सहकारिता का हर सवाल आख़िर में «किसने, कब, कहाँ» पर आकर टिकता है — इसलिए नारे और सिद्धांतों से शुरुआत करके तारीख़ें पक्की कीजिए। इस भाग में सहकारिता का अर्थ, सात सिद्धांत, राज्य में सहकारी आंदोलन, साख ढाँचे के आँकड़े, संस्थाओं की समय-रेखा, ऋण-आवास-महिला योजनाएँ और पोर्टल व बजट घोषणा आती हैं। पिछली परीक्षाओं में जो तथ्य पूछे गए हैं, उनके साथ परीक्षा का नाम जोड़ दिया गया है।
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1. अर्थ, नारा और उद्देश्य
- शब्द दो हिस्सों से बना ➜ सह (साथ) + कारिता (काम करना); यानी मिल-जुलकर काम करना।
- जब कई लोग या संस्थाएँ किसी एक जैसे लक्ष्य को पाने के लिए साथ कोशिश करें, तो इसे सहकार (Cooperation) कहते हैं।
- ऐसे लोगों या संस्थाओं का साझा संगठन सहकारी संस्था कहलाता है।
- नारा ➜ एक सबके लिए, सब एक के लिए
- संविधान में विषय ➜ राज्य सूची
- अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष ➜ 2025 (संयुक्त राष्ट्र)
आंदोलन का लक्ष्य
- किसान, श्रमिक, शिल्पकार, छोटे व्यापारी और उत्पादन से जुड़े आम लोगों को बिचौलियों के शोषण से बचाना।
- उनकी मेहनत और उपज का सही दाम दिलाना।
- सामाजिक और सांस्कृतिक विकास पक्का करना।
2. सहकारिता के 7 सिद्धांत
- स्वैच्छिक और खुली सदस्यता ➜ कोई भी अपनी इच्छा से जुड़ सके।
- सदस्यों का लोकतांत्रिक नियंत्रण ➜ संस्था सदस्य ही चलाते हैं।
- सदस्यों की आर्थिक भागीदारी ➜ पूँजी में सबका हिस्सा।
- स्वायत्तता और स्वाधीनता ➜ संस्था अपने फ़ैसले ख़ुद ले।
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
ट्रिक: क्रम याद करें — “स्वै-लो-आ-स्वा-शि-स-स”: स्वैच्छिक सदस्यता, लोकतांत्रिक नियंत्रण, आर्थिक भागीदारी, स्वायत्तता, शिक्षा, सहयोग, समुदाय।
वर्ष 2025 — संयुक्त राष्ट्र (UN) का अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (International Year of Cooperatives)।
3. राजस्थान में सहकारी आंदोलन
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1904 | आंदोलन की शुरुआत | अजमेर से |
| 1904 | पहला सहकारी कृषि बैंक | डीग में [परीक्षा: BSTC 2024 — राज्य का पहला सहकारी कृषि बैंक किस वर्ष बना? ➜ 1904] |
| 26 अक्टूबर 1905 | पहली सहकारी समिति | भिनाय (अजमेर) |
… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
ट्रिक: 1904 = दो शुरुआतें — आंदोलन अजमेर से और पहला सहकारी कृषि बैंक डीग में; पहली समिति एक साल बाद (1905, भिनाय)।
याद रखें: CET स्नातक 2024 — राजस्थान में सहकारी आंदोलन की शुरुआत: 1904। BSTC 2024 — राज्य का पहला सहकारी कृषि बैंक: 1904।
4. सहकारी साख ढाँचा व आँकड़े
- कुल पंजीकृत सहकारी समितियाँ ➜ 42,283
- संघ (फ़ेडरेशन) ➜ 23
- दुग्ध संघ (मिल्क यूनियन) ➜ 24
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
- 29 केंद्रीय सहकारी बैंक और 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक मिलकर किसानों को कृषि ऋण और लम्बी अवधि का ऋण देते हैं।
- राज्य में आज 41 शहरी (अर्बन) सहकारी बैंक काम कर रहे हैं।
- 278 क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ कार्यरत हैं।
ये संख्याएँ आर्थिक समीक्षा 2023-24 की हैं।
5. संस्थाएँ — समय-रेखा
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 4 अक्टूबर 1953 | राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) | जयपुर |
| 26 अगस्त 1957 | राजस्थान राज्य सहकारी बुनकर संघ | हथकरघा बुनकर |
| 26 नवम्बर 1957 | राजफ़ेड | राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ |
| 1960 | राजस्थान राज्य सहकारी मुद्रणालय | जयपुर |
6. बैंक, विपणन व मुद्रण
| संस्था | स्थापना | काम / ख़ास बात |
|---|---|---|
| राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (अपेक्स बैंक), जयपुर | 4 अक्टूबर 1953 | राज्य के सहकारी बैंकों में सबसे ऊपर |
| राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (राजफ़ेड) | 26 नवम्बर 1957 | किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर ख़रीदना; प्राथमिक क्रय-विक्रय समितियों के ज़रिए किसानों तक उन्नत खाद, बीज और दवाइयाँ पहुँचाना |
| राजस्थान राज्य सहकारी मुद्रणालय लिमिटेड, जयपुर | 1960 | सहकारी छपाई-घर |
याद रखें: राजफ़ेड = ख़रीदता (MSP पर उपज) भी है और बेचता (खाद-बीज) भी — विपणन संघ का दोहरा काम।
7. तिलहन व डेयरी
राजस्थान राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ (तिलम संघ) — 3 जुलाई 1990
- यूरोपियन आर्थिक समुदाय और विश्व बैंक की मदद से बना।
- राज्य में इसकी आठ इकाइयाँ — जालोर, झुंझुनूँ, मेड़ता सिटी, गंगानगर, गंगापुर, बीकानेर, कोटा, फतेहनगर।
- आज इनमें से केवल तीन चल रही हैं — फतेहनगर, कोटा, गंगानगर।
| संस्था | स्थापना | ब्योरा |
|---|---|---|
| श्रीगंगानगर सहकारी तिलहन प्रोसेसिंग मिल्स लिमिटेड | 1976 | गजसिंहपुर में; अब बंद |
| राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (RCDF), जयपुर | 1977 | दुग्ध संयंत्र और अवशीतन (चिलिंग) केंद्र चलाता है |
8. बुनकर, कपास व कताई
| संस्था | स्थापना | ब्योरा |
|---|---|---|
| राजस्थान राज्य सहकारी बुनकर संघ | 26 अगस्त 1957 | हथकरघा बुनकरों की दिक़्क़तें सहकारिता के रास्ते सुलझाने के लिए |
| श्रीगंगानगर सहकारी कॉटन कॉम्प्लेक्स | 1986 | राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और विश्व बैंक की मदद से बनी आधुनिक सहकारी कताई मिल |
| राजस्थान राज्य सहकारी स्पिनिंग व जिनिंग मिल्स फ़ेडरेशन लिमिटेड (स्पिनफ़ेड) | 1 अप्रैल 1993 | तीन सहकारी कताई मिलों और एक जिनिंग मिल को जोड़कर |
9. उपभोक्ता, शिक्षा व महिला
| संस्था | स्थापना | काम |
|---|---|---|
| राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफ़ेड), जयपुर | 1967 | लोगों को अच्छी गुणवत्ता का सामान उचित दाम पर दिलाना; 38 उपभोक्ता होलसेल भंडारों की शीर्ष संस्था |
| राजस्थान सहकारी शिक्षा और प्रबंधन संस्थान (RICEM), जयपुर | 1990 | सहकारी शिक्षा और प्रबंधन |
| राजस्थान महिला निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव फ़ेडरेशन लिमिटेड, जयपुर | 26 अगस्त 2022 | महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत करना; समूह की सदस्याओं को रोज़मर्रा की ज़रूरत और स्वरोज़गार के लिए आसानी से ऋण |
कॉनफ़ेड के कुछ और काम योजनाओं में मिलेंगे — जन औषधि केंद्र, मिड-डे मील के कॉम्बो पैक और सहकार दीपोत्सव मेला।
10. ऋण योजनाएँ
| योजना | किसके लिए | कितना / कैसे |
|---|---|---|
| स्वरोज़गार क्रेडिट कार्ड योजना | ग़ैर-कृषि गतिविधियाँ | ₹50 हज़ार तक, 5 साल के लिए |
| सहकारी किसान कल्याण योजना | किसानों की कृषि ऋण व साख की ज़रूरत (राज्य सरकार की योजना) | केंद्रीय सहकारी बैंक कृषि से जुड़े कामों के लिए अधिकतम ₹10 लाख |
| राजस्थान ग्रामीण आजीविका ऋण योजना | ग्रामीण कारीगर, ग़ैर-कृषि काम करने वाले ग्रामीण परिवार, लघु व सीमांत किसानों के परिवार | सहकारी बैंकों के ज़रिए ऋण |
11. आवास योजनाएँ
| योजना | किसके लिए | ऋण | अवधि / ख़ास |
|---|---|---|---|
| सहकारी आवास योजना | प्राथमिक कृषि साख समितियों या गृह निर्माण समितियों के सदस्य — मकान बनाना, ख़रीदना या बढ़ाना | ₹20 लाख तक (दीर्घकालीन) | 15 वर्ष |
| बेबी ब्लैंकेट योजना (1998 से) | बने हुए मकानों की मरम्मत-रखरखाव | ₹7 लाख | 7 वर्ष |
| सहकार ग्राम आवास योजना | किसानों को खेत पर घर बनाने के लिए | केंद्रीय सहकारी बैंक से ₹50 लाख तक, 3 किस्तों में | समय पर चुकाने पर 5% ब्याज अनुदान |
12. महिलाओं के लिए
| योजना | ब्योरा |
|---|---|
| महिला विकास ऋण योजना | महिलाओं को डेयरी और दूसरे ग़ैर-कृषि कामों के लिए ऋण; भूमि विकास बैंक ₹50 हज़ार देता है |
| महिला सहकारिता | सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गाँवों की महिलाओं को सशक्त करने के लिए ₹15 लाख की राशि आवंटित; इसके तहत राजीविका महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समितियाँ बनाई गई हैं |
| राजस्थान महिला निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव फ़ेडरेशन | 26 अगस्त 2022 से — महिलाओं को रोज़मर्रा की ज़रूरत और स्वरोज़गार के लिए आसान ऋण |
13. जन औषधि, मिड-डे मील व मेले
जन औषधि केंद्र
- प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना में कॉनफ़ेड 200 जन औषधि केंद्र खोलेगा।
- अभी जोधपुर और झुंझुनूँ में ये केंद्र थोक उपभोक्ता भंडार चला रहे हैं, और जयपुर में कॉनफ़ेड (आर्थिक समीक्षा 2023-24)।
कोविड काल में बच्चों का भोजन
- कोविड-19 — स्कूल बंद
- दोपहर का भोजन नहीं मिल सका
- राज्य सरकार — दाल, मसाले, तेल का कॉम्बो पैक
2024 के सहकारी मेले
| मेला | कब | कहाँ |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय सहकारी मसाला मेला 2024 | 19–28 मई 2024 | जवाहर कला केंद्र, जयपुर |
| सहकार दीपोत्सव मेला 2024 | 21–30 अक्टूबर 2024 | कॉनफ़ेड ने जयपुर के नवजीवन सहकारी बाज़ार (मार्केटिंग अनुभाग परिसर) में लगाया |
14. पोर्टल व बजट घोषणा
- राज सहकार पोर्टल ➜ विभाग की सारी योजनाएँ अब एक ही एकीकृत ऑनलाइन मंच पर।
- बजट 2025-26 ➜ नए बने 8 ज़िलों में क्रय-विक्रय सहकारी संघ (KVSS) खोलने की घोषणा।
रिवीजन पॉइंटर्स
- सहकारिता शब्द सह (साथ) + कारिता (काम करना) से बना है; इसका नारा है «एक सबके लिए, सब एक के लिए»।
- संविधान में सहकारिता राज्य सूची का विषय है, और संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष माना।
- राज्य में सहकारी आंदोलन की शुरुआत 1904 में अजमेर से हुई, और उसी वर्ष डीग में पहला सहकारी कृषि बैंक बना।
- पहली सहकारी समिति 26 अक्टूबर 1905 को भिनाय (अजमेर) में बनी।
- आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार राज्य में 42,283 पंजीकृत सहकारी समितियाँ, 23 संघ और 24 दुग्ध संघ हैं।
- अपेक्स बैंक की स्थापना 4 अक्टूबर 1953 को जयपुर में हुई; राजफ़ेड 26 नवम्बर 1957 को बना, जो उपज समर्थन मूल्य पर ख़रीदता और खाद-बीज पहुँचाता है।
- तिलम संघ 3 जुलाई 1990 को बना; उसकी आठ इकाइयों में से अब केवल तीन चल रही हैं — फतेहनगर, कोटा और गंगानगर।
- RCDF की स्थापना 1977 में जयपुर में हुई, कॉनफ़ेड की 1967 में, और स्पिनफ़ेड की 1 अप्रैल 1993 को।
- बेबी ब्लैंकेट योजना 1998 से चल रही है — मकान की मरम्मत के लिए 7 लाख रुपये का ऋण, 7 वर्ष की अवधि।
अगले भाग में क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम — बीहड़ व डांग क्षेत्र, मेवात और बृज, मगरा, अरावली और सीमांत क्षेत्रों के कार्यक्रम।
पिछला भाग: राजस्थान में पर्यटन: प्रमुख पर्यटन स्थल व धरोहर
अगला भाग: क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम: जनजाति क्षेत्र कार्यक्रम
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