राजस्थान में उद्योग: औद्योगिक संस्थाएँ (भाग 2) एवं औद्योगिक क्षेत्र, पार्क, सेज़ व DMIC – Rajasthan Geography Chapter 53

RUDA, खादी बोर्ड, औद्योगिक क्षेत्र, ख़ास पार्क, सेज़, EPIP और दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारे का सार।

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In this chapter (9 sections)
  1. RUDA व खादी बोर्ड
  2. अन्य संस्थाएँ
  3. डिज़ाइन व शोध संस्थान
  4. औद्योगिक क्षेत्र
  5. विशेष पार्क — 1
  6. विशेष पार्क — 2
  7. सेज़ व EPIP
  8. दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा (DMIC)
  9. रिवीजन पॉइंटर्स

उद्योग सिर्फ़ कारख़ानों से नहीं चलते; उन्हें ज़मीन, ढाँचा और सहारा देने वाली संस्थाएँ भी चाहिए। राजस्थान में यह भूमिका RIICO के औद्योगिक क्षेत्र, विशेष पार्क और सेज़ निभाते हैं। इस भाग में RUDA व खादी बोर्ड, अन्य संस्थाएँ, डिज़ाइन-शोध संस्थान, औद्योगिक क्षेत्र, दोनों विशेष पार्क खंड, सेज़ व EPIP और DMIC क्रम से हैं।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान में उद्योग, 1 चॉक-बोर्ड चित्र, 17 नक्शे, 4 चार्ट, 30 फ्लैशकार्ड और 25 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
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1. RUDA व खादी बोर्ड

RUDA — ग्रामीण ग़ैर-कृषि विकास अभिकरण

नवम्बर 1995, जयपुर; ग्रामीण ग़ैर-कृषि क्षेत्र बढ़ाने वाली स्वतंत्र एजेंसी; तीन उप-क्षेत्र — चर्म, ऊन व वस्त्र, लघु खनिज। ग्रामीण दस्तकारों को संगठित-प्रशिक्षित करना, तकनीक सुधार, नेटवर्क बनाना; DPIP के तहत 7 ज़िलों के ग़रीब परिवारों को दस्तकारी प्रशिक्षण।

परियोजनाकहाँ / ख़ास बात
कोटा डोरिया क्लस्टरकोटा
ब्रास शिल्प प्रशिक्षण—
बगरू हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग क्लस्टरबगरू (जयपुर)
गोगुंदा टेराकोटा क्लस्टरगोगुंदा (उदयपुर)

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राजस्थान खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड

अप्रैल 1955, जयपुर — असंगठित कारीगरों को रोज़गार, गुणवत्ता और प्रशिक्षण। राज्य में पहला चरखा संघ — 1927, जयपुर (सांगानेर)। केंद्र — ऊन अनुभाग बाड़मेर, ऊनी उत्पत्ति केंद्र बीकानेर; प्रशिक्षण केंद्र — पुष्कर, सांगानेर, माउंट आबू।

2. अन्य संस्थाएँ

संस्थावर्षकाम
लघु उद्योग सेवा संस्थान, जयपुर1958जानकारी व प्रशिक्षण
राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जयपुर1974नई मंडियाँ, मंडी सड़कें
राज्य भूमि विकास निगम, जयपुर1975—
ज़िला उद्योग केंद्र (DIC)1978पाँचवीं योजना में शुरू

… शेष 16 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

  • असंगठित कामगारों, रेहड़ी-पटरी वालों और पारम्परिक कारीगरों के लिए श्रमिक कल्याण बोर्ड बनेगा।
  • 19 अगस्त 2021 ➜ उद्योग विभाग का नाम “उद्योग एवं वाणिज्य विभाग”।
  • अभी 36 ज़िला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (32 ज़िले + भिवाड़ी, फलौदी, जयपुर ग्रामीण, जयपुर शहर) और 8 उपकेंद्र — ब्यावर, फालना, आबू रोड, बालोतरा, किशनगढ़, नीमराणा, सुजानगढ़, मकराना।

राजस्थान औद्योगिक सुरक्षा बल (RISF)

बटालियनमुख्यालय
RISF-Iकोटपूतली
RISF-IIसीकर
RISF-IIIबालोतरा

3. डिज़ाइन व शोध संस्थान

संस्थानकहाँ
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CEERI)पिलानी (झुंझुनूँ)
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET)जयपुर
राष्ट्रीय फ़ैशन तकनीक संस्थान (NIFT), 2010जोधपुर
फ़ुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूटजोधपुर

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4. औद्योगिक क्षेत्र

RIICO ने अब तक 424 औद्योगिक क्षेत्र बनाए, जिनमें 44,560 से ज़्यादा इकाइयाँ हैं; सबसे ज़्यादा औद्योगिक क्षेत्रों वाला ज़िला — जयपुर। सालारपुर (ग्रेटर भिवाड़ी) और बोरानाडा (जोधपुर) में बहुमंज़िला औद्योगिक कॉम्प्लेक्स।

ज़िलाप्रमुख औद्योगिक क्षेत्र
जयपुरविश्वकर्मा, सांगानेर, मालवीय नगर, मानसरोवर, हीरावाला, बगरू, बस्सी, मानपुरा माचेड़ी, जैतपुरा, सीतापुरा, बिंदायका, कूकस, सरना डूँगर
अलवरमत्स्य, शाहजहाँपुर, सोतानाला कॉम्प्लेक्स
कोटपूतली-बहरोड़बहरोड़, नीमराणा, घिलोठ
खैरथल-तिजाराभिवाड़ी, टपूकड़ा, पथरेड़ी, कैरवा कोटकासिम

नए औद्योगिक क्षेत्र

  • 2024–25 में RIICO के 5 नए क्षेत्र ➜ चड़ुआल, आबू रोड (सिरोही); बोरानाडा विस्तार (जोधपुर); माथासुला दूसरा चरण (जयपुर); गणेश्वर (सीकर); मूरड़ा (राजसमंद)।
  • बजट 2024–25 के क्षेत्र — नाडोल (पाली), धर्मपुरा (बाड़मेर), उमरिया (झालावाड़), माल की तूस (उदयपुर) (यह मिलान RAS प्रारम्भिक 2024 में पूछा गया); वरकाणा (पाली) भी।
  • औद्योगिक स्मार्ट सिटी ➜ राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम में 10 राज्यों के 12 शहर; राजस्थान से जोधपुर का कांकाणी और पाली का रोहट क्षेत्र।

5. विशेष पार्क — 1

पार्क / ज़ोनकहाँख़ास बात
जापानी पार्क (ज़ोन)मजरा काठ, नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़)RIICO ने जापान की JETRO के साथ बनाया; मित्सुबिशी का RIICO से MoU; निसान, मित्सुई, डायकिन, डाइनिची कलर आदि; 49 इकाइयाँ चालू
दक्षिण कोरियाई औद्योगिक ज़ोनघिलोठ (नीमराणा)काँच-सिरेमिक हब, 534 एकड़; RIICO + KOTRA
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्कEPIP सीतापुरा—
स्पोर्ट्स गुड्स व टॉयज़ ज़ोनखुशखेड़ा—

फ़ूड पार्क

पार्ककहाँख़ास बात
एग्रो फ़ूड पार्क (RIICO के 4)रानपुर (कोटा) 139.80 हे.; बोरानाडा (जोधपुर) 193.54 हे.; अलवर 185.94 हे.; उद्योग विहार (गंगानगर) 81.14 हे.—
ग्रीनटेक मेगा फ़ूड पार्करूपनगढ़ (अजमेर)पहला मेगा फ़ूड पार्क; 29 मार्च 2018 से
मेगा फ़ूड पार्कमथानिया (जोधपुर)बजट 2020–21
मेगा फ़ूड पार्क (प्रस्तावित)पलाना (बीकानेर)केंद्र के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की मंज़ूरी; श्रीराम मेगा फ़ूड पार्क प्रा. लि., 50 हेक्टेयर

कृषि निर्यात ज़ोन — जीरा: जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, नागौर, पाली; धनिया: कोटा, बूँदी, बाराँ, झालावाड़, चित्तौड़गढ़।

मसाला पार्क व पत्थर पार्क

  • पहला मसाला (स्पाइस) पार्क — रामपुरा भाटियान (जोधपुर), 7 अप्रैल 2012 को अशोक गहलोत ने उद्घाटन किया; दूसरा — रामगंज मंडी (कोटा), देश का 7वाँ स्पाइस पार्क।
  • स्टोन पार्क (आयामी पत्थर) ➜ विश्नोदा (धौलपुर), मंडोर (जोधपुर), सिकंदरा (दौसा), मंडाना (कोटा), मासलपुर (करौली); C-DOS (पत्थर विकास केंद्र) — सीतापुरा (जयपुर)।

6. विशेष पार्क — 2

पार्क / कॉम्प्लेक्सकहाँ
बायोटेक्नोलॉजी पार्कसीतापुरा (जयपुर), चोपांकी (भिवाड़ी)
परिधान (अपैरल) पार्कमहल (जगतपुरा, जयपुर) — निर्यातक वस्त्र इकाइयाँ; करोली (भिवाड़ी)
अर्थ स्टेशनEPIP सीतापुरा, बोरानाडा
साइबर पार्कजोधपुर (RIICO)

क्लस्टर

क्लस्टरकहाँ
पहला चावल क्लस्टरबूँदी
गोटा क्लस्टरअजमेर
पिछवाई पेंटिंग क्लस्टरब्यावर

नए औद्योगिक ज़ोन

ज़ोनकहाँ
पेट्रोकेमिकलपचपदरा (बालोतरा)
प्लग एंड प्लेसीतापुरा
सिरेमिक व ग्लाससोनियाना (चित्तौड़गढ़)
आर्टिफ़िशियल ज्वेलरीबड़गाँव (सिरोही)

बजट घोषणाओं के पार्क

बजटपार्क / ज़ोन
2024–25सिरेमिक पार्क बीकानेर; औद्योगिक व लॉजिस्टिक हब बांदीकुई (दौसा); सोलर पैनल पार्क कांकाणी/रोहट (पाली); टाइल्स पार्क किशनगढ़; हस्तशिल्प पार्क जोधपुर; खुशियारा औद्योगिक पार्क (बाराँ); पंडेर (जहाज़पुर) औद्योगिक पार्क (शाहपुरा); IT पार्क अजमेर; बायोमास पेलेट व केमिकल पार्क; PM-यूनिटी मॉल जयपुर (~₹200 करोड़)
2025–26हैंड प्रिंटिंग हब आकोला (चित्तौड़); टॉय पार्क कोटा; स्टोन पार्क निम्बाहेड़ा व बूँदी; सिरेमिक पार्क सोनियाना; DMIC में फ़ार्मा पार्क; टेक्सटाइल पार्क भीलवाड़ा; ब्लॉक प्रिंटिंग ज़ोन सांगानेर; औद्योगिक पार्क शाहपुरा (भीलवाड़ा); वुड पार्क लालसोट (दौसा); DMIC से जुड़े 2 लॉजिस्टिक्स पार्क

ग्रामीण व शहरी हाट

कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद बेचने के लिए 12 ग्रामीण और 4 शहरी हाट। ग्रामीण हाट — भरतपुर, झुंझुनूँ, भीलवाड़ा, कोटा, बीकानेर, दौसा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, जैसलमेर, उदयपुर आदि; अलवर और पुष्कर में ज़मीन मिली, DPR बनी। शहरी हाट (उद्यम प्रोत्साहन संस्थान, दिल्ली हाट की तरह) — जोधपुर, जयपुर, अजमेर; सीकर में बन रहा है।

7. सेज़ व EPIP

विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) — ऐसा क्षेत्र जिसे “डीम्ड फ़ॉरेन टेरिटरी” मानकर सीमा शुल्क से मुक्त रखा जाता है। भारत में सेज़ की शुरुआत 2005 से; राज्य में सेज़ विकास की प्रमुख एजेंसी RIICO; राज्य की सेज़ नीति — 13 मार्च 2003।

क्रमक्रियाशील सेज़कहाँ / ख़ास बात
1महिंद्रा वर्ल्ड सिटी सेज़जयपुर — महिंद्रा गेस्को और RIICO ने मिलकर ₹6,206 करोड़ से; बहु-उत्पाद; राज्य का पहला सेज़
2जेम्स एंड ज्वेलरी सेज़ — पहला चरणसीतापुरा (जयपुर), RIICO
3जेम्स एंड ज्वेलरी सेज़ — दूसरा चरणसीतापुरा (जयपुर), RIICO
4सोमानी वर्स्टेड लिमिटेडखुशखेड़ा (खैरथल-तिजारा)

हस्तशिल्प के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र — सीतापुरा; बोरानाडा (जोधपुर) — हस्तशिल्प व ग्वार गम; ऊन-गलीचा — बीकानेर; IT — खुशखेड़ा, जयपुर, जोधपुर।

निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क (EPIP)

क्रमEPIP
पहलासीतापुरा, जयपुर (1997) — सबसे बड़ा निर्यात पार्क
दूसराबोरानाडा (जोधपुर)
तीसरानीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़)

मारवाड़ इंडस्ट्रियल क्लस्टर

जोधपुर-कांकाणी (जोधपुर) से रोहट-पाली तक के इलाक़े को मारवाड़ में औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए “मारवाड़ इंडस्ट्रियल क्लस्टर” बनाने की घोषणा।

8. दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा (DMIC)

  • नए औद्योगिक शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में बसाने और ढाँचा बनाने की बड़ी परियोजना; जापान की आर्थिक-तकनीकी मदद से।
  • दिल्ली और मुम्बई के बीच 1504 किमी का गलियारा — दादरी (UP) से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (मुम्बई) तक; इसे डेडिकेटेड फ़्रेट कॉरिडोर (DFC) भी कहते हैं।
  • कुल 100 अरब डॉलर की परियोजना; जापान ने 0.1% ब्याज पर पैसा दिया।
  • दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र से गुज़रता है; कुल लम्बाई का लगभग 38% राजस्थान में; DFC की राजस्थान में लम्बाई 567 किमी।

पाँच नोड — 2 निवेश क्षेत्र, 3 औद्योगिक क्षेत्र

नोडब्योरा
नोड-7: खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा निवेश क्षेत्रलगभग 165 वर्ग किमी, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ के 43 गाँव; पर्यावरण स्वीकृति 2014; 28 दिसम्बर 2020 की अधिसूचना से 43 गाँव अलग करके विशेष निवेश क्षेत्र — RIICO क्षेत्रीय प्राधिकरण; नया अंतर्राष्ट्रीय ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा, दिल्ली-मानेसर-नीमराणा मेट्रो, नॉलेज सिटी, नीमराणा स्मार्ट सिटी, शाहजहाँपुर-नीमराणा-बहरोड़ में ग्लोबल सिटी
भिवाड़ी इंटीग्रेटेड टाउनशिप (BIT)बहरोड़, मुंडावर, कोटकासिम, नीमराणा, तिजारा तहसीलों के 363 गाँव विशेष निवेश क्षेत्र; 22 फ़रवरी 2018 को “भिवाड़ी एकीकृत विकास प्राधिकरण”
नोड-8: जयपुर-दौसा औद्योगिक क्षेत्रएग्रो-फ़ूड प्रोसेसिंग ज़ोन; जयपुर-भरतपुर-आगरा ब्रॉडगेज; सिकंदरा (दौसा) में ग्रोथ पोल

पहले चरण में नोड-7 और नोड-11 का विकास; इन दोनों के लिए संयुक्त SPV “राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RIDCO)” — 15 मार्च 2022।

रिवीजन पॉइंटर्स

  1. RIICO ने अब तक 424 औद्योगिक क्षेत्र बनाए, जिनमें 44,560 से ज़्यादा इकाइयाँ हैं; सबसे ज़्यादा औद्योगिक क्षेत्र जयपुर में हैं।
  2. RUDA नवम्बर 1995 में जयपुर में बना; इसके तीन उप-क्षेत्र हैं — चर्म, ऊन व वस्त्र, और लघु खनिज।
  3. राजस्थान खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड अप्रैल 1955 में बना; राज्य का पहला चरखा संघ 1927 में जयपुर (सांगानेर) में खुला था।
  4. ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) 1978 में पाँचवीं योजना के दौरान शुरू हुए; अब 36 केंद्र और 8 उपकेंद्र हैं।
  5. पहला मसाला पार्क रामपुरा भाटियान (जोधपुर) में बना, दूसरा रामगंज मंडी (कोटा) में — जो देश का 7वाँ स्पाइस पार्क है।
  6. राज्य का पहला मेगा फ़ूड पार्क ग्रीनटेक है, जो रूपनगढ़ (अजमेर) में है।
  7. राज्य का पहला सेज़ जयपुर का महिंद्रा वर्ल्ड सिटी है; EPIP में पहला सीतापुरा (1997), दूसरा बोरानाडा और तीसरा नीमराणा।
  8. DMIC दिल्ली-मुम्बई के बीच 1504 किमी लंबा है; कुल लंबाई का लगभग 38% राजस्थान में है और DFC की राज्य में लंबाई 567 किमी।
  9. पहले चरण के नोड-7 और नोड-11 के लिए बनी संयुक्त SPV का नाम RIDCO है — 15 मार्च 2022।

अगले भाग में उद्योगों को बढ़ाने वाली योजनाएँ, निवेश प्रोत्साहन, नई नीतियाँ, बड़े आयोजन और पुरस्कार।

पिछला भाग: राजस्थान में उद्योग: खनिज-आधारित उद्योग (भाग 2) एवं हथकरघा, हस्तशिल्प व GI

अगला भाग: राजस्थान में उद्योग: योजनाएँ, नीतियाँ, आयोजन व पुरस्कार

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