फसलों वाले सवाल अक्सर तीन चीज़ों से बनते हैं — फसल का उपनाम, सबसे आगे रहने वाला ज़िला और देश में राज्य का स्थान। इस भाग में मक्का, चावल, ज्वार-जौ और कांगणी के बाद दलहन, तिलहन और व्यापारिक फसलें क्रम से हैं: मूँग, मोठ, चना, सरसों, मूँगफली, सोयाबीन, तिल, ग्वार, गन्ना, तम्बाकू, कपास, ईसबगोल, जोजोबा, अफ़ीम और मसाले।
माइंड मैप खोलें ➜
1. मक्का
- मक्का को “अनाजों की रानी” कहते हैं; यह अमेरिकी पौधा है; खाद्य और चारा दोनों; हरी पत्तियों से साइलेज (पशु आहार)।
- अरावली पर्वतीय क्षेत्र और दक्षिणी राजस्थान (उदयपुर-बाँसवाड़ा संभाग) में सबसे ज़्यादा।
- मिट्टी ➜ नाइट्रोजन और जीवांश से भरपूर; तापमान 25–35°C; वर्षा 50–80 सेमी।
- किस्में — माही कंचन, नवजोत, माही धवल, मेघा, सविता, W-126, अरुण, प्रभात, मोती कम्पोज़िट, गंगा 11।
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2. चावल
- मिट्टी ➜ चिकनी दोमट
- तापमान ➜ 20–30°C
- वर्षा ➜ 100–150 सेमी
- किस्में — माही सुगंधा, चम्बल, रत्ना, कावेरी, परमल, बासमती; चम्बल — कृषि अनुसंधान केंद्र कोटा की; माही सुगंधा — कृषि अनुसंधान केंद्र बाँसवाड़ा की।
- रोग ➜ भूरी चित्ती, तना गलन, गंधी बग कीट।
- प्रमुख ज़िले ➜ बूँदी, हनुमानगढ़, कोटा, बाराँ; सबसे ज़्यादा क्षेत्रफल और उत्पादन — बूँदी।
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3. ज्वार व जौ
ज्वार
- “ग़रीब की रोटी”; तने से पशु चारा; सूखा सहने वाली — इसलिए “क्रॉप कैमल”।
- उत्पादन में राजस्थान तीसरा — देश का 14.87% (2022–23); देश में सबसे ज़्यादा महाराष्ट्र।
- बीयर और अल्कोहल बनाने में; तापमान 25–35°C; वर्षा 50–60 सेमी।
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जौ
- “ग़रीब का अनाज”; शराब, बीयर, मधुमेह के इलाज, पशु आहार और माल्ट उद्योग में; शुष्क-अर्द्धशुष्क जलवायु की फसल।
- किस्में — ज्योति, राज किरण, मोल्वा, RD-2035, RD-2508, RD-57।
- रोग ➜ पीली रोली, भूरी रोली, मोल्या, चित्ती, आवर्त व अनावर्त कंडवा।
कांगणी (कंगनी / टांगुन)
आदिवासी शुष्क इलाक़ों की, मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान की खाद्यान्न फसल; इसे कांग / काकुन / चाइनीज़ बाजरा भी कहते हैं; पशुओं को चारा भी देती है। सबसे ज़्यादा — बाँसवाड़ा, फिर डूँगरपुर; किस्में — अर्जुन, गवरी।
4. दलहन फसलें
दलहन उत्पादन में राजस्थान देश में तीसरा — 13.88% (2022–23); पहला मध्य प्रदेश। दलहन फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाकर उसे उपजाऊ बनाती हैं। विश्व दलहन दिवस — 10 फ़रवरी।
5. मूँग व मोठ
मूँग
- भूमि की उर्वरता बनाए रखती है ➜ इसलिए “भूमि सुरक्षा फसल”।
- रोग ➜ हाकमोथ; किस्में — RMG-62, RS-4।
- देश में सबसे ज़्यादा क्षेत्रफल और उत्पादन राजस्थान में।
मोठ
- वानस्पतिक नाम ➜ विग्ना एकोनिटिफ़ोलिया; शुष्क मरुस्थल की फसल; दालों में सबसे ज़्यादा सूखा सहने वाली।
- किस्में — जड़िया, ज्वाला, RMO-40, साठी।
- प्रमुख ज़िले ➜ बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जोधपुर; सबसे ज़्यादा क्षेत्रफल — बीकानेर; सबसे ज़्यादा उत्पादन — बाड़मेर।
6. चना
- अन्य नाम ➜ दालों का राजा, चिकपी, बंगाल ग्राम।
- राज्य के सभी ज़िलों में उगता है; दालों में सबसे ज़्यादा उत्पादन वाली फसल।
- उत्पादन में राजस्थान तीसरा (पहला महाराष्ट्र) — 14.75% (2022–23)।
- रबी में सरसों और गेहूँ के बाद मुख्य फसल; अच्छा उत्पादन सर्दी की वर्षा (मावठ) पर निर्भर।
7. उड़द, अरहर, चँवला, मसूर
| दाल | प्रमुख ज़िले | सबसे ज़्यादा | ख़ास बात |
|---|---|---|---|
| उड़द (ब्लैक ग्राम) | बूँदी, टोंक, भीलवाड़ा, अजमेर | बूँदी | भूमि की उर्वरता बढ़ाती है |
| अरहर (रेड ग्राम / लाल चना / पिजन) | बाँसवाड़ा, उदयपुर, डूँगरपुर, प्रतापगढ़ | बाँसवाड़ा | राज्य में उत्पादन नगण्य |
| चँवला / लोबिया | झुंझुनूँ, सीकर, चूरू, जयपुर | झुंझुनूँ | किस्में FS 68, RC19 |
8. तिलहन फसलें
तिलहन फसलें ख़रीफ़ और रबी दोनों में होती हैं। देश के तिलहन उत्पादन का 22.78% (2022–23) राजस्थान में — देश में पहला स्थान।
9. सरसों
- क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों में राजस्थान पहला; देश की राई-सरसों का 46.13% (2022–23) — इसलिए “सरसों का प्रदेश”।
- मिट्टी ➜ दोमट; पीली क्रांति सरसों और तिलहन उत्पादन से जुड़ी।
- तेल निकालने के बाद बची लुगदी ➜ खल (पशु आहार); सरसों मंडी — सुमेरपुर (पाली)।
केंद्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र — सेवर (भरतपुर)
8वीं पंचवर्षीय योजना में 20 अक्टूबर 1993 को ICAR ने स्थापित किया; फ़रवरी 2009 में नाम राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान निदेशालय (DRMR); यहाँ की नवीनतम किस्में — राधिका और बृजराज।
10. मूँगफली
- प्रोटीन भरपूर ➜ “ग़रीब का बादाम”; ख़रीफ़ फसल, पर दक्षिण भारत में रबी में भी।
- मूलतः ब्राज़ील का पौधा; लगभग 42% तेल; हल्की दोमट या काली मिट्टी; दालों की तरह मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाती है।
- उत्पादन में राजस्थान दूसरा — 18.76% (2022–23); देश में पहला गुजरात।
- “राजस्थान का राजकोट” ➜ लूणकरणसर (बीकानेर)।
11. सोयाबीन
- दलहन और तिलहन दोनों के गुण; तेल से वनस्पति घी; 43% प्रोटीन और 20% तेल — इसलिए “चमत्कारी फसल”; दुनिया में प्रोटीन का सबसे सस्ता, आसान और अच्छा स्रोत।
- उपयोग ➜ खाद्य तेल और पेंट, वार्निश, साबुन, स्याही, रबर, ग्लिसरीन।
- किस्में — गौरव, JS 72-44, पंजाब-1, T-1, मैक्स 13, पूसा-16, मोनेट; मुख्य कीट — गर्डल बीटल।
- देश में सबसे ज़्यादा ➜ महाराष्ट्र; राजस्थान तीसरा — 8.05% (2022–23)।
12. तिल, अलसी, तारामीरा, अरंडी
| फसल | पहचान | प्रमुख ज़िले | सबसे ज़्यादा |
|---|---|---|---|
| तिल | “ग़रीब का घी”, “तिलहनों की रानी”; किस्में RT-46, RT-54 | पाली, सवाई माधोपुर, जोधपुर, करौली | पाली |
| अलसी | बीज से तेल, पौधे से उत्तम रेशा; किस्में चम्बल, त्रिवेणी, पार्वती, किरण | प्रतापगढ़, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बाराँ, कोटा, बूँदी | प्रतापगढ़ |
| तारामीरा | तेल साबुन बनाने में; अनुपजाऊ-बेकार ज़मीन पर भी; किस्म RTM 314 | जयपुर, पाली, सीकर, नागौर | जयपुर |
13. ग्वार, गन्ना व तम्बाकू
ग्वार
- वानस्पतिक नाम ➜ साइमोप्सिस टेट्रागोनालोबा; किस्में — दुर्गाबहार, दुर्गापुरा सफ़ेद, दुर्गाजय, RGC-96, RGC-471।
- कपड़ा उद्योग, खाद्य पदार्थ, शृंगार प्रसाधन, दवाइयाँ और विस्फोटक बनाने में।
- अंतर्राष्ट्रीय मंडी ➜ जोधपुर (राज्य की सबसे बड़ी ग्वार मंडी); ग्वार गम जाँच लैब — जोधपुर।
गन्ना
- मूलतः भारतीय पौधा; उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु; तापमान 15–25°C; वर्षा 120–170 सेमी।
- रोग ➜ पाइरिला, कंडुआ, जड़ छेदक, तना छेदक, सफ़ेद मक्खी, लाल सड़न (रेड रॉट)।
- प्रमुख ज़िले ➜ गंगानगर, चित्तौड़गढ़, बूँदी, उदयपुर; सबसे ज़्यादा — गंगानगर, फिर चित्तौड़गढ़।
तम्बाकू
- भारत में 1508 में पुर्तगाली लाए; अमेरिकी पौधा; पत्तियों से नशीले पदार्थ।
- भारत में दो प्रजातियाँ ➜ निकोटिना टुबैकम और निकोटिना रस्टिका; राजस्थान में सबसे ज़्यादा रस्टिका।
- प्रमुख ज़िले ➜ जालौर, अलवर, झुंझुनूँ, करौली; सबसे ज़्यादा — जालौर; देश में सबसे ज़्यादा — गुजरात।
14. कपास
- मूलतः भारतीय पौधा; स्थानीय भाषा में “बणिया”; मुख्यतः ख़रीफ़; फसल को “नरमा” भी कहते हैं; “सफ़ेद सोना”।
- बिनौला (कपास का बीज) — पशु आहार; सूती उद्योग का कच्चा माल।
- रोग ➜ बॉलवीविल कीड़ा, अंगमारी (ब्लैक आर्म)।
- तापमान 20–30°C; वर्षा 75–100 सेमी; उष्ण कटिबंधीय पौधा — 90 दिन पाला-रहित चाहिए।
- उत्पादन गाँठों में गिना जाता है — एक गाँठ = 170 किलो।
15. ईसबगोल, जोजोबा, अफ़ीम
ईसबगोल
- इसे “घोड़ा जीरा” भी कहते हैं — कैलोरी-रहित फ़ाइबर; बीजों की भूसी दवाओं में।
- किस्म ➜ ईसबगोल-89 (RI-89); रोग — डाउनी मिल्ड्यू।
- दुनिया का 40% ईसबगोल अकेले राजस्थान में।
जोजोबा (होहोबा)
- “पीला सोना / डेज़र्ट गोल्ड”; वानस्पतिक नाम — साइमंडेशिया चायनेंसिस।
- मूल रूप से अमेरिका के मैक्सिको, कैलिफ़ोर्निया, एरिज़ोना के मरुस्थलीय जंगलों का पौधा; राजस्थान में पहली बार 1965 में काज़री (जोधपुर) के वैज्ञानिक इज़रायल से लाए।
- बाग़वानी तिलहन; झाड़ीनुमा पौधा, 2–3 साल बाद फल।
अफ़ीम
- “काला सोना”; नशीला पौधा, इसलिए सरकार की अनुमति से ही खेती।
- ज़िले ➜ चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बाराँ, झालावाड़; सबसे ज़्यादा — चित्तौड़गढ़; दवा और नशीले पदार्थ बनाने में।
- किस्में — जवाहर-16, चेतक (महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर)।
16. मसाले व अन्य फसलें
| फसल | पहचान | सबसे ज़्यादा |
|---|---|---|
| जीरा | किस्में RZ19, RZ209, RZ223; रोग छाछिया, झुलसा, उखटा (विल्ट); राजस्थान देश में दूसरा; प्रमुख — जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर | जोधपुर |
| धनिया | किस्म RCR-41 (कर्ण); रोग लौंगिया; राजस्थान तीसरा; सबसे ज़्यादा खेती कोटा संभाग में | झालावाड़ |
| मेथी | ताऊसर गाँव (नागौर) की ख़ुशबूदार पान मेथी प्रसिद्ध; किस्म RMT-1; राजस्थान पहला; प्रमुख — बीकानेर, जोधपुर, प्रतापगढ़, चूरू; पान मेथी में पहला — नागौर | बीकानेर |
| मेहंदी | सोजत (पाली) और गिलूंड (राजसमंद) की प्रसिद्ध; सरकार ₹5000/हे. अनुदान देती है; सोजत मेहंदी को GI — 14 सितम्बर 2021; दूसरा जोधपुर | पाली |
17. रैपिड फायर तथ्य
- «अनाजों की रानी» ➜ मक्का — सबसे ज़्यादा अरावली क्षेत्र और उदयपुर-बाँसवाड़ा संभाग में
- चावल का सबसे बड़ा ज़िला ➜ बूँदी (क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों में)
- दलहन में राज्य का स्थान ➜ तीसरा (13.88%); पहला मध्य प्रदेश
- «भूमि सुरक्षा फसल» ➜ मूँग — देश में सबसे ज़्यादा क्षेत्रफल व उत्पादन राजस्थान में
- मोठ ➜ दालों में सबसे ज़्यादा सूखा सहने वाली; क्षेत्रफल में बीकानेर आगे, उत्पादन में बाड़मेर
- सरसों ➜ देश की राई-सरसों का 46.13% यहीं; «सरसों का प्रदेश», मंडी सुमेरपुर (पाली)
- मूँगफली ➜ «ग़रीब का बादाम»; राजस्थान दूसरा (18.76%), «राजस्थान का राजकोट» लूणकरणसर
- सोयाबीन ➜ «चमत्कारी फसल» — 43% प्रोटीन और 20% तेल; राजस्थान तीसरा
- ईसबगोल ➜ «घोड़ा जीरा»; दुनिया का 40% अकेले राजस्थान में
अगले भाग में जैतून, खजूर और गुलाब, ज़िलेवार बागवानी उत्पादन, उत्कृष्टता केंद्र, बायोफ़्यूल और कृषि संस्थाएँ।
पिछला भाग: राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: कृषि — परिचय व आँकड़े एवं कृषि जलवायु खंड
अगला भाग: राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: बागवानी, फल व फूल एवं कृषि संस्थाएँ
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