राजस्थान में सहकारिता: प्रमुख सहकारी संस्थाएँ एवं प्रमुख सहकारी योजनाएँ – Rajasthan Geography Chapter 65

सहकारिता का अर्थ, नारा और सात सिद्धांत, राज्य का सहकारी आंदोलन, प्रमुख संस्थाएँ और योजनाएँ, PYQ सहित।

9 min read Updated Notes in Hindi
In this chapter (15 sections)
  1. अर्थ, नारा और उद्देश्य
  2. सहकारिता के 7 सिद्धांत
  3. राजस्थान में सहकारी आंदोलन
  4. सहकारी साख ढाँचा व आँकड़े
  5. संस्थाएँ — समय-रेखा
  6. बैंक, विपणन व मुद्रण
  7. तिलहन व डेयरी
  8. बुनकर, कपास व कताई
  9. उपभोक्ता, शिक्षा व महिला
  10. ऋण योजनाएँ
  11. आवास योजनाएँ
  12. महिलाओं के लिए
  13. जन औषधि, मिड-डे मील व मेले
  14. पोर्टल व बजट घोषणा
  15. रिवीजन पॉइंटर्स

सहकारिता का हर सवाल आख़िर में «किसने, कब, कहाँ» पर आकर टिकता है — इसलिए नारे और सिद्धांतों से शुरुआत करके तारीख़ें पक्की कीजिए। इस भाग में सहकारिता का अर्थ, सात सिद्धांत, राज्य में सहकारी आंदोलन, साख ढाँचे के आँकड़े, संस्थाओं की समय-रेखा, ऋण-आवास-महिला योजनाएँ और पोर्टल व बजट घोषणा आती हैं। पिछली परीक्षाओं में जो तथ्य पूछे गए हैं, उनके साथ परीक्षा का नाम जोड़ दिया गया है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान में सहकारिता, 3 चॉक-बोर्ड चित्र, 4 नक्शे, 1 चार्ट, 22 फ्लैशकार्ड और 12 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
माइंड मैप खोलें ➜

1. अर्थ, नारा और उद्देश्य

  • शब्द दो हिस्सों से बना ➜ सह (साथ) + कारिता (काम करना); यानी मिल-जुलकर काम करना।
  • जब कई लोग या संस्थाएँ किसी एक जैसे लक्ष्य को पाने के लिए साथ कोशिश करें, तो इसे सहकार (Cooperation) कहते हैं।
  • ऐसे लोगों या संस्थाओं का साझा संगठन सहकारी संस्था कहलाता है।
  • नारा ➜ एक सबके लिए, सब एक के लिए
  • संविधान में विषय ➜ राज्य सूची
  • अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष ➜ 2025 (संयुक्त राष्ट्र)

आंदोलन का लक्ष्य

  • किसान, श्रमिक, शिल्पकार, छोटे व्यापारी और उत्पादन से जुड़े आम लोगों को बिचौलियों के शोषण से बचाना।
  • उनकी मेहनत और उपज का सही दाम दिलाना।
  • सामाजिक और सांस्कृतिक विकास पक्का करना।

2. सहकारिता के 7 सिद्धांत

  1. स्वैच्छिक और खुली सदस्यता ➜ कोई भी अपनी इच्छा से जुड़ सके।
  2. सदस्यों का लोकतांत्रिक नियंत्रण ➜ संस्था सदस्य ही चलाते हैं।
  3. सदस्यों की आर्थिक भागीदारी ➜ पूँजी में सबका हिस्सा।
  4. स्वायत्तता और स्वाधीनता ➜ संस्था अपने फ़ैसले ख़ुद ले।

… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

ट्रिक: क्रम याद करें — “स्वै-लो-आ-स्वा-शि-स-स”: स्वैच्छिक सदस्यता, लोकतांत्रिक नियंत्रण, आर्थिक भागीदारी, स्वायत्तता, शिक्षा, सहयोग, समुदाय।

वर्ष 2025 — संयुक्त राष्ट्र (UN) का अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (International Year of Cooperatives)।

3. राजस्थान में सहकारी आंदोलन

काल / क्रमघटनाविवरण
1904आंदोलन की शुरुआतअजमेर से
1904पहला सहकारी कृषि बैंकडीग में [परीक्षा: BSTC 2024 — राज्य का पहला सहकारी कृषि बैंक किस वर्ष बना? ➜ 1904]
26 अक्टूबर 1905पहली सहकारी समितिभिनाय (अजमेर)

… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

ट्रिक: 1904 = दो शुरुआतें — आंदोलन अजमेर से और पहला सहकारी कृषि बैंक डीग में; पहली समिति एक साल बाद (1905, भिनाय)।

याद रखें: CET स्नातक 2024 — राजस्थान में सहकारी आंदोलन की शुरुआत: 1904। BSTC 2024 — राज्य का पहला सहकारी कृषि बैंक: 1904।

4. सहकारी साख ढाँचा व आँकड़े

  • कुल पंजीकृत सहकारी समितियाँ ➜ 42,283
  • संघ (फ़ेडरेशन) ➜ 23
  • दुग्ध संघ (मिल्क यूनियन) ➜ 24

… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

  • 29 केंद्रीय सहकारी बैंक और 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक मिलकर किसानों को कृषि ऋण और लम्बी अवधि का ऋण देते हैं।
  • राज्य में आज 41 शहरी (अर्बन) सहकारी बैंक काम कर रहे हैं।
  • 278 क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ कार्यरत हैं।

ये संख्याएँ आर्थिक समीक्षा 2023-24 की हैं।

5. संस्थाएँ — समय-रेखा

काल / क्रमघटनाविवरण
4 अक्टूबर 1953राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक)जयपुर
26 अगस्त 1957राजस्थान राज्य सहकारी बुनकर संघहथकरघा बुनकर
26 नवम्बर 1957राजफ़ेडराजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ
1960राजस्थान राज्य सहकारी मुद्रणालयजयपुर

6. बैंक, विपणन व मुद्रण

संस्थास्थापनाकाम / ख़ास बात
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (अपेक्स बैंक), जयपुर4 अक्टूबर 1953राज्य के सहकारी बैंकों में सबसे ऊपर
राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (राजफ़ेड)26 नवम्बर 1957किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर ख़रीदना; प्राथमिक क्रय-विक्रय समितियों के ज़रिए किसानों तक उन्नत खाद, बीज और दवाइयाँ पहुँचाना
राजस्थान राज्य सहकारी मुद्रणालय लिमिटेड, जयपुर1960सहकारी छपाई-घर

याद रखें: राजफ़ेड = ख़रीदता (MSP पर उपज) भी है और बेचता (खाद-बीज) भी — विपणन संघ का दोहरा काम।

7. तिलहन व डेयरी

राजस्थान राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ (तिलम संघ) — 3 जुलाई 1990

  • यूरोपियन आर्थिक समुदाय और विश्व बैंक की मदद से बना।
  • राज्य में इसकी आठ इकाइयाँ — जालोर, झुंझुनूँ, मेड़ता सिटी, गंगानगर, गंगापुर, बीकानेर, कोटा, फतेहनगर।
  • आज इनमें से केवल तीन चल रही हैं — फतेहनगर, कोटा, गंगानगर।
संस्थास्थापनाब्योरा
श्रीगंगानगर सहकारी तिलहन प्रोसेसिंग मिल्स लिमिटेड1976गजसिंहपुर में; अब बंद
राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (RCDF), जयपुर1977दुग्ध संयंत्र और अवशीतन (चिलिंग) केंद्र चलाता है

8. बुनकर, कपास व कताई

संस्थास्थापनाब्योरा
राजस्थान राज्य सहकारी बुनकर संघ26 अगस्त 1957हथकरघा बुनकरों की दिक़्क़तें सहकारिता के रास्ते सुलझाने के लिए
श्रीगंगानगर सहकारी कॉटन कॉम्प्लेक्स1986राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और विश्व बैंक की मदद से बनी आधुनिक सहकारी कताई मिल
राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग व जिनिंग मिल्स फ़ेडरेशन लिमिटेड (स्पिनफ़ेड)1 अप्रैल 1993तीन सहकारी कताई मिलों और एक जिनिंग मिल को जोड़कर

9. उपभोक्ता, शिक्षा व महिला

संस्थास्थापनाकाम
राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफ़ेड), जयपुर1967लोगों को अच्छी गुणवत्ता का सामान उचित दाम पर दिलाना; 38 उपभोक्ता होलसेल भंडारों की शीर्ष संस्था
राजस्थान सहकारी शिक्षा और प्रबंधन संस्थान (RICEM), जयपुर1990सहकारी शिक्षा और प्रबंधन
राजस्थान महिला निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव फ़ेडरेशन लिमिटेड, जयपुर26 अगस्त 2022महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत करना; समूह की सदस्याओं को रोज़मर्रा की ज़रूरत और स्वरोज़गार के लिए आसानी से ऋण

कॉनफ़ेड के कुछ और काम योजनाओं में मिलेंगे — जन औषधि केंद्र, मिड-डे मील के कॉम्बो पैक और सहकार दीपोत्सव मेला।

10. ऋण योजनाएँ

योजनाकिसके लिएकितना / कैसे
स्वरोज़गार क्रेडिट कार्ड योजनाग़ैर-कृषि गतिविधियाँ₹50 हज़ार तक, 5 साल के लिए
सहकारी किसान कल्याण योजनाकिसानों की कृषि ऋण व साख की ज़रूरत (राज्य सरकार की योजना)केंद्रीय सहकारी बैंक कृषि से जुड़े कामों के लिए अधिकतम ₹10 लाख
राजस्थान ग्रामीण आजीविका ऋण योजनाग्रामीण कारीगर, ग़ैर-कृषि काम करने वाले ग्रामीण परिवार, लघु व सीमांत किसानों के परिवारसहकारी बैंकों के ज़रिए ऋण

11. आवास योजनाएँ

योजनाकिसके लिएऋणअवधि / ख़ास
सहकारी आवास योजनाप्राथमिक कृषि साख समितियों या गृह निर्माण समितियों के सदस्य — मकान बनाना, ख़रीदना या बढ़ाना₹20 लाख तक (दीर्घकालीन)15 वर्ष
बेबी ब्लैंकेट योजना (1998 से)बने हुए मकानों की मरम्मत-रखरखाव₹7 लाख7 वर्ष
सहकार ग्राम आवास योजनाकिसानों को खेत पर घर बनाने के लिएकेंद्रीय सहकारी बैंक से ₹50 लाख तक, 3 किस्तों मेंसमय पर चुकाने पर 5% ब्याज अनुदान

12. महिलाओं के लिए

योजनाब्योरा
महिला विकास ऋण योजनामहिलाओं को डेयरी और दूसरे ग़ैर-कृषि कामों के लिए ऋण; भूमि विकास बैंक ₹50 हज़ार देता है
महिला सहकारितासहकारी संस्थाओं के माध्यम से गाँवों की महिलाओं को सशक्त करने के लिए ₹15 लाख की राशि आवंटित; इसके तहत राजीविका महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समितियाँ बनाई गई हैं
राजस्थान महिला निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव फ़ेडरेशन26 अगस्त 2022 से — महिलाओं को रोज़मर्रा की ज़रूरत और स्वरोज़गार के लिए आसान ऋण

13. जन औषधि, मिड-डे मील व मेले

जन औषधि केंद्र

  • प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना में कॉनफ़ेड 200 जन औषधि केंद्र खोलेगा।
  • अभी जोधपुर और झुंझुनूँ में ये केंद्र थोक उपभोक्ता भंडार चला रहे हैं, और जयपुर में कॉनफ़ेड (आर्थिक समीक्षा 2023-24)।

कोविड काल में बच्चों का भोजन

  1. कोविड-19 — स्कूल बंद
  2. दोपहर का भोजन नहीं मिल सका
  3. राज्य सरकार — दाल, मसाले, तेल का कॉम्बो पैक

2024 के सहकारी मेले

मेलाकबकहाँ
राष्ट्रीय सहकारी मसाला मेला 202419–28 मई 2024जवाहर कला केंद्र, जयपुर
सहकार दीपोत्सव मेला 202421–30 अक्टूबर 2024कॉनफ़ेड ने जयपुर के नवजीवन सहकारी बाज़ार (मार्केटिंग अनुभाग परिसर) में लगाया

14. पोर्टल व बजट घोषणा

  • राज सहकार पोर्टल ➜ विभाग की सारी योजनाएँ अब एक ही एकीकृत ऑनलाइन मंच पर।
  • बजट 2025-26 ➜ नए बने 8 ज़िलों में क्रय-विक्रय सहकारी संघ (KVSS) खोलने की घोषणा।

रिवीजन पॉइंटर्स

  1. सहकारिता शब्द सह (साथ) + कारिता (काम करना) से बना है; इसका नारा है «एक सबके लिए, सब एक के लिए»।
  2. संविधान में सहकारिता राज्य सूची का विषय है, और संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष माना।
  3. राज्य में सहकारी आंदोलन की शुरुआत 1904 में अजमेर से हुई, और उसी वर्ष डीग में पहला सहकारी कृषि बैंक बना।
  4. पहली सहकारी समिति 26 अक्टूबर 1905 को भिनाय (अजमेर) में बनी।
  5. आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार राज्य में 42,283 पंजीकृत सहकारी समितियाँ, 23 संघ और 24 दुग्ध संघ हैं।
  6. अपेक्स बैंक की स्थापना 4 अक्टूबर 1953 को जयपुर में हुई; राजफ़ेड 26 नवम्बर 1957 को बना, जो उपज समर्थन मूल्य पर ख़रीदता और खाद-बीज पहुँचाता है।
  7. तिलम संघ 3 जुलाई 1990 को बना; उसकी आठ इकाइयों में से अब केवल तीन चल रही हैं — फतेहनगर, कोटा और गंगानगर।
  8. RCDF की स्थापना 1977 में जयपुर में हुई, कॉनफ़ेड की 1967 में, और स्पिनफ़ेड की 1 अप्रैल 1993 को।
  9. बेबी ब्लैंकेट योजना 1998 से चल रही है — मकान की मरम्मत के लिए 7 लाख रुपये का ऋण, 7 वर्ष की अवधि।

अगले भाग में क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम — बीहड़ व डांग क्षेत्र, मेवात और बृज, मगरा, अरावली और सीमांत क्षेत्रों के कार्यक्रम।

पिछला भाग: राजस्थान में पर्यटन: प्रमुख पर्यटन स्थल व धरोहर

अगला भाग: क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम: जनजाति क्षेत्र कार्यक्रम

इन्हें भी पढ़ें: राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें · क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम

पूरी श्रृंखला: राजस्थान का भूगोल — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय

इस अध्याय की पूरी तैयारी चाहिए? ऊपर दिए नोट्स हर खंड का चुना हुआ हिस्सा हैं। पूरी तालिकाएँ, बाक़ी बिंदु, याद रखने की ट्रिक, नक्शे-चित्र और अभ्यास-प्रश्न राजस्थान में सहकारिता के माइंड मैप में हैं। राजस्थान जी.के. के सभी विषय एक ही पास में उपलब्ध हैं।
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