरतपुर | — |
… शेष 16 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1887 | राजस्थान कांग्रेस कमेटी | अजमेर |
| 1916 | होमरूल लीग | ब्यावर — दामोदर दास राठी |
| 1928 | भरतपुर राज्य प्रजा संघ | ठाकुर देशराज (सचिव) व गोपीलाल यादव (अध्यक्ष) |
| 1930 | राष्ट्रीय महिला समिति | जोधपुर — इंदुमति गोयनका |
रोचक तथ्य: दो संस्थाएँ शासकों ने बनाईं — ब्रज जन प्रतिनिधि समिति (बृजेन्द्रसिंह) और बीकानेर समिति (सार्दुल सिंह); बाक़ी जनता या कार्यकर्ताओं की पहल थीं।
6. राजस्थान के समाचार-पत्र
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1849 | मज़हरुल सरूर | भरतपुर — राजस्थान का पहला समाचार-पत्र |
| 1856 | राजपूताना अखबार | जयपुर — कन्हैयालाल |
| 1866 | मारवाड़ गजट | जोधपुर — पश्चिमी राजस्थान का पहला पत्र |
| 1879 | सज्जनकीर्ति सुधाकर | उदयपुर — मेवाड़ का सरकारी गजट |
7. पहले पत्र 1849–1889
| पत्र | वर्ष | स्थान | ख़ास बात |
|---|---|---|---|
| मज़हरुल सरूर | 1849 | भरतपुर | राजस्थान का पहला समाचार-पत्र; द्विभाषी (उर्दू–हिन्दी) मासिक |
| राजपूताना अखबार (रोज़तुल तालीम) | 1856 | जयपुर | सम्पादक कन्हैयालाल; द्विभाषी (उर्दू–हिन्दी) |
| लिथो प्रेस | 1864 | ब्यावर | सबसे पहले ईसाई मिशनरियों ने लगाई |
| मारवाड़ गजट | अगस्त 1866 | जोधपुर | पश्चिमी राजस्थान का पहला पत्र; पहले सम्पादक बाबू हीरालाल; द्विभाषी |
8. पथिक की पत्र-शृंखला
| पत्र | वर्ष · स्थान | सम्पादक / प्रकाशक | क्या हुआ |
|---|---|---|---|
| राजस्थान केसरी | 1920 · वर्धा (बाद में अजमेर) | विजयसिंह पथिक; सह-सम्पादक रामनारायण चौधरी व ईश्वरदान आसिया; अजमेर में सम्पादन सत्यदेव विद्यालंकार | साप्ताहिक, राजनीतिक; जमनालाल बजाज की आर्थिक मदद; देशी राज्यों का पहला प्रमुख पत्र; 1922 में बन्द |
| नवीन राजस्थान | 1922 · अजमेर | पथिक (वर्धा से आने के बाद) | मेवाड़ ने प्रतिबन्ध लगाया; आगे नाम बदलकर तरुण राजस्थान |
| तरुण राजस्थान | 1923 · अजमेर | छपा नाम शोभालाल गुप्त; असली सम्पादक सरकार ने रामनारायण चौधरी माना | मेवाड़ के बाद बूँदी व बीकानेर में भी रोक; मार्च 1924 में सरकार ने गुप्त और चौधरी — दोनों को अदालत में खड़ा किया; 1927 से प्रधान सम्पादक जयनारायण व्यास |
- तरुण राजस्थान के संवाददाता थे कुँवर मदनसिंह (करौली) और पं. नयनूराम शर्मा (कोटा)।
- बाद में चौधरी और शोभालाल गुप्त ने अंग्रेज़ी साप्ताहिक यंग राजस्थान (1929) निकाला।
9. स्वतंत्रता-काल के पत्र
| पत्र | वर्ष · स्थान | संस्थापक / सम्पादक | विशेष |
|---|---|---|---|
| राजस्थान | 1923 · ब्यावर | ऋषिदत्त मेहता | — |
| आर्य मार्तण्ड | 1923 · अजमेर | सम्पादक पं. रामसहाय शर्मा | — |
| त्यागभूमि | 1927 · अजमेर | पं. हरिभाऊ उपाध्याय व क्षेमानन्द राहत | 1928 से “आधी दुनिया” स्तम्भ — नारी-जागृति पर 16 पृष्ठ |
| यंग राजस्थान | 1929 | रामनारायण चौधरी व शोभालाल गुप्त | अंग्रेज़ी साप्ताहिक |
10. अन्य समाचार पत्र (20)
| क्र. | समाचार पत्र | वर्ष | स्थान | संस्थापक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | राजस्थान टाइम्स (अंग्रेज़ी साप्ताहिक) | 1885 | अजमेर | बक्शी लक्ष्मणदास |
| 2 | सर्वहित (पाक्षिक) | 1890 | बूँदी | रामप्रताप शर्मा |
| 3 | ज्ञानोदय | 1905 | कलकत्ता | पं. झाबरमल शर्मा |
| 4 | मारवाड़ी बन्धु | 1905 | कलकत्ता | पं. झाबरमल शर्मा |
रिवीजन पॉइंटर्स
- राजस्थान सेवा संघ 1919 में वर्धा में बना; अध्यक्ष पथिक और मंत्री रामनारायण चौधरी थे।
- नाम का क्रम — मरुधर हितकारिणी (1918) ➜ मारवाड़ हितकारिणी (1923) ➜ मारवाड़ यूथ लीग (1931) ➜ मारवाड़ लोक परिषद (1938)।
- अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद 1927 में बम्बई में बनी; पहले अधिवेशन के अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचन्द्र राव थे।
- राजपूताना देशी राज्य परिषद की स्थापना 1928 में अजमेर में हुई; पहले अधिवेशन के सभापति अमृतलाल सेठ।
- नरेन्द्र मण्डल 8 फरवरी 1921 को दिल्ली में बना; अध्यक्षता वायसराय करता था।
- नरेन्द्र मण्डल में 12 प्रतिनिधि उन 127 छोटे राज्यों की ओर से चुने गए जिन्हें अलग सीट नहीं मिली।
- राजस्थान का पहला समाचार-पत्र मज़हरुल सरूर (1849, भरतपुर); पश्चिमी राजस्थान का पहला पत्र मारवाड़ गजट (1866, जोधपुर)।
- राजस्थान केसरी (1920, वर्धा) 1922 में बन्द हुआ; फिर नवीन राजस्थान (1922) और तरुण राजस्थान (1923) निकले, अंग्रेज़ी साप्ताहिक यंग राजस्थान 1929 में।
अगले भाग में आन्दोलनों की पृष्ठभूमि और कालक्रम, फिर 1818 से 1882 तक मेर, भील और मीणा विद्रोह तथा उन्हें दबाने के लिए बने सैन्य दल।
पिछला भाग: सामाजिक संस्थाएँ एवं राजनीतिक संस्थाएँ (भाग 1)
अगला भाग: जनजाति — शुरुआती विद्रोह
इन्हें भी पढ़ें: 1857 के बाद सुधार और राजनीतिक चेतना · प्रजामण्डल व स्वतंत्रता आन्दोलन
पूरी श्रृंखला: राजस्थान का इतिहास — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय
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