सामाजिक एवं राजनीतिक संगठन: राजनीतिक संस्थाएँ (भाग 2) एवं राजस्थान के समाचार-पत्र – Rajasthan History Chapter 42

राजस्थान सेवा संघ, देशी राज्य लोक परिषद, नरेन्द्र मण्डल और 1849 से शुरू हुए समाचार-पत्रों का क्रम।

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In this chapter (11 sections)
  1. राजस्थान सेवा संघ
  2. रियासतों की शुरुआती सभाएँ
  3. देशी राज्य लोक परिषद
  4. नरेन्द्र मण्डल
  5. अन्य राजनीतिक संस्थाएँ (20)
  6. राजस्थान के समाचार-पत्र
  7. पहले पत्र 1849–1889
  8. पथिक की पत्र-शृंखला
  9. स्वतंत्रता-काल के पत्र
  10. अन्य समाचार पत्र (20)
  11. रिवीजन पॉइंटर्स

राजनीतिक संस्थाओं में सबसे ज़्यादा उलझन नामों से होती है — एक ही संगठन कई बार नाम बदलता है और अलग-अलग जगह मिलते-जुलते नाम की सभाएँ बनती हैं। इसलिए हर संस्था को साल और शहर के साथ जोड़कर पढ़िए। इस भाग में राजस्थान सेवा संघ, रियासतों की शुरुआती सभाएँ, देशी राज्य लोक परिषद, नरेन्द्र मण्डल और 20 अन्य संस्थाएँ हैं। आख़िर में 1849 से शुरू होने वाले समाचार-पत्रों की पूरी कड़ी दी गई है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — सामाजिक एवं राजनीतिक संगठन, 5 चॉक-बोर्ड चित्र, 6 चार्ट, 24 फ्लैशकार्ड और 13 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
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1. राजस्थान सेवा संघ

  • गाँधीजी के परामर्श से 1919 में वर्धा (महाराष्ट्र) में बना; विजयसिंह पथिक के साथ जुड़े — रामनारायण चौधरी, केसरीसिंह बारहठ, अर्जुनलाल सेठी, हरिभाई किंकर और जमनालाल बजाज।
  • अध्यक्ष ➜ पथिक; मंत्री — रामनारायण चौधरी।
  • पथिक ने वर्धा से साप्ताहिक पत्र “राजस्थान केसरी” निकाला।

… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

काल / क्रमघटनाविवरण
1919स्थापनावर्धा; गाँधीजी की सलाह
1920 अक्टूबरकार्यालय अजमेरबिजौलिया का नेतृत्व शुरू
1922राजस्थान केसरी बन्दनवीन राजस्थान की शुरुआत (अजमेर)

2. रियासतों की शुरुआती सभाएँ

संस्थावर्ष · स्थानसंस्थापककाम / उद्देश्य
प्रजा प्रतिनिधि सभा1918 · कोटापं. नयनूराम शर्मानागरिकों की शिकायतें महकमा खास तक पहुँचाना
सद्विद्या प्रचारिणी सभा1920 · बीकानेरबाबू मुक्ताप्रसादअशिक्षितों में शिक्षा व राष्ट्रीय गौरव; नाटक “सत्य विजय” व “धर्म विजय” से हलचल
मारवाड़ सेवा संघ1920 · जोधपुरचाँदमल सुराणा व साथी (अध्यक्ष दुर्गाशंकर, मंत्री प्रयागराज भण्डारी)राजस्थान सेवा संघ के ढर्रे पर; राजनीतिक जागृति, अधिकारियों व जागीरदारों के अन्याय का विरोध
  • मारवाड़ हितकारिणी सभा की जड़ें 1918 में चाँदमल सुराणा की “मरुधर हितकारिणी सभा” में थीं; 1923 में व्यास ने नया नाम व नया रूप दिया।
  • इसी से जुड़ी मरुधर मित्र हितकारिणी सभा (1915, जोधपुर) को भी जयनारायण व्यास से जोड़ा जाता है।

ट्रिक: नाम का उलझाव — मरुधर (मित्र) हितकारिणी (1915/1918) → मारवाड़ हितकारिणी (1923) → मारवाड़ यूथ लीग (1931) → मारवाड़ लोक परिषद (1938)।

3. देशी राज्य लोक परिषद

अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद

  • बम्बई में 1927 में बनी; पहला अधिवेशन 17–18 दिसम्बर 1927, अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचन्द्र राव; मुख्यालय मुम्बई।
  • लक्ष्य ➜ शासकों के सहयोग से देशी राज्यों में शान्तिपूर्ण ढंग से उत्तरदायी शासन स्थापित करना।
  • परिषद की कार्यकारिणी में राजस्थान से सात लोग लिए गए — नयनूराम शर्मा, शंकरलाल शर्मा, जयनारायण व्यास, कन्हैयालाल कलयंत्री, रामदेव पोद्दार, बालकिशन पोद्दार, त्रिलोकचन्द माथुर।

… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

राजपूताना देशी राज्य परिषद (1928)

  • परिषद की शाखा; 1928 में अजमेर में पथिक, रामनारायण चौधरी, केसरीसिंह बारहठ, दामोदर दास राठी ने बनाई।
  • पहला अधिवेशन 23–24 नवम्बर 1928, अजमेर; सभापति अमृतलाल सेठ।

मारवाड़ लोक परिषद, जोधपुर (1938)

  • मई 1938 में जोधपुर में; प्रेरणा जयनारायण व्यास की, जो उस समय मारवाड़ से निर्वासित थे।
  • पहले अध्यक्ष रणछोड़दास गट्टानी; साथ थे अचलेश्वर प्रसाद शर्मा, मथुरादास माथुर, चाँदकरण शारदा, इन्द्रमल जैन और अभयमल जैन।
  • उद्देश्य ➜ महाराजा की छत्रछाया में उत्तरदायी शासन।

ट्रिक: उदयपुर का सातवाँ अधिवेशन — 7वाँ · उदयपुर · नेहरू · 1945–46; पहला — 1927 · बम्बई · रामचन्द्र राव।

4. नरेन्द्र मण्डल

  • प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 8 फरवरी 1921 को दिल्ली में बना नरेन्द्र मण्डल (Chamber of Princes)।
  • देशी राजा यहाँ अपने राज्यों व भारत सरकार से जुड़ी समस्याओं पर विचार करते थे; अध्यक्षता वायसराय करता था।
  • उद्घाटन ब्रिटिश सम्राट की ओर से ड्यूक ऑफ कनाट ने लाल क़िले के दीवान-ए-आम में किया।

याद रखें: 12 प्रतिनिधि उन 127 छोटे राज्यों की ओर से चुने गए थे जिन्हें अलग सीट नहीं मिली।

5. अन्य राजनीतिक संस्थाएँ (20)

क्र.संस्थावर्षस्थानसंस्थापक
1राजस्थान कांग्रेस कमेटी1887अजमेरगोपीलाल माथुर एवं किशनलाल
2मरुधर मित्र हितकारिणी सभा1915जोधपुरजयनारायण व्यास (अन्य नाम अस्पष्ट)
3होमरूल लीग1916ब्यावरसेठ दामोदर दास राठी
4भरतपुर विद्यार्थी परिषद1920भरतपुर—

… शेष 16 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

काल / क्रमघटनाविवरण
1887राजस्थान कांग्रेस कमेटीअजमेर
1916होमरूल लीगब्यावर — दामोदर दास राठी
1928भरतपुर राज्य प्रजा संघठाकुर देशराज (सचिव) व गोपीलाल यादव (अध्यक्ष)
1930राष्ट्रीय महिला समितिजोधपुर — इंदुमति गोयनका

रोचक तथ्य: दो संस्थाएँ शासकों ने बनाईं — ब्रज जन प्रतिनिधि समिति (बृजेन्द्रसिंह) और बीकानेर समिति (सार्दुल सिंह); बाक़ी जनता या कार्यकर्ताओं की पहल थीं।

6. राजस्थान के समाचार-पत्र

काल / क्रमघटनाविवरण
1849मज़हरुल सरूरभरतपुर — राजस्थान का पहला समाचार-पत्र
1856राजपूताना अखबारजयपुर — कन्हैयालाल
1866मारवाड़ गजटजोधपुर — पश्चिमी राजस्थान का पहला पत्र
1879सज्जनकीर्ति सुधाकरउदयपुर — मेवाड़ का सरकारी गजट

7. पहले पत्र 1849–1889

पत्रवर्षस्थानख़ास बात
मज़हरुल सरूर1849भरतपुरराजस्थान का पहला समाचार-पत्र; द्विभाषी (उर्दू–हिन्दी) मासिक
राजपूताना अखबार (रोज़तुल तालीम)1856जयपुरसम्पादक कन्हैयालाल; द्विभाषी (उर्दू–हिन्दी)
लिथो प्रेस1864ब्यावरसबसे पहले ईसाई मिशनरियों ने लगाई
मारवाड़ गजटअगस्त 1866जोधपुरपश्चिमी राजस्थान का पहला पत्र; पहले सम्पादक बाबू हीरालाल; द्विभाषी

8. पथिक की पत्र-शृंखला

पत्रवर्ष · स्थानसम्पादक / प्रकाशकक्या हुआ
राजस्थान केसरी1920 · वर्धा (बाद में अजमेर)विजयसिंह पथिक; सह-सम्पादक रामनारायण चौधरी व ईश्वरदान आसिया; अजमेर में सम्पादन सत्यदेव विद्यालंकारसाप्ताहिक, राजनीतिक; जमनालाल बजाज की आर्थिक मदद; देशी राज्यों का पहला प्रमुख पत्र; 1922 में बन्द
नवीन राजस्थान1922 · अजमेरपथिक (वर्धा से आने के बाद)मेवाड़ ने प्रतिबन्ध लगाया; आगे नाम बदलकर तरुण राजस्थान
तरुण राजस्थान1923 · अजमेरछपा नाम शोभालाल गुप्त; असली सम्पादक सरकार ने रामनारायण चौधरी मानामेवाड़ के बाद बूँदी व बीकानेर में भी रोक; मार्च 1924 में सरकार ने गुप्त और चौधरी — दोनों को अदालत में खड़ा किया; 1927 से प्रधान सम्पादक जयनारायण व्यास
  • तरुण राजस्थान के संवाददाता थे कुँवर मदनसिंह (करौली) और पं. नयनूराम शर्मा (कोटा)।
  • बाद में चौधरी और शोभालाल गुप्त ने अंग्रेज़ी साप्ताहिक यंग राजस्थान (1929) निकाला।

9. स्वतंत्रता-काल के पत्र

पत्रवर्ष · स्थानसंस्थापक / सम्पादकविशेष
राजस्थान1923 · ब्यावरऋषिदत्त मेहता—
आर्य मार्तण्ड1923 · अजमेरसम्पादक पं. रामसहाय शर्मा—
त्यागभूमि1927 · अजमेरपं. हरिभाऊ उपाध्याय व क्षेमानन्द राहत1928 से “आधी दुनिया” स्तम्भ — नारी-जागृति पर 16 पृष्ठ
यंग राजस्थान1929रामनारायण चौधरी व शोभालाल गुप्तअंग्रेज़ी साप्ताहिक

10. अन्य समाचार पत्र (20)

क्र.समाचार पत्रवर्षस्थानसंस्थापक
1राजस्थान टाइम्स (अंग्रेज़ी साप्ताहिक)1885अजमेरबक्शी लक्ष्मणदास
2सर्वहित (पाक्षिक)1890बूँदीरामप्रताप शर्मा
3ज्ञानोदय1905कलकत्तापं. झाबरमल शर्मा
4मारवाड़ी बन्धु1905कलकत्तापं. झाबरमल शर्मा

रिवीजन पॉइंटर्स

  1. राजस्थान सेवा संघ 1919 में वर्धा में बना; अध्यक्ष पथिक और मंत्री रामनारायण चौधरी थे।
  2. नाम का क्रम — मरुधर हितकारिणी (1918) ➜ मारवाड़ हितकारिणी (1923) ➜ मारवाड़ यूथ लीग (1931) ➜ मारवाड़ लोक परिषद (1938)।
  3. अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद 1927 में बम्बई में बनी; पहले अधिवेशन के अध्यक्ष दीवान बहादुर रामचन्द्र राव थे।
  4. राजपूताना देशी राज्य परिषद की स्थापना 1928 में अजमेर में हुई; पहले अधिवेशन के सभापति अमृतलाल सेठ।
  5. नरेन्द्र मण्डल 8 फरवरी 1921 को दिल्ली में बना; अध्यक्षता वायसराय करता था।
  6. नरेन्द्र मण्डल में 12 प्रतिनिधि उन 127 छोटे राज्यों की ओर से चुने गए जिन्हें अलग सीट नहीं मिली।
  7. राजस्थान का पहला समाचार-पत्र मज़हरुल सरूर (1849, भरतपुर); पश्चिमी राजस्थान का पहला पत्र मारवाड़ गजट (1866, जोधपुर)।
  8. राजस्थान केसरी (1920, वर्धा) 1922 में बन्द हुआ; फिर नवीन राजस्थान (1922) और तरुण राजस्थान (1923) निकले, अंग्रेज़ी साप्ताहिक यंग राजस्थान 1929 में।

अगले भाग में आन्दोलनों की पृष्ठभूमि और कालक्रम, फिर 1818 से 1882 तक मेर, भील और मीणा विद्रोह तथा उन्हें दबाने के लिए बने सैन्य दल।

पिछला भाग: सामाजिक संस्थाएँ एवं राजनीतिक संस्थाएँ (भाग 1)

अगला भाग: जनजाति — शुरुआती विद्रोह

इन्हें भी पढ़ें: 1857 के बाद सुधार और राजनीतिक चेतना · प्रजामण्डल व स्वतंत्रता आन्दोलन

पूरी श्रृंखला: राजस्थान का इतिहास — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय

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