योजनाओं को याद रखने के लिए तीन बातें पकड़िए — कब शुरू हुई, किसने शुरू की और राजस्थान में कहाँ लागू हुई। इस भाग को इसी तरह पढ़िए: पहले स्वदेश दर्शन और प्रसाद जैसी केंद्र की योजनाएँ, फिर हैरिटेज होटल, पेइंग गेस्ट, ग्रामीण पर्यटन और शिल्प ग्राम। आगे तीर्थयात्रा योजनाएँ, पर्यटकों की सुरक्षा, दूसरे अभियान, पर्यटन नीतियाँ और पर्यटन इकाई नीति 2024 क्रमवार दी गई हैं।
माइंड मैप खोलें ➜
1. केंद्र की योजनाएँ
स्वदेश दर्शन योजना — केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने 2014–15 में शुरू की; उद्देश्य — किसी एक थीम पर पर्यटन स्थलों का एकीकृत विकास।
| परिपथ (वर्ष) | राजस्थान में विकास |
|---|---|
| मरु परिपथ (2015–16) | सांभर लेक टाउन व अन्य स्थल |
| कृष्णा परिपथ (2016–17) | गोविन्द देव जी मंदिर (जयपुर), खाटूश्याम जी (सीकर), नाथद्वारा (राजसमंद) |
| आध्यात्मिक परिपथ (2016–17) | सालासर बालाजी (चूरू), सामोद बालाजी, घाट के बालाजी, बंधे के बालाजी (जयपुर), बीजक, जैनसिया, अंबिका मंदिर (विराटनगर, कोटपूतली-बहरोड़), कामां क्षेत्र (डीग), मचकुंड (धौलपुर), सांवलिया सेठ (चित्तौड़गढ़), प्रताप गौरव केंद्र (उदयपुर) |
- 7 मार्च 2024 ➜ केशवरायपाटन (बूँदी), सांवलिया सेठ मंदिर (चित्तौड़गढ़) और करणी माता मंदिर, देशनोक (बीकानेर) स्वदेश दर्शन योजना में जोड़े गए।
- मंत्रालय ने योजना का नया रूप स्वदेश दर्शन 2.0 बनाया — राजस्थान में चुने स्थल: बूँदी (केशोराय मंदिर और बूँदी आर्ट सेंटर), जोधपुर (उम्मेद उद्यान में मारवाड़ आर्ट एंड कल्चर सेंटर)।
प्रसाद (PRASHAD) योजना
- पूरा नाम ➜ Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual, Heritage Augmentation Drive; केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, 2014–15।
- शुरू में देश के 12 शहर चुने — इनमें राजस्थान का अजमेर; पुष्कर-अजमेर के समग्र विकास के लिए ₹3264 लाख स्वीकृत।
- 13 फ़रवरी 2024 ➜ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालासेरी डूंगरी (आसींद, भीलवाड़ा) को इसमें शामिल किया।
SASCI — पार्ट III
स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फ़ॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट के तीसरे भाग (आइकॉनिक डेस्टिनेशन का विश्व-स्तरीय विकास) में भारत सरकार ने राजस्थान के 2 प्रोजेक्ट मंज़ूर किए — आमेर-नाहरगढ़ क्षेत्र और जलमहल।
2. ठहरने व निवेश की योजनाएँ
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1991 | हैरिटेज होटल योजना | 1950 से पुरानी इमारत को हैरिटेज प्रमाण-पत्र; देश का पहला हैरिटेज होटल — अजीत भवन (जोधपुर) |
| 27 सितम्बर 1991 | पेइंग गेस्ट योजना | पहले 3 शहरों में, फिर 12 में, 2013–14 से पूरे राज्य में — पर्यटक घर जैसे माहौल में राजस्थानी संस्कृति और मेहमाननवाज़ी देखें |
| 25 जून 2021 | राजकीय अतिथि गृह योजना 2021 | प्राकृतिक, सुरम्य जगहों पर बने जल संसाधन विभाग, PWD आदि के सरकारी अतिथि गृहों में पर्यटक ठहर सकते हैं |
… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
- होम स्टे में बदलाव — पहले कम-से-कम 2 कमरे देने की शर्त थी; अब 1 कमरा देने वाला घर भी योजना में आ सकता है।
- संबल योजना ➜ उद्यमी के ₹25 लाख तक के ऋण पर ब्याज में 1% अतिरिक्त अनुदान, 3 वर्ष तक; यानी हर साल कुल 9% ब्याज अनुदान।
3. ग्रामीण पर्यटन व शिल्प ग्राम
ग्रामीण पर्यटन विकास परियोजना (2008–09)
- पायलट प्रोजेक्ट ➜ कुलधरा (जैसलमेर) और टोडारायसिंह (टोंक)।
- इसके बाद केंद्र की आर्थिक मदद ➜ मोलेला (राजसमंद), सामोद (जयपुर), नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़)।
- विकास कार्य ➜ बिचून (जयपुर), बस्सी (चित्तौड़), भूरी पहाड़ी (सवाई माधोपुर), अलसीसर (झुंझुनूं) और उदयपुर का एक गाँव।
राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना — 30 नवम्बर 2022
- मक़सद ➜ पर्यटन बढ़ाना, निवेश लाना और गाँवों में रोज़गार।
- ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को ₹25 लाख तक के ऋण पर मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना में 8% की जगह 9% ब्याज सब्सिडी।
- कम-से-कम ₹1 करोड़ लगाने वाली ग्रामीण इकाई को 10 वर्ष तक SGST का 100% पुनर्भरण (आर्थिक समीक्षा 2022–23)।
बजट 2024–25 — ग्रामीण पर्यटन
₹20 करोड़ से ये गाँव सँवरेंगे — बरौली धाऊ (कामां, डीग), देवमाली (ब्यावर), पिपलांत्री (राजसमंद), महनसर (झुंझुनूं), भूरी पहाड़ी (रणथम्भौर, सवाई माधोपुर), केमला (इंद्रगढ़, बूँदी), रूसी रानी महल (दबकन, अलवर), आभानेरी (दौसा), शेरगढ़ (बाराँ), लापोड़िया (मालपुरा, टोंक)। ग्रामीण पर्यटन के लिए रायसर (बीकानेर) भी विकसित होगा।
शिल्प ग्राम योजना
मक़सद — राज्य की परम्परागत हस्तकला को बढ़ावा, कारीगरों को एक जगह जुटाना और उन्हें बिचौलियों से बचाना।
- राज्य का पहला शिल्प ग्राम — हवाला (उदयपुर)।
- अन्य ➜ पुष्कर (अजमेर), पाल (जोधपुर), रामसिंहपुरा (सवाई माधोपुर)।
- नए ➜ डूंगरपुर (बजट 2024–25) और सवाई माधोपुर (बजट 2025–26)।
4. तीर्थयात्रा योजनाएँ
वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना — 2013
- देवस्थान विभाग चलाता है; राज्य सरकार बुज़ुर्गों को मुफ़्त तीर्थयात्रा कराती है। पुराना नाम — दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना।
- पात्रता ➜ राजस्थान का मूल निवासी, आयु 60 वर्ष या ज़्यादा।
- 70 वर्ष से ज़्यादा के बुज़ुर्ग और 60 वर्ष से ज़्यादा के दिव्यांगजन यात्रा में 1 सहायक साथ ले जा सकते हैं।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
| साधन | तीर्थ |
|---|---|
| रेल से | रामेश्वरम, जगन्नाथपुरी, वैष्णोदेवी, शिरडी, द्वारकापुरी, तिरुपति, कामाख्या, उज्जैन, वाराणसी, अमृतसर, श्रवणबेलगोला, सम्मेदशिखर, बिहार शरीफ़, गया (बिहार), हरिद्वार, कोच्चि, लखनऊ, मथुरा-वृन्दावन |
| हवाई जहाज़ से | पशुपतिनाथ, काठमांडू (नेपाल) |
अन्य तीर्थयात्रा सहायता
| योजना | कब | सहायता |
|---|---|---|
| कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा | 1 अप्रैल 2011 | हर साल अधिकतम 100 यात्री; प्रति यात्री ₹1 लाख (देवस्थान विभाग) |
| सिन्धु दर्शन यात्रा | 1 अप्रैल 2016 | लद्दाख के सिन्धु दर्शन तीर्थ जाने वाले राज्यवासी को ख़र्च का 50%, अधिकतम ₹15,000 (आर्थिक समीक्षा 2024–25) |
| मोक्ष कलश योजना | कोविड-19 काल | परिवहन ठप होने से ग़रीब परिवार अस्थियाँ गंगा में नहीं बहा पा रहे थे — 1 अस्थिकलश के साथ परिवार के 2 सदस्यों को रोडवेज़ बस से हरिद्वार की मुफ़्त यात्रा; एजेंसी — राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम |
अपना धाम, अपना काम, अपना नाम योजना — देवस्थान विभाग की योजना, आध्यात्मिक पर्यटन में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए।
ट्रिक: तारीख़ का जोड़ा — दोनों 1 अप्रैल: कैलाश 2011, सिन्धु 2016।
5. पर्यटकों की सुरक्षा
पर्यटन सहायता बल (पर्यटन पुलिस / TAF)
- 1 अगस्त 2000 से; पर्यटन पुलिस लगाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य।
- सबसे पहले जंतर मंतर और आमेर (जयपुर) पर तैनाती; अभी 15 ज़िलों में।
- बल के जवान भूतपूर्व सैनिक हैं — इन्हें सैनिक कल्याण बोर्ड ने उपलब्ध कराया।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
| अभियान | किसने | किससे बचाव |
|---|---|---|
| ऑपरेशन स्वागतम | जयपुर प्रशासन | पर्यटन स्थलों पर भिखारी, ठग, धोखेबाज़, चोर |
| ऑपरेशन वेलकम | जैसलमेर पुलिस | लपका गिरोह |
ट्रिक: स्वागतम — जयपुर (प्रशासन); वेलकम — जैसलमेर (पुलिस, लपके)। दोनों का अर्थ एक, शहर अलग।
6. अन्य योजनाएँ व अभियान
| योजना / पहल | ब्योरा |
|---|---|
| पैलेस ऑन एयर | पैलेस ऑन व्हील्स की तरह वायुयान से राज्य के 5 ज़िले, दिल्ली और आगरा की सैर — अब बंद |
| एडॉप्ट ए मोन्यूमेंट | ऐतिहासिक स्थलों के विकास, जीर्णोद्धार और सुविधाओं में निजी सहयोग |
| हाड़ौती कॉम्प्लेक्स | कोटा संभाग की पुरातात्त्विक धरोहरों-स्मारकों का संरक्षण |
| मेवाड़ कॉम्प्लेक्स | 18 जनवरी 1997, महाराणा प्रताप की 400वीं पुण्यतिथि पर; गोगुन्दा, चावंड, हल्दीघाटी, दिवेर का विकास; इसी में दिवेर का विजय स्तम्भ बना |
7. पर्यटन नीतियाँ
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 27 सितम्बर 2001 | पहली पर्यटन नीति | विश्व पर्यटन दिवस के दिन |
| 2007 | दूसरी पर्यटन नीति | “रिसर्जेंट राजस्थान सम्मेलन” में जारी |
| 4 फ़रवरी 2010 | पहली ईको टूरिज़्म पॉलिसी | पारिस्थितिकी पर्यटन नीति — 10 स्थल चुने |
| 3 जून 2015 | राजस्थान पर्यटन इकाई नीति 2015 | बाद में 31 मई 2024 तक बढ़ाई |
- ईको टूरिज़्म नीति 2021 ➜ हर ज़िले में ज़िला कलेक्टर की अध्यक्षता में ज़िला स्तरीय ईको टूरिज़्म समिति; नीति लागू करने का नोडल विभाग — वन विभाग।
- फ़िल्म नीति 2022 ➜ पर्यटन विभाग के निदेशक/आयुक्त की अध्यक्षता में फ़िल्म टूरिज़्म फ़ैसिलिटेशन सेल (FTFC); फ़ीचर फ़िल्म, टीवी सीरियल, वेब सीरीज़, डॉक्यूमेंट्री और रियलिटी शो पर लागत (QCOP) का 15% या ₹2 करोड़ — जो कम हो — सब्सिडी; राजस्थानी फ़िल्म बनाने पर SGST लौटाया जाएगा।
- हील इन राजस्थान पॉलिसी ➜ राज्य को मेडिकल टूरिज़्म का केंद्र बनाने के लिए आएगी; इसके लिए स्टेट मेडिकल वैल्यू ट्रैवल कमेटी बनी।
8. पर्यटन इकाई नीति 2024
- मक़सद ➜ पर्यटन के निवेशकों-उद्यमियों के लाभ बढ़ाना, निजी क्षेत्र में नई पर्यटन इकाइयाँ खुलवाना और इससे रोज़गार-उद्यमिता के मौक़े बनाना।
- होटल, रेस्तराँ और दूसरे पर्यटन प्रतिष्ठान चलाने की लाइसेंस प्रक्रिया सरल-सुव्यवस्थित की गई।
- उद्देश्य ➜ राजस्थान को पर्यटन निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाना।
- स्टाम्प ड्यूटी में लाभ
- भवन योजना अनुमोदन शुल्क औद्योगिक दरों पर
- विकास शुल्क और भूमि (रूपांतरण) शुल्क से छूट
- बिजली शुल्क औद्योगिक दरों पर
- परिचालन लाइसेंस (व्यापार, होटल, रेस्तराँ) — एक बार में 10 वर्ष के लिए
रिवीजन पॉइंटर्स
- स्वदेश दर्शन योजना केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने 2014–15 में शुरू की; इसका उद्देश्य एक थीम पर पर्यटन स्थलों का एकीकृत विकास है।
- प्रसाद (PRASHAD) योजना भी 2014–15 की है; राजस्थान से अजमेर शामिल है और पुष्कर-अजमेर के लिए 3264 लाख रुपये स्वीकृत हुए।
- देश का पहला हैरिटेज होटल अजीत भवन (जोधपुर) है; हैरिटेज होटल योजना 1991 में आई।
- राज्य का पहला शिल्प ग्राम हवाला (उदयपुर) है; अन्य शिल्प ग्राम पुष्कर, पाल और रामसिंहपुरा में हैं।
- वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना 2013 में शुरू हुई और इसकी पात्रता आयु 60 वर्ष या ज़्यादा है।
- तारीख़ की जोड़ी याद रखें — कैलाश मानसरोवर यात्रा (2011) और सिन्धु दर्शन यात्रा (2016) दोनों 1 अप्रैल से शुरू हुईं।
- पर्यटन पुलिस (TAF) 1 अगस्त 2000 से शुरू हुई; ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।
- ऑपरेशन स्वागतम जयपुर प्रशासन का अभियान है, जबकि ऑपरेशन वेलकम जैसलमेर पुलिस का — लपका गिरोह के विरुद्ध।
- पहली पर्यटन नीति 27 सितम्बर 2001 को आई, दूसरी 2007 में, और पहली ईको टूरिज़्म पॉलिसी 4 फ़रवरी 2010 को।
अगले भाग में बजट घोषणाएँ, 2024–25 के पुरस्कार, यूनेस्को विश्व धरोहरें, ज़िलेवार प्रमुख स्थल, रोप-वे, सफ़ारी, शाही रेलगाड़ियाँ और महोत्सव।
पिछला भाग: राजस्थान में पर्यटन: पर्यटन — परिचय व आँकड़े एवं पर्यटन परिपथ (सर्किट)
अगला भाग: राजस्थान में पर्यटन: प्रमुख पर्यटन स्थल व धरोहर
इन्हें भी पढ़ें: राजस्थान के दुर्ग · राजस्थान के प्रमुख संग्रहालय
पूरी श्रृंखला: राजस्थान का भूगोल — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय
इस विषय का माइंड मैप ➜Complete Rajasthan GK पास देखें



