रेल और हवाई परिवहन में याद रखने लायक़ ज़्यादातर बातें रिकॉर्ड हैं — पहला, सबसे बड़ा, सबसे नया और उसकी ठीक-ठीक जगह। इस भाग में नई लाइनें, सुरंगें व दर्रे, रेल संस्थाएँ व रिकॉर्ड, ख़ास ट्रेनें और जयपुर मेट्रो हैं। उसके बाद वायु परिवहन की मूल बातें, राज्य के हवाई अड्डे और विमानन नीति-उड़ान प्रशिक्षण आते हैं।
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1. नई लाइनें, सुरंगें व दर्रे
| नवीनतम रेलमार्ग | लंबाई / ब्योरा |
|---|---|
| अजमेर (मदार)–पुष्कर | 24.27 किमी — 23 जनवरी 2012 से |
| थैयात हमीरा–सोनू (जैसलमेर) | 58 किमी — सोनू खान से चूना पत्थर की ढुलाई |
| बांगड़ ग्राम–रास | 28 किमी |
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| निर्माणाधीन रेलमार्ग | लंबाई / ब्योरा |
|---|---|
| रतलाम–बांसवाड़ा–डूंगरपुर | 192 किमी; शिलान्यास 3 जून 2011 को सोनिया गाँधी ने; फ़रवरी 2024 में ₹150 करोड़ का बजट |
| गुढ़ा–ठठाना मिठड़ी | RDSO टेस्ट ट्रैक |
| नाथद्वारा–नाथद्वारा टाउन | 10 किमी |
| तारंगा हिल–आबू रोड–अम्बाजी | 117 किमी |
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ऊपर की सूचियाँ “रेल राजस्थान 2024” (भारतीय रेल) पर आधारित हैं।
रेल सुरंगें
| सुरंग | कहाँ | लंबाई |
|---|---|---|
| राज्य की सबसे बड़ी रेल सुरंग | गंगापुर–दौसा लाइन पर डीडवाना–इंदावा के बीच | 2150 मी |
| देबारी सुरंग | चित्तौड़गढ़ और उदयपुर के बीच | 750 मी |
| कामली घाट — पहली | देवगढ़ और मारवाड़ जंक्शन मीटर गेज लाइन | 500 मी |
| दर्रों से गुज़रने वाली लाइनें | मार्ग |
|---|---|
| बर दर्रा | अजमेर–मारवाड़ जंक्शन–आबू रोड |
| गोरमघाट दर्रा | उदयपुर–जोधपुर मार्ग (मावली–मारवाड़ जंक्शन) |
सामरिक रेल लाइनें (2) — जैसलमेर–पोकरण और बठिंडा–सूरतगढ़।
2. रेल संस्थाएँ व रिकॉर्ड
| संस्थान | कहाँ | ब्योरा |
|---|---|---|
| कैरिज वर्कशॉप | अजमेर | ब्रॉड गेज कोचों की ओवरहॉलिंग |
| डीज़ल लोकोमोटिव और वैगन वर्कशॉप | अजमेर | 1879 में बना; यहाँ 1895 में पहला रेल इंजन तैयार हुआ; इंजनों की ओवरहॉलिंग |
| सिमको वैगन फ़ैक्ट्री (CIMMCO — Central India Machinery Manufacturing Company) | भरतपुर | 31 जनवरी 1957 को स्थापना; 13 नवम्बर 2000 को बंद; 9 अक्टूबर 2008 को “टीटागढ़ वैगन्स कम्पनी” ने फिर चालू की |
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समर्पित माल गलियारा (DFC)
- दिल्ली–मुम्बई माल गलियारे का राजस्थान वाला टुकड़ा ही राज्य का पहला ऐसा रेलमार्ग है जो केवल माल ढोने के लिए बना; राज्य में लगभग 635 किमी (पालनपुर, आबू रोड, फालना, मारवाड़, अजमेर, फुलेरा, रींगस, रेवाड़ी)।
- परियोजना का 38% हिस्सा राज्य के 8 ज़िलों से — कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, ब्यावर, पाली, सिरोही; इस पर फुलेरा, बांगुरग्राम, मारवाड़ जंक्शन — 3 जंक्शन बने।
- 12,000 HP वाले शक्तिशाली बिजली इंजन पहली बार मालगाड़ी खींचते दिखे — रेवाड़ी–रींगस–फुलेरा खंड पर। इसी खंड पर भारतीय रेल ने पहली बार ऊँचे (हाई-राइज़) OHE पर 25 kV प्रणाली अपनाई और ख़र्च घटाने के लिए दो मंज़िला (डबल स्टैक) कंटेनर चलाए।
डेडिकेटेड टेस्ट ट्रैक — नावां (डीडवाना-कुचामन) — तेज़ रफ़्तार ट्रेनों और डिब्बों-इंजनों (रोलिंग स्टॉक) को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर परखने के लिए बन रहा 64 किमी का ब्रॉड गेज ट्रैक; नावां के पास गुढ़ा और ठठाना मिठड़ी के बीच; लागत ₹820 करोड़।
रिकॉर्ड और ख़ास स्टेशन
| तथ्य | कहाँ / क्या |
|---|---|
| पहली सुपरफ़ास्ट ट्रेन | पिंक सिटी एक्सप्रेस (दिल्ली–जयपुर) |
| एशिया का मीटर गेज का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड | फुलेरा जंक्शन (जयपुर) |
| आधा राजस्थान, आधा MP में | भवानी मंडी स्टेशन (झालावाड़) |
| सबसे लंबा रेल पुल | 8.7 किमी — गुढ़ा से रींगस तक, सीकर में |
- अमृत भारत स्टेशन योजना ➜ 85 स्टेशनों का पुनर्विकास, ₹4500 करोड़।
- एक स्टेशन एक उत्पाद ➜ स्टेशन पर उसी इलाक़े का ख़ास सामान बिके, ताकि स्थानीय कारीगर-व्यापारी आगे बढ़ें; 12 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री ने राज्य के 4 स्टेशनों के स्टॉल खोले।
याद रखें: कनिष्ठ अनुदेशक 2025 — भवानी मंडी स्टेशन राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर है।
3. ख़ास ट्रेनें
राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस — 4
- अजमेर–चंडीगढ़ ➜ 12 अप्रैल 2023; राज्य की पहली वंदे भारत
- जोधपुर–साबरमती — 7 जुलाई 2023
- उदयपुर सिटी–जयपुर
पर्यटन ट्रेनें
| ट्रेन | शुरुआत · कौन चलाता है | ख़ास बातें |
|---|---|---|
| पैलेस ऑन व्हील्स (नया नाम: हैरिटेज पैलेस ऑन व्हील्स) | 26 जनवरी 1982; सितम्बर 1995 से ब्रॉड गेज पर · भारतीय रेल + ITDC | शाही रेलगाड़ी; 14 सैलून पुरानी रियासतों के नाम पर; दो रेस्तराँ — “द महाराजा”, “द महारानी”; स्लोगन “वन वीक इन वंडरलैंड”; नई दिल्ली से चलकर जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, भरतपुर और आगरा (UP) में रुकती है |
| फ़ेरी क्वीन / हैरिटेज ऑन व्हील्स | 2003 · भारतीय रेल + RTDC | शेखावाटी में मीटर गेज पर पुराने भाप इंजन से; अब बंद |
| रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स (नया नाम: पैलेस ऑन व्हील्स) | 15 मार्च 2009 · भारतीय रेल + RTDC | सैलूनों के नाम राजस्थान के महलों पर; रूट — जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, जयपुर, भरतपुर, आगरा, दिल्ली |
ऊपर — पैलेस ऑन व्हील्स के 14 सैलूनों के नाम।
अंतरराष्ट्रीय ट्रेनें
- थार एक्सप्रेस ➜ भारत-पाकिस्तान के बीच, मुनाबाव (बाड़मेर) से खोखरापार (पाकिस्तान); 17 फ़रवरी 2006 से। जोधपुर से चलती है — जोधपुर से मुनाबाव तक “लिंक एक्सप्रेस”, मुनाबाव से ज़ीरो पॉइंट तक “थार एक्सप्रेस”; राज्य में इसका पहला स्टेशन मुनाबाव। तनावपूर्ण संबंधों के कारण अभी बंद।
- समझौता एक्सप्रेस ➜ अटारी (पंजाब) से लाहौर।
- मैत्री एक्सप्रेस ➜ चितपुर (कोलकाता) से ढाका (बांग्लादेश)।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अभियान
| अभियान | किसके लिए |
|---|---|
| मेरी सहेली / स्मार्ट सहेली | ट्रेनों में अकेले सफ़र करने वाली महिलाएँ |
| ऑपरेशन अमानत | खोए सामान की जानकारी |
| ऑपरेशन जीवन रक्षा | जान बचाना |
4. जयपुर मेट्रो
- जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JMRC) ➜ 1 जनवरी 2010 को बना।
- राजस्थान की पहली और देश की छठी मेट्रो; 2 चरणों में बन रही है; एशियाई विकास बैंक की आर्थिक मदद; ट्रैक गेज 1435 mm।
| चरण | खंड | ब्योरा |
|---|---|---|
| 1A | मानसरोवर → चाँदपोल (12 किमी) | ट्रायल रन 18 सितम्बर 2013; व्यावसायिक संचालन 3 जून 2015; अजमेर पुलिया से सोडाला तक देश का पहला दोहरा एलिवेटेड ट्रैक; लागत ₹2,023 करोड़ — पूरी राज्य सरकार ने दी |
| 1B | चाँदपोल → बड़ी चौपड़ | व्यावसायिक संचालन 23 सितम्बर 2020; 2.1 किमी भूमिगत; 2 भूमिगत स्टेशन — छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़; इसके बाद मेट्रो 11.3 किमी लंबी, 11 स्टेशन; लागत ₹1,126 करोड़ — ADB से ₹810 करोड़ ऋण, बाक़ी राज्य सरकार |
| 1C | बड़ी चौपड़ → ट्रांसपोर्ट नगर | DPR दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बनाई; राज्य ने प्रशासनिक-वित्तीय मंज़ूरी दी; अनुमानित ₹980.08 करोड़ |
बजट घोषणा 2025–26
- दूसरा चरण (सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र → अम्बाबाड़ी, विद्याधर नगर / टोडी मोड़ तक) — क़रीब ₹12 हज़ार करोड़, केंद्र और राज्य मिलकर।
- जगतपुरा और वैशाली नगर तक मेट्रो विस्तार की DPR बनेगी।
5. वायु परिवहन — मूल बातें
- वायु परिवहन संघ सूची में है, इसलिए इसे बढ़ाने-फैलाने का पूरा काम केंद्र के हाथ में है।
- 1 अगस्त 1953 को वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- राज्य में पहला फ़्लाइंग क्लब — जोधपुर, 1929 में महाराजा उम्मेदसिंह ने शुरू किया।
- हवाई पट्टियाँ ➜ 22 (4 निजी + 18 राज्य सरकार की)
- हवाई अड्डे ➜ 10 — 4 नागरिक, 6 सैन्य
- प्रस्तावित हवाई अड्डे ➜ 2
| निजी हवाई पट्टी | किसकी |
|---|---|
| कांकरोली | जे.के. ग्रुप |
| पिलानी | बिड़ला ग्रुप |
| वनस्थली (टोंक) | वनस्थली विद्यापीठ |
राज्य के तीन प्रमुख राष्ट्रीय वायुमार्ग
- दिल्ली–आगरा–जयपुर
- दिल्ली–जयपुर–जोधपुर–उदयपुर–अहमदाबाद–मुम्बई
- दिल्ली–जयपुर–उदयपुर–औरंगाबाद–मुम्बई
ट्रिक: निजी पट्टियाँ: “कांच पिला वन में बाराती” — कांकरोली, पिलानी, वनस्थली, बारां।
6. राज्य के हवाई अड्डे
सांगानेर हवाई अड्डा — जयपुर
- राजस्थान का पहला और देश का 14वाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा; भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अधीन।
- यहाँ से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान फ़रवरी 2002 में दुबई गई; अंतरराष्ट्रीय दर्जा 29 दिसम्बर 2005, अधिसूचना फ़रवरी 2006।
- देश का पहला हवाई अड्डा जहाँ 4G वाई-फ़ाई मिला; इसकी सारी बिजली सौर ऊर्जा से।
| हवाई अड्डा | ज़िला | किसके अधीन / ख़ास बात |
|---|---|---|
| महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, डबोक | उदयपुर | — |
| कोटा हवाई अड्डा | कोटा | 18 अगस्त 2017 को यहाँ से जयपुर के लिए सेवा |
| किशनगढ़ हवाई अड्डा | अजमेर | AAI; उद्घाटन 11 अक्टूबर 2017; व्यावसायिक उड़ानें 1 अप्रैल 2019 (किशनगढ़–अहमदाबाद); राज्य का नवीनतम हवाई अड्डा |
| सूरतगढ़ | श्रीगंगानगर | भूमिगत हवाई अड्डा; भारतीय वायुसेना |
ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट, कोटा — जुलाई 2021 में राज्य ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को शम्भुपुरा (कोटा) में 1250 एकड़ ज़मीन मुफ़्त दी; यह राज्य का पहला ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट होगा; 19 जुलाई 2024 को AAI के साथ त्रिपक्षीय MoU।
व्यावसायिक श्रेणी के 7 हवाई अड्डे, जहाँ से नागरिक उड़ानें चलती हैं — जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, जैसलमेर, उदयपुर, किशनगढ़।
याद रखें: कनिष्ठ अनुदेशक 2025, वनपाल 2022 — डबोक हवाई अड्डा उदयपुर में। पशु परिचर 2024 — जयपुर का प्रथम श्रेणी हवाई अड्डा (घरेलू + अंतरराष्ट्रीय): सांगानेर।
7. विमानन नीति व उड़ान प्रशिक्षण
नागरिक विमानन नीति 2024
- राज्य मंत्रिमंडल ने 3 जुलाई 2024 को मंज़ूरी दी।
- किशनगढ़, झालावाड़, भीलवाड़ा में फ़्लाइंग स्कूल; कोटा में ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट; जयपुर में एयरोसिटी।
- पुरानी पट्टियाँ सुधारकर फिर से उड़ान लायक़ बनेंगी; हवाई अड्डों पर माल (कार्गो) की सुविधा।
| विषय | ब्योरा |
|---|---|
| रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उड़ान) | केंद्र की योजना — एयरलाइनों को न्योता देकर राज्य के बड़े और सैलानियों वाले शहरों तक उड़ानें |
| ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा | पुराना अड्डा बढ़ाकर भी भीड़ न सँभले, तो उससे दूर किसी नई ज़मीन पर पूरा नया अड्डा बनता है; “ग्रीनफ़ील्ड” परियोजना वह जो बिल्कुल कोरी शुरुआत हो — पहले के किसी काम का उस पर असर नहीं |
| हेलीकॉप्टर जॉयराइड | RTDC ने प्रायोगिक तौर पर सम (जैसलमेर) से शुरू की |
| उड़ान प्रशिक्षण अकादमी — किशनगढ़ | मुख्यमंत्री ने 4 अगस्त 2023 को किशनगढ़ एयरपोर्ट पर “अव्याना एविएशन” का उद्घाटन किया — राज्य की पहली फ़्लाइंग एकेडमी; AAI की FTO नीति में चुने गए देश के 10 एयरपोर्ट में किशनगढ़ भी |
8. रैपिड फायर तथ्य
- राज्य की सबसे बड़ी रेल सुरंग ➜ 2150 मी, गंगापुर–दौसा लाइन पर डीडवाना–इंदावा के बीच
- एशिया का मीटर गेज का सबसे बड़ा यार्ड ➜ फुलेरा जंक्शन
- आधा राजस्थान, आधा MP में ➜ भवानी मंडी स्टेशन (झालावाड़)
- सबसे लंबा रेल पुल ➜ 8.7 किमी, गुढ़ा से रींगस तक (सीकर)
- राज्य की पहली वंदे भारत ➜ अजमेर–चंडीगढ़, 12 अप्रैल 2023
- पैलेस ऑन व्हील्स ➜ 26 जनवरी 1982 से; 14 सैलून
- जयपुर मेट्रो ➜ राजस्थान की पहली, देश की छठी; JMRC 1 जनवरी 2010 को बना
- राज्य का पहला फ़्लाइंग क्लब ➜ जोधपुर, 1929
- सांगानेर हवाई अड्डा ➜ राज्य का पहला और देश का 14वाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
अगले भाग में जनगणना क्यों होती है, भारत और राजस्थान में उसका इतिहास, 2001 से 2011 की तुलना, राज्य की जनसंख्या, उसका वितरण और दस-साला वृद्धि दर।
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