अक्षय ऊर्जा का यह हिस्सा तारीख़ों और आँकड़ों से भरा है — कौन-सी संस्था कब बनी, किस नीति का लक्ष्य कितना है, किस योजना में अनुदान कितना। इसे संस्था, नीति और योजना के खानों में बाँटकर याद करना आसान रहता है। इस भाग में पवन ऊर्जा, बायोमास व बायोगैस, ऊर्जा नीतियाँ व संस्थाएँ, विद्युतीकरण व ग्रिड योजनाएँ, PM-कुसुम तथा मुफ़्त बिजली व रूफ़टॉप योजनाएँ क्रम से हैं।
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1. पवन ऊर्जा
- पवन बिजली के लिए कम से कम 20 किमी/घंटा की हवा चाहिए।
- राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) के अनुसार ज़मीन से 150 मी ऊँचाई पर राज्य में लगभग 284 GW क्षमता संभव।
- दिसम्बर 2024 तक राज्य में 4414.12 MW (आर्थिक समीक्षा); अक्षय ऊर्जा पोर्टल पर फ़रवरी 2025 में 5195.82 MW; पवन ऊर्जा की सालाना वृद्धि दर 5.30%।
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| संयंत्र | ब्योरा |
|---|---|
| अमरसागर (जैसलमेर) | राज्य का पहला पवन संयंत्र — 2 MW, RSPCL; स्थापना 10 अप्रैल 1999, लोकार्पण 21 अक्टूबर 1999 |
| देवगढ़ (प्रतापगढ़) | दूसरा — RSPCL, 2.25 MW, 6 मार्च 2004 |
| बीठड़ी (फलौदी) | तीसरा — 2.10 MW, 15 अप्रैल 2001 को स्थापित |
| बड़ा बाग (जैसलमेर) | निजी क्षेत्र का पहला — कालानी इंडस्ट्रीज़ (इंदौर), 2.76 MW; RSMML के भी 4.9 + 4.9 MW |
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RREC के अपने पवन संयंत्र कुल 47.65 MW के।
हाइब्रिड परियोजनाएँ
परम्परागत और ग़ैर-परम्परागत, या दो से ज़्यादा ग़ैर-परम्परागत स्रोतों को मिलाकर बिजली बनाने वाली परियोजना हाइब्रिड कहलाती है।
- हाइब्रिड विंड-सोलर पावर प्लांट, जैसलमेर ➜ देश का पहला; मई 2022 से उत्पादन; अडानी ग्रीन एनर्जी (AGEL) की सहायक अडानी हाइब्रिड एनर्जी जैसलमेर वन — 390 MW।
- अडानी ग्रीन के जैसलमेर में तीन हाइब्रिड संयंत्र — पहला 390 MW (मई 2022), दूसरा 600 MW (सितम्बर 2022), तीसरा 450 MW (5 दिसम्बर 2022)।
2. बायोमास व बायोगैस
- बायोमास (जैविक द्रव्य) ऊर्जा ➜ वन, कृषि और उद्योगों के अपशिष्ट से।
- राज्य में बायोगैस के सबसे अच्छे स्रोत — सरसों की भूसी, धान की भूसी, विलायती बबूल (जूली फ़्लोरा)।
- देश में पहला महाराष्ट्र (2992.57 MW); राजस्थान 11वाँ (200.56 MW)।
| पहला | कहाँ |
|---|---|
| बायोमास आधारित पहला संयंत्र | पदमपुर (गंगानगर) — 7 MW |
| हाड़ौती का पहला बायोमास संयंत्र | रंगपुर (कोटा) |
| कचरे से बिजली का पहला संयंत्र | जयपुर |
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- पाली और बालोतरा में शहरी कचरे से 25 MW परियोजना और कोटा के पास कृषि अपशिष्ट से बिजली — काम जारी।
- सांचौर ➜ 23 अगस्त 2022 को HPCL ने गोबर-धन योजना में पथमेड़ा गाँव में गोबर से संपीड़ित बायोगैस परियोजना का शिलान्यास किया।
- कोटा बायोगैस प्लांट ➜ दिसम्बर 2022 से उत्पादन; देश का सबसे बड़ा बायोगैस प्लांट; देवनारायण योजना के 1200 पशुपालक परिवार; रोज़ 1 लाख लीटर खाद की क्षमता; फ़ॉस्फ़ेट रिच ऑर्गेनिक खाद और 17 तत्वों वाली तरल जैविक खाद।
3. ऊर्जा नीतियाँ व संस्थाएँ
अक्षय ऊर्जा संस्थाएँ
| संस्था | कब | काम |
|---|---|---|
| राजस्थान ऊर्जा विकास अभिकरण (REDA) | 21 जनवरी 1985, जयपुर | ग़ैर-परम्परागत स्रोतों और उपकरणों को बढ़ावा |
| राजस्थान स्टेट पावर कॉर्पोरेशन (RSPCL) | 1995, जयपुर | ग़ैर-परम्परागत संयंत्र लगाना; 2002 में RRECL में विलय |
| राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RRECL) | 9 अगस्त 2002, जयपुर | RSPCL और REDA को मिलाकर; ग़ैर-परम्परागत स्रोतों से उत्पादन, संरक्षण, उपकरण; केंद्र के MNRE की नोडल एजेंसी |
नीतियाँ
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| मार्च 1999 | पहली ग़ैर-परम्परागत ऊर्जा नीति | |
| 15 जुलाई 1999 | कैप्टिव पावर प्लांट नीति | |
| अक्टूबर 2004 | दूसरी ग़ैर-परम्परागत ऊर्जा नीति | |
| 26 जनवरी 2010 | बायोमास नीति | 300 MW से ज़्यादा का लक्ष्य |
| नीति | लक्ष्य |
|---|---|
| अक्षय ऊर्जा नीति 2023 | 90 GW — 65 GW सौर, 15 GW पवन व पवन-सौर हाइब्रिड, 10 GW जल विद्युत, पम्प स्टोरेज व बैटरी भंडारण |
| ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2023 | 2000 KTPA — 4 श्रेणियाँ: ग्रिड से अक्षय ऊर्जा; एक ही जगह अक्षय ऊर्जा व हाइड्रोजन (700 KTPA); 24 घंटे अक्षय ऊर्जा RTC पावर (800 KTPA); RVPN नेटवर्क से (500 KTPA) |
| एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 | 2030 तक देश के 500 GW लक्ष्य में योगदान; अवधि मार्च 2030 तक; नोडल RREC; 2029–30 तक 125 GW; भारत के 2070 के नेट-ज़ीरो लक्ष्य से जुड़ी; 2030 तक 2000 KTPA ग्रीन हाइड्रोजन; पहले 500 KTPA परियोजनाओं को प्रसारण-व्हीलिंग शुल्क में 50% छूट; ग्रीन हाइड्रोजन के लिए 70,000 MW अक्षय क्षमता पहले ही पंजीकृत |
केंद्र, दिवस और अन्य
- सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी ➜ पॉलिटेक्निक कॉलेज, जोधपुर; सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स — पॉलिटेक्निक कॉलेज, जयपुर (बनेगा)।
- राज्य का पहला कैप्टिव पावर प्लांट — झामरकोटड़ा (उदयपुर), 2001, RSMML।
- ऊर्जा संरक्षण दिवस — 14 दिसम्बर (इस दिन “राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार”); राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा दिवस — 20 अगस्त।
4. विद्युतीकरण व ग्रिड योजनाएँ
| योजना | कब | ख़ास बात |
|---|---|---|
| कुटीर ज्योति | 1988–89 | BPL अनुसूचित जाति, जनजाति और OBC परिवारों को मुफ़्त कनेक्शन |
| आदित्य शॉप्स | 1992 | RREC; ग़ैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोत मंत्रालय ने सौर ताप यंत्र बाज़ार में देने के लिए ये दुकानें खोलीं |
| राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना | 4 अप्रैल 2005 | केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय; 90% अनुदान, 10% ऋण; अब दीनदयाल योजना में विलय |
| सोलर सिटी कार्यक्रम | फ़रवरी 2008 | MNRE ने देश के 60 शहर चुने — राज्य से जयपुर, जोधपुर, अजमेर |
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर
- मोगा (पंजाब) से बनासकांठा (गुजरात) तक लगभग 1500 किमी; राज्य में हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ से।
- बीकानेर के जलालसर में 765/400 kV ग्रिड सब-स्टेशन; बनासकांठा–चित्तौड़गढ़–अजमेर–जलालसर डबल सर्किट लाइन; भड़ला (फलौदी)–बीकानेर लाइन; जलालसर–मोगा डबल सर्किट।
- पश्चिमी राजस्थान की पवन और सौर परियोजनाएँ इससे जुड़ रही हैं; दिसम्बर 2019 की अवधि जून 2020 तक बढ़ी; जनवरी 2022 में केंद्र ने दूसरा चरण मंज़ूर किया।
5. PM-कुसुम
किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) — 8 मार्च 2019; किसानों के लिए सौर पम्प और ग्रिड से जुड़े सौर संयंत्र।
| घटक | ब्योरा |
|---|---|
| A (चरण-I) | RREC — 33/11 kV सब-स्टेशनों के 5 किमी दायरे में किसानों की बंजर/अनुपयोगी ज़मीन पर 0.5 से 2 MW के विकेंद्रित सौर संयंत्र; 623 आवेदकों को 722.5 MW के आवंटन पत्र; RREC ने 307.75 MW लगाए; दिसम्बर 2024 तक 602 MW के 489 संयंत्रों के बिजली ख़रीद अनुबंध |
| B (चरण-II) | 23 जुलाई 2024 को राज्य के डिस्कॉम्स को सौंपा; 1,000 MW का लक्ष्य — जयपुर 335, अजमेर 330, जोधपुर 335 MW; RERC ने 28 अक्टूबर 2024 को ₹3.04 प्रति यूनिट की दर मंज़ूर की; 30 अक्टूबर 2024 को तीनों डिस्कॉम ने EOI जारी की; 3 से 10 HP तक के सौर पम्प, अधिकतम अनुदान 7.5 HP तक; किसानों को 60% अनुदान (30% केंद्र + 30% राज्य), 40% किसान देता है; SC/ST किसानों को राज्य से ₹45,000 अतिरिक्त |
| C (फ़ीडर सोलराइज़ेशन) | MNRE के दिशा-निर्देश 4 दिसम्बर 2020; पूरे कृषि फ़ीडर की ज़रूरत के बराबर ग्रिड से जुड़ा सौर संयंत्र — कैपेक्स या रेस्को मोड में; MNRE ने 4 लाख पम्पों के सौरीकरण का लक्ष्य मंज़ूर किया; डिस्कॉम्स ने 4,444 MW के 1753 SPV संयंत्रों के LoA जारी किए |
देश का पहला कृषि आधारित सौर संयंत्र (घटक A) — भालोजी (कोटपूतली-बहरोड़)।
6. मुफ़्त बिजली व रूफ़टॉप योजनाएँ
| योजना | ब्योरा |
|---|---|
| मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली (कृषि) | पहले “मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना” में ₹1000 प्रतिमाह (साल में अधिकतम ₹12,000); 2023–24 में इसमें मिलाई गई; हर महीने 2000 यूनिट तक मुफ़्त; जून 2023 के बिल से; 2000 यूनिट से ज़्यादा पर पुरानी योजना से ₹1000 की छूट |
| मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली (घरेलू) | 100 यूनिट तक मासिक उपभोग पर शून्य बिल; 200 यूनिट तक पहले 100 यूनिट का शुल्क, स्थायी शुल्क और नगरीय उपकर माफ़; 200 से ज़्यादा पर भी पहले 100 यूनिट मुफ़्त, बाक़ी शुल्क देने होंगे; जून 2023 के बिल से |
| PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली | 13 फ़रवरी 2024; 1 करोड़ घरों पर सौर संयंत्र लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ़्त; ₹75,000 करोड़; अधिकतम अनुदान ₹78,000 (3 kW या ज़्यादा); राज्य ने ऊर्जा विभाग में PMU बनाकर 5 लाख घरों का लक्ष्य रखा; दिसम्बर 2024 तक 22,657 उपभोक्ताओं के 111.77 MW रूफ़टॉप; रियायती बैंक ब्याज; पंजीकरण से अनुदान तक सब ऑनलाइन |
| सोलर रूफ़टॉप योजना फ़ेज़-1 | MNRE का 30% अनुदान; राज्य में 36 MW; मार्च 2019 में पूरा |
- बजट 2024–25 — सूर्य घर योजना में हर ज़िले में “आदर्श सौर ग्राम”; हर गाँव में 2 MW तक के विकेंद्रित सौर संयंत्र, 40% अनुदान का प्रस्ताव।
- बजट 2025–26 — योजना से लाभान्वित परिवारों को मुफ़्त सोलर प्लांट देकर मुफ़्त बिजली 100 से 150 यूनिट प्रतिमाह; जिनके घर पर जगह नहीं, उन कम आय वाले परिवारों के लिए सामुदायिक सोलर प्लांट।
याद रखें: RAS प्रारम्भिक 2025 — PM सूर्य घर योजना में सही कथन: 300 यूनिट/1 करोड़ घर, और 100% ऑनलाइन व्यवस्था। “30% अनुदान” और “4% ब्याज” वाले कथन ग़लत थे।
रिवीजन पॉइंटर्स
- पवन बिजली के लिए कम से कम 20 किमी/घंटा की हवा चाहिए; राज्य का पहला पवन संयंत्र अमरसागर (जैसलमेर) में 2 MW का है।
- देश का पहला हाइब्रिड विंड-सोलर पावर प्लांट जैसलमेर में है — 390 MW, मई 2022 से उत्पादन।
- बायोमास आधारित पहला संयंत्र पदमपुर (गंगानगर) में 7 MW का है; कचरे से बिजली का पहला संयंत्र जयपुर में।
- राजस्थान ऊर्जा विकास अभिकरण 21 जनवरी 1985 को बना; पावर कॉर्पोरेशन (1995) के साथ मिलाकर 9 अगस्त 2002 को अक्षय ऊर्जा निगम बनाया गया।
- अक्षय ऊर्जा नीति 2023 का लक्ष्य 90 GW (इसमें 65 GW सौर) है; ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2023 का लक्ष्य 2000 KTPA।
- ऊर्जा संरक्षण दिवस 14 दिसम्बर को और राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा दिवस 20 अगस्त को मनाया जाता है।
- ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर मोगा (पंजाब) से बनासकांठा (गुजरात) तक लगभग 1500 किमी लम्बा है।
- PM-कुसुम की शुरुआत 8 मार्च 2019 को हुई; देश का पहला कृषि आधारित सौर संयंत्र भालोजी (कोटपूतली-बहरोड़) में लगा।
- PM सूर्य घर योजना 13 फ़रवरी 2024 की है — 1 करोड़ घरों पर सौर संयंत्र और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ़्त बिजली।
अगले भाग में राज्य का औद्योगिक परिदृश्य, अर्थव्यवस्था में उद्योगों का हिस्सा, ज़िलों की श्रेणियाँ, औद्योगिक नीतियाँ, सार्वजनिक उपक्रम और सूती वस्त्र उद्योग।
पिछला भाग: राजस्थान में ऊर्जा संसाधन: गैस व परमाणु बिजली एवं सौर ऊर्जा
अगला भाग: राजस्थान में उद्योग: औद्योगिक परिदृश्य एवं कृषि-आधारित उद्योग (भाग 1)
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