राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: बागवानी, फल व फूल एवं कृषि संस्थाएँ – Rajasthan Geography Chapter 41

जैतून-खजूर, बागवानी, उत्कृष्टता केंद्र, बायोफ़्यूल, कृषि संस्थाएँ-विश्वविद्यालय, हरित क्रांति और केंद्र की कृषि योजनाएँ।

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In this chapter (13 sections)
  1. जैतून, खजूर व गुलाब
  2. ज़िलेवार बागवानी उत्पादन
  3. उत्कृष्टता केंद्र (CoE)
  4. बायोफ़्यूल प्राधिकरण
  5. राज्य की कृषि संस्थाएँ
  6. देश स्तर की संस्थाएँ
  7. कृषि विश्वविद्यालय
  8. राज्य के कृषि “पहले”
  9. हरित क्रांति
  10. कृषि मिशन व योजनाएँ
  11. खाद्य सुरक्षा मिशन व फसल बीमा
  12. किसान सम्मान निधि व अन्य
  13. रिवीजन पॉइंटर्स

बागवानी और कृषि संस्थाओं वाला हिस्सा तथ्यों की लम्बी सूची जैसा लगता है, पर उसमें «पहला» और «सबसे बड़ा» की भरमार है — पहली बायोफ़्यूल नीति, पहली जैतून रिफ़ाइनरी, पहली निजी मंडी। इस भाग में जैतून-खजूर-गुलाब, ज़िलेवार बागवानी, उत्कृष्टता केंद्र, बायोफ़्यूल प्राधिकरण, राज्य व देश स्तर की संस्थाएँ, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि «पहले», हरित क्रांति और केंद्र की कृषि योजनाएँ आती हैं।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें, 1 चॉक-बोर्ड चित्र, 30 नक्शे, 2 चार्ट, 30 फ्लैशकार्ड और 25 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
माइंड मैप खोलें ➜

1. जैतून, खजूर व गुलाब

जैतून

  • देश में सबसे पहले राजस्थान ने जैतून को प्लांटेशन क्रॉप अधिसूचित किया; 800 हे. में लगाया, 2017–18 तक 1500 हे. का लक्ष्य; अभी 7 फ़ार्मों में इज़रायल के सहयोग से खेती।
  • 18 नवम्बर 2006 ➜ इज़रायली कम्पनी इंडोलिव, राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड और प्लास्ट्रो प्लासन इंडस्ट्रीज़ का त्रिपक्षीय समझौता — “राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन कम्पनी” बनी।
  • देश की पहली जैतून तेल रिफ़ाइनरी — लूणकरणसर (बीकानेर), 3 अक्टूबर 2014; तेल “राज ऑलिव” ब्रांड से बिकता है; जैतून तेल बनाने वाला देश का पहला राज्य।

… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

खजूर

  • पश्चिमी राजस्थान की जलवायु अनुकूल ➜ UAE से टिश्यू कल्चर पौधे मँगाकर सरकारी ज़मीन पर मॉडल फ़ार्म।
  • सबसे ज़्यादा संभावना ➜ बीकानेर संभाग; खजूर अनुसंधान केंद्र — बीकानेर (1978)।
  • किस्में — हलावी, मेडजूल (छुआरे बनते हैं), खुनेजी, ज़ाहिदी, ख़दरावी; रोग — ग्रेफ़ियोला।

… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

गुलाब व फूल

  • खमनोर (राजसमंद) और नाथद्वारा का चैती गुलाब — सबसे अच्छी किस्म, चैत्र महीने में ज़्यादा खिलता है।
  • सबसे ज़्यादा गुलाब ➜ अजमेर; राज्य की पहली पुष्प मंडी और “गुलाब नगरी” — पुष्कर।
  • पुष्प पार्क ➜ खुशखेड़ा (खैरथल-तिजारा), RIICO; राज्य और देश की सबसे बड़ी फूल मंडी — मुहाना मंडी (जयपुर)।

2. ज़िलेवार बागवानी उत्पादन

फसलसबसे ज़्यादा (2022–23)(2021–22)
लाल मिर्चसवाई माधोपुरसवाई माधोपुर
धनियाझालावाड़झालावाड़
मेथीबीकानेरबीकानेर
हल्दीबीकानेरबीकानेर

… शेष 25 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

“राजस्थान का नागपुर” — झालावाड़ (संतरा)। जालौर का सिंदूरी अनार अलग पहचान रखता है।

नई किस्में

संस्थानकिस्में
केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, बीकानेरथार शोभा (खेजड़ी), थार सेविका, गोमा कीर्ति व थार भूभराज (बेर), थार माणक (मतीरा), AHK-119 व AHK-120 (काचरी), थार भादवी (ग्वार), गोमा ऐश्वर्य (आँवला), गोमा प्रियंका (जामुन), गोमा खट्टा (अनार)
कृषि अनुसंधान केंद्र दुर्गापुराख़रबूज़ा — दुर्गापुरा मधु, RM 43; तरबूज़ — दुर्गापुरा मीठा, दुर्गापुरा केसर

3. उत्कृष्टता केंद्र (CoE)

केंद्रकहाँ
फलों का उत्कृष्टता केंद्रनांता (कोटा) — कृषि एवं उद्यानिकी फ़ार्म, 20 अप्रैल 2016
अमरूददेवड़ावास (टोंक)
आमखेमरी (धौलपुर)
खजूरसगरा-भोजका फ़ार्म (जैसलमेर)
  • अमरूद, आम और संतरे के उत्कृष्टता केंद्र इज़रायल की मदद से बने।
  • 26 जून 2023 ➜ मुख्यमंत्री ने उदयपुर ज़िले में सीताफल, आम और वनोपज-औषधीय पौधों के 3 उत्कृष्टता केंद्र घोषित किए।
  • RKVY के तहत झालावाड़, धौलपुर, टोंक, बूँदी, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, बस्सी (जयपुर) और नांता (कोटा) के उत्कृष्टता केंद्र मज़बूत किए जा रहे हैं।

याद रखें: RAS प्रारम्भिक 2025 — बस्सी: अनार; सगरा-भोजका: खजूर; देवड़ावास: अमरूद; खेमरी: आम।

4. बायोफ़्यूल प्राधिकरण

  • 2007 में बंजर ज़मीन पर तेल वाले पौधों की खेती बढ़ाने के लिए बना — उद्देश्य रतनजोत, करंज, महुआ, नीम आदि की खेती, प्रसंस्करण और विपणन।
  • रतनजोत के लिए उपयुक्त 12 ज़िले — कोटा, बूँदी, बाराँ, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूँगरपुर, उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़।
  • करंज के लिए उपयुक्त 8 पूर्वी ज़िले — अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक।
काल / क्रमघटनाविवरण
14 सितम्बर 2005राज्य बायोफ़्यूल मिशनमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में
17 जनवरी 2007पहली बायोफ़्यूल नीतिऐसी नीति लाने वाला देश का पहला राज्य
2008संशोधित नीति

देश का पहला बायोफ़्यूल मोबाइल रिटेल आउटलेट — जोधपुर। विश्व जैव ईंधन दिवस — 10 अगस्त।

5. राज्य की कृषि संस्थाएँ

संस्थाकब / कहाँकाम
राजस्थान कृषि अनुसंधान केंद्रदुर्गापुरा (जयपुर), 1943अब श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय का घटक
राजस्थान राज्य भंडारण निगम (RSWC)30 दिसम्बर 1957गोदाम बनाना, उपज का वैज्ञानिक भंडारण; 41 ज़िलों में 96 गोदाम, क्षमता 18.12 लाख टन (दिसम्बर 2024)
कृषि अनुसंधान निदेशालय1964, उदयपुर1981–82 में जयपुर, 1992–93 में बीकानेर
राजस्थान कृषि उद्योग निगम1965कृषि के औद्योगिक साज़ो-सामान किसानों तक

6. देश स्तर की संस्थाएँ

काज़री (CAZRI) — केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर

काल / क्रमघटनाविवरण
1952मरु वनीकरण शोध केंद्रजोधपुर
1957विस्तारमरु वनीकरण एवं मृदा संरक्षण केंद्र
1959काज़रीICAR के अधीन पूर्ण संस्थान — ऑस्ट्रेलिया व यूनेस्को के सहयोग से

शुष्क-अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में वनों का विकास, शोध और अध्ययन; मरुस्थल के पेड़-पौधे, चारागाह, पशु, पानी और मिट्टी का संरक्षण करके मरुस्थल की पारिस्थितिकी बचाना। उपकेंद्र — बीकानेर, जैसलमेर, पाली, भुज आदि।

याद रखें: केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान और शुष्क वन अनुसंधान संस्थान — दोनों जोधपुर में (REET L-2, 2025)।

संस्थाकब / कहाँकाम
कृषि लागत व मूल्य आयोग1965किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य
नाबार्ड (NABARD)12 जुलाई 1982, मुम्बईशिवरमन समिति की सिफ़ारिश पर; देश में कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक
चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान8 अगस्त 1988, जयपुरकृषि विपणन में प्रशिक्षण और शोध
राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्रतबीजी (अजमेर), 2000ICAR

7. कृषि विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालयकहाँस्थापना
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालयबीकानेरपहला कृषि विश्वविद्यालय 1962 में उदयपुर में; 1964 में बहुसंकाय “मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय”; अगस्त 1987 में कृषि संकाय अलग होकर राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर; 9 जून 2009 को नया नाम
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT)उदयपुर1 नवम्बर 1999
कृषि विश्वविद्यालयबोरखेड़ा (कोटा)सितम्बर 2013
  • बीकानेर के कृषि विश्वविद्यालय के अधीन 1996 में पादप जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला बनी।
  • ICAR ने MPUAT उदयपुर को देश में “श्रेष्ठ तकनीक और जैविक अनुसंधान” के लिए सम्मानित किया।
  • राष्ट्रीय आउटस्टैंडिंग कृषि विज्ञान केंद्र अवॉर्ड — आबूसर (झुंझुनूँ) KVK को।

8. राज्य के कृषि “पहले”

पहला / सबसे बड़ाकहाँ
निजी क्षेत्र की पहली कृषि मंडीकैथून (कोटा) — “हनुमान कृषि मंडी”, ऑस्ट्रेलिया की AWB के सहयोग से, 29 नवम्बर 2005
पहली किसान कम्पनीबकानी (झालावाड़) — किसान ख़ुद चलाएँगे, अच्छा दाम दिलाएगी
सबसे बड़ी फल-सब्ज़ी मंडीमुहाना टर्मिनल मार्केट (जयपुर)
पहला कृषि कियोस्कनांता (कोटा)

कियोस्क — वह जगह जहाँ किसी एक क्षेत्र की सारी वस्तुएँ-सेवाएँ एक साथ मिलें।

  • कृषि विज्ञान केंद्र ➜ 47 (ICAR)
  • कृषि अनुसंधान केंद्र ➜ 11
  • कृषि मंडियाँ ➜ 173

9. हरित क्रांति

  • “हरित क्रांति” शब्द पहली बार 1960 के दशक में अमेरिकी वैज्ञानिक विलियम गैड ने इस्तेमाल किया।
  • शुरुआती प्रयोग 1943 में मैक्सिको में — रॉकफ़ेलर फ़ाउंडेशन के वैज्ञानिकों ने गेहूँ की ज़्यादा उपज वाली, रोग-रोधी बौनी किस्में बनाईं।
  • जनक ➜ नॉर्मन अर्नेस्ट बोरलॉग (अमेरिका) — नोबेल पुरस्कार (1970) पाने वाले इकलौते कृषि वैज्ञानिक।

ध्यान दें: नुकसान — खाद्यान्न पर ज़ोर से दलहन और मोटे अनाज का उत्पादन-क्षेत्र घटा; ज़्यादा सिंचाई से भूजल गिरा; सभी राज्यों को लाभ न मिलने से क्षेत्रीय असमानता बढ़ी।

कृषि से जुड़ी क्रांतियाँ

क्रांतिकिससे जुड़ी
गुलाबीझींगा मछली
रजतअंडा
श्वेतदूध
हरितखाद्यान्न

10. कृषि मिशन व योजनाएँ

योजनाशुरुआतख़ास बात
राष्ट्रीय दलहन विकास परियोजना1988–89केंद्र-राज्य 75 : 25; चना 12 ज़िले, मूँग 10, उड़द 3
ISOPOM2004–05मक्का, तिलहन, दलहन उत्पादन से खाद्य आत्मनिर्भरता; अब नाम NMOOP (राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पाम मिशन); 2015–16 से 60 : 40; प्रमाणित बीज, प्रदर्शन, जैव उर्वरक, प्रशिक्षण, फव्वारा सेट, मिनी किट
ATMA (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण)2005–06सभी ज़िलों में; ज़िला स्तर पर कृषि तकनीक के प्रसार की पंजीकृत संस्था — सभी विभाग, शोध संस्थाएँ, NGO इससे जुड़ते हैं
अमूल्य नीर योजना2005–06जल संरक्षण; डिग्गी-फव्वारा, फव्वारा विस्तार, बूँद-बूँद सिंचाई

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का ब्योरा “बाँध व सिंचाई परियोजनाएँ” अध्याय में है।

11. खाद्य सुरक्षा मिशन व फसल बीमा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) — 2007–08

  • शुरू में गेहूँ और दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए; अब मोटे अनाज, कपास, पटसन और गन्ना भी; 2015–16 से 60 : 40।
  • 2018–19 से मोटे अनाजों के लिए 12 ज़िले — मक्का के 5 (बाँसवाड़ा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूँगरपुर, उदयपुर) और जौ के 7 (अजमेर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, जयपुर, नागौर, गंगानगर, सीकर)।
  • NFSM गेहूँ — 14 ज़िले; 2010–11 से सभी ज़िले NFSM दलहन में।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) — 13 जनवरी 2016

  • खाद्यान्न (अनाज, बाजरा, दालें), तिलहन और बागवानी फसलें शामिल।
  • किसान का प्रीमियम ➜ रबी 1.5%, ख़रीफ़ 2%, वाणिज्यिक व बागवानी 5%।
  • ख़रीफ़ 2020 से केंद्र असिंचित क्षेत्र में 30% और सिंचित में 25% तक प्रीमियम अनुदान देगा, बाक़ी राज्य।
  • संचालन ➜ भारतीय कृषि बीमा कम्पनी (AICIL); थीम — “एक राष्ट्र एक योजना”।

12. किसान सम्मान निधि व अन्य

योजनाशुरुआतख़ास बात
PM किसान सम्मान निधि1 दिसम्बर 2018100% केंद्र; सभी भूमिधारी किसान परिवारों को हर साल ₹6000 — 3 बराबर किस्तों में, सीधे बैंक खाते में
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधिबजट 2024–25PM-किसान के लाभार्थियों को राज्य से ₹2000 सालाना अतिरिक्त; अगले साल कुल ₹9000 करने का प्रस्ताव (बजट 2025–26)
कृषि इंफ़्रास्ट्रक्चर फ़ंड (AIF)15 मई 2020केंद्रीय वित्त मंत्री ने ₹1 लाख करोड़ की “कृषि अवसंरचना निधि” घोषित की; राज्य में नोडल — सहकारिता विभाग (रजिस्ट्रार, सहकारी समितियाँ); ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 3% सालाना ब्याज छूट
  • PM किसान पोर्टल ➜ राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का किसान सेवा पोर्टल फ़रवरी 2019 से फ़रवरी 2021 तक पंजीकरण-सत्यापन में; फिर केंद्र का PM-किसान पोर्टल; योजना का लाभ देने में राजस्थान अग्रणी।
  • जुलाई 2022 ➜ एग्रीकल्चर इंफ़्रास्ट्रक्चर फ़ंड में “राइज़िंग स्टेट” के रूप में राजस्थान को दूसरा स्थान।
  • नेशनल फ़िशरीज़ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (NFDP) ➜ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का घटक; मछली पालकों को ऋण और समूह दुर्घटना बीमा; विभाग मछली पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड भी दे रहा है।

रिवीजन पॉइंटर्स

  1. जैतून को प्लांटेशन क्रॉप अधिसूचित करने वाला और जैतून तेल बनाने वाला पहला राज्य राजस्थान है; पहली रिफ़ाइनरी लूणकरणसर (बीकानेर) में 3 अक्टूबर 2014 को चली।
  2. पहली बायोफ़्यूल नीति 17 जनवरी 2007 को आई — ऐसी नीति लाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।
  3. उत्कृष्टता केंद्र — नांता (कोटा) में फल, देवड़ावास (टोंक) में अमरूद, खेमरी (धौलपुर) में आम और सगरा-भोजका (जैसलमेर) में खजूर।
  4. काज़री (जोधपुर) 1959 में ICAR के अधीन पूर्ण संस्थान बना; खजूर अनुसंधान केंद्र बीकानेर में 1978 में खुला।
  5. नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को मुम्बई में शिवरमन समिति की सिफ़ारिश पर हुई।
  6. MPUAT उदयपुर 1 नवम्बर 1999 को बना, जबकि कोटा (बोरखेड़ा) का कृषि विश्वविद्यालय सितम्बर 2013 में।
  7. निजी क्षेत्र की पहली कृषि मंडी कैथून (कोटा) में 29 नवम्बर 2005 को खुली; सबसे बड़ी फल-सब्ज़ी मंडी मुहाना (जयपुर) है।
  8. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 13 जनवरी 2016 से लागू है — किसान का प्रीमियम रबी में 1.5%, ख़रीफ़ में 2% और वाणिज्यिक-बागवानी फसलों में 5%।
  9. PM किसान सम्मान निधि 1 दिसम्बर 2018 से चल रही है — हर भूमिधारी किसान परिवार को साल में 6000 रुपये, 3 बराबर किस्तों में।

अगले भाग में राजस्थान सरकार की कृषि नीतियाँ, किसान कल्याण, जल संरक्षण, बीज-खाद अनुदान, जैविक खेती और कृषि बजट।

पिछला भाग: राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: खाद्यान्न फसलें एवं तिलहन फसलें

अगला भाग: राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: राज्य की योजनाएँ

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