खेती के खनिज और इमारती पत्थर राजस्थान की असली पहचान हैं। कई में राज्य देश में अव्वल है, इसलिए हर खनिज के साथ उसका «सबसे ज़्यादा» वाला ज़िला भी याद रखना पड़ता है। इस भाग में जिप्सम व सेलेनाइट, रॉक फ़ॉस्फ़ेट-पोटाश-पायराइट, संगमरमर, ग्रेनाइट-बलुआ पत्थर-घीया पत्थर-स्लेट, चूना पत्थर और अंत में कोयला व लिग्नाइट एक-एक करके आते हैं।
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1. जिप्सम व सेलेनाइट
- शुष्क-अर्द्धशुष्क, बंजर मिट्टी में परतों में; अन्य नाम — हरसौठ / सेलखड़ी / गोदंती।
- उपयोग ➜ अमोनियम सल्फ़ेट खाद (क्षारीय मिट्टी और जलभराव सुधारने को), प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (जयपुर प्रसिद्ध), सीमेंट, रंग, सल्फ़्यूरिक एसिड, चीनी मिट्टी, प्लास्टर बोर्ड, काग़ज़, कीटनाशक।
- भंडार ➜ राजस्थान 81%, जम्मू-कश्मीर 14%; उत्पादन में राजस्थान का 99% एकाधिकार।
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
| ज़िला | क्षेत्र |
|---|---|
| नागौर | गोठ-मांगलोद, भदवासी, जोधियासी, पीलनवासी, ढाकोरिया, मालगाँव, मांगोल, भदाना |
| बीकानेर | लूणकरणसर, जामसर, बल्लर, पूगल, धीरा, कावनी, सियासर, हरकासर, कानोई, कोलायत, जगासर, दुलमेरा |
| गंगानगर | सूरतगढ़, तोलानिया, किशनपुरा, नोलखी, विजयनगर, घड़साना, रंगमहल |
| जैसलमेर | मोहनगढ़, नाचना, लखरौर, हमीरवाली ढाणी, फलसूंड |
… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
सेलेनाइट — जिप्सम की ही एक किस्म; देश का 100% राजस्थान में; केवल RSMML बाड़मेर और बीकानेर में खनन करता है; पहला बाड़मेर — छितर का पार (बाड़मेर), थोब (बालोतरा), लूणकरणसर (बीकानेर)।
याद रखें: REET (L-2) 2025 — राज्य का प्रमुख जिप्सम उत्पादक ज़िला: बीकानेर।
2. रॉक फ़ॉस्फ़ेट, पोटाश, पायराइट
रॉक फ़ॉस्फ़ेट
- आग्नेय-अवसादी चट्टानों में एपेटाइट और फ़ॉस्फ़ोराइट के रूप में; खाद और लवणीय मिट्टी सुधारने में — सुपर फ़ॉस्फ़ेट, डाइकैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट, ट्रिपल सुपर फ़ॉस्फ़ेट, DAP।
- भंडार ➜ झारखंड 34%, राजस्थान 30%, मध्य प्रदेश 19%; उत्पादन में राजस्थान पहला (93%), MP 7%; राज्य में सबसे ज़्यादा उदयपुर।
- झामरकोटड़ा ➜ सबसे ज़्यादा उत्पादन वाली खान, RSMML; बेनिफ़िसिएशन संयंत्र; 1999 में सर्वश्रेष्ठ खान पुरस्कार; मटून — HZL की खानें।
याद रखें: जूनियर इंस्ट्रक्टर 2024–25 — झामरकोटड़ा: रॉक फ़ॉस्फ़ेट।
पोटाश
- उर्वरक खनिज; देश में कहीं खनन नहीं — 100% आयात; अयस्क सिल्वाइनाइट।
- देश के 89% भंडार राजस्थान में, सबसे ज़्यादा नागौर; नागौर-गंगानगर बेसिन (नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर) में पहली बार विशाल भंडार — दुनिया का सबसे बड़ा पोटाश भंडार (2400 मिलियन टन)।
- क्षेत्र ➜ हनुमानगढ़ (भरूसरी, मसानी, बड़ोपल, अमरपुरा, सतीपुरा), बीकानेर (लखासर, हंसेरा, अर्जुनसर, घड़सीसर, जैतपुरा); लखासर व सतीपुरा में 500–700 मी गहराई पर।
पायराइट — बहुत कम; “मूर्खों का सोना”; सल्फ़्यूरिक एसिड व खाद में; सलादीपुरा (सीकर), नायखेड़ा व कालाबार (पाली); सलादीपुरा खान 2002 से बंद।
3. संगमरमर
- चूना पत्थर के ताप-दाब से बनी कायांतरित चट्टान; भंडार — राजस्थान 63%, जम्मू-कश्मीर 21%; उत्पादन में राज्य पहला (अन्य गुजरात, MP, आंध्र)।
- सबसे ज़्यादा खनन पट्टे संगमरमर के; राज्य का सबसे ज़्यादा मूल्य वाला पत्थर।
- सबसे प्रसिद्ध ➜ मकराना (डीडवाना-कुचामन), दिल्ली सुपरग्रुप की चट्टानें — सबसे उत्तम; इसी से ताजमहल और कोलकाता का विक्टोरिया मेमोरियल बने।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
| रंग | कहाँ |
|---|---|
| सफ़ेद | मकराना |
| सफ़ेद व स्लेटी | मोरवड़ (राजसमंद) |
| काला | भैंसलाना (जयपुर) |
| गुलाबी | देवीमाता, केवड़ा-बाबरमल (उदयपुर) |
अन्य क्षेत्र — राजसमंद (राजनगर, केलवा, मोरवड़, निजरना, अगरिया, आमेट), नागौर (कुमारी, भुल्ला पहाड़ी), अजमेर (गोविंदगढ़, पीसांगन, सावर), ब्यावर (काबरा), बाँसवाड़ा (भीमकुंड, ओडवाड़सी, खेमतलाई), जैसलमेर (अमरसागर, मूलसागर, हाबूर), जोधपुर (सूरसागर, मंडोर, बालेसर), अलवर (झीरी)। जैसलमेर का मार्बल जुरासिक काल का, बाक़ी प्री-कैम्ब्रियन।
पटियाला मार्बल — महेंद्रगढ़ (हरियाणा); विश्व-प्रसिद्ध भेड़ाघाट (जबलपुर); भारत सबसे ज़्यादा मार्बल इटली से मँगाता है।
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| अक्टूबर 1994 | पहली मार्बल नीति | |
| 8 जनवरी 2002 | मार्बल व ग्रेनाइट नीति | नवीनतम |
| 1 अक्टूबर 2016 | मार्बल आयात नीति |
4. ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर, घीया पत्थर, स्लेट
ग्रेनाइट
- कठोर आग्नेय चट्टान; अरावली सुपरग्रुप में भरपूर; खम्भे, होटल, मंदिर, बड़ी इमारतें।
- भंडार ➜ कर्नाटक और राजस्थान 20-20%; उत्पादन में राज्य पहला; सबसे ज़्यादा जालौर (“ग्रेनाइट सिटी”)।
- क्षेत्र ➜ जालौर (नून, कालकाजी, कवला, खांबी, सफ़ाड़ा, बीबलसर, भाखर, रानीवाड़ा), जोधपुर (सालावास, पीपाड़, चौकड़ी), पाली (देसूरी, बाली, सुमेरपुर), सिरोही (रेवदर, पिंडवाड़ा, शिवगंज), बाड़मेर (धोरीमन्ना, चौहटन, देवड़ा), बालोतरा (मोकलसर, राखी)।
बलुआ पत्थर (इमारती पत्थर)
राज्य पहला; ज़िलों में पहला जोधपुर; पूर्व में धौलपुर, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूँदी, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़ और पश्चिम में जोधपुर, बीकानेर, नागौर, चूरू में।
| पत्थर | कहाँ | ख़ास बात |
|---|---|---|
| बादामी (जोधपुरी पत्थर) | जोधपुर — मंडोर, सूरसागर, कायलाना, रातकुड़िया, ओसियाँ, घोड़ा घाटी | — |
| स्लेटी | अलवर | — |
| गुलाबी बलुआ | भरतपुर — बंसी पहाड़पुर, बंध बारेठा, महलपुर, सिरोंद | बंसी पहाड़पुर का पत्थर अयोध्या के राम मंदिर में लगा |
| लाल पत्थर | धौलपुर — बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा | दिल्ली का लाल क़िला |
घीया पत्थर (सोपस्टोन) व स्लेट
- घीया पत्थर ➜ चिकना अपारदर्शी, डोलोमाइट चट्टानों के साथ; टैल्कम पाउडर, खिलौने, कीटनाशक; देश के 57% भंडार और सबसे ज़्यादा उत्पादन राज्य में; पहला उदयपुर; देश का सबसे बड़ा भंडार घेवरिया चाँदपुर (भीलवाड़ा); अन्य — गोगुंदा, ऋषभदेव-कागदर (उदयपुर), बेंद, देवला (सलूम्बर), उसन, रबचा (राजसमंद), जहाज़पुर (भीलवाड़ा), डगोता, झरना (दौसा), देवल, पीपलोदा (डूँगरपुर), निवाई (टोंक), मोरा का डूँगर (करौली)।
- स्लेट ➜ छत, दीवार, फ़र्श; उत्पादन में आंध्र पहला, राजस्थान तीसरा; ज़िलों में पहला अलवर; सबसे ज़्यादा — गीगलाना (कोटपूतली-बहरोड़), रसलाना, मांडल, भड़ाना, खूंदरोट, भोयासर (अलवर)।
5. चूना पत्थर
- अवसादी चट्टान, राज्य में लगभग हर जगह; ज़्यादा मैग्नीशियम होने पर डोलोमाइट कहलाता है।
- उपयोग ➜ सीमेंट, इस्पात, चीनी शोधन; जहाँ चूना पत्थर, वहाँ सीमेंट उद्योग की संभावना।
- राज्य में 23 सीमेंट संयंत्र, क्षमता 70.05 मिलियन टन सालाना।
| ग्रेड | देश में पहला | राज्य में सबसे ज़्यादा |
|---|---|---|
| सीमेंट ग्रेड | राजस्थान | चित्तौड़गढ़ (फिर पाली, सिरोही, नागौर, बूँदी) |
| रसायन ग्रेड | गुजरात | नागौर |
| इस्पात ग्रेड | मध्य प्रदेश | जैसलमेर |
- राज्य की 36 चूना पत्थर खानों में सबसे ज़्यादा (11) चित्तौड़गढ़ में — मानपुरा, निम्बाहेड़ा, बेगूँ, भैंसरोड़गढ़ आदि।
- जैसलमेर ➜ GSI ने 4 ब्लॉकों में 315.235 मिलियन टन सीमेंट ग्रेड चूना पत्थर की रिपोर्ट दी — लखमणों की ढाणी, कुईयाला दक्षिण, मियों की ढाणी पूर्वी ब्लॉक-A, मियों की ढाणी उत्तर।
- बाँसवाड़ा ➜ गढ़ी पंचायत समिति में 356 हेक्टेयर में सीमेंट हब के लिए खनन।
6. कोयला व लिग्नाइट
ईंधन खनिज ऊर्जा देते हैं और एक बार इस्तेमाल होने के बाद दोबारा काम नहीं आते; राज्य में लिग्नाइट, पेट्रोलियम और गैस में आगे।
कोयले के उपयोग — अंगीठी, कारख़ाने, बिजलीघर, ईंट भट्टे, सीमेंट और लोहा-इस्पात। देश में भंडार सबसे ज़्यादा झारखंड; उत्पादन छत्तीसगढ़ (22.12%), ओडिशा (21.53%); सबसे ज़्यादा खानें झारखंड (113)।
लिग्नाइट (भूरा कोयला)
- राज्य में सबसे ज़्यादा लिग्नाइट; टर्शियरी युग का; कार्बन कम, नमी ज़्यादा — इसलिए धुआँ ज़्यादा, ऊर्जा कम।
- भंडार ➜ तमिलनाडु 79%, राजस्थान 13.8% (दूसरा); उत्पादन — तमिलनाडु 48%, गुजरात 28%, राजस्थान 24%; खानें — गुजरात 10, राजस्थान 6, तमिलनाडु 3।
- राज्य में 105 करोड़ टन भंडार ➜ सबसे ज़्यादा बाड़मेर, फिर बीकानेर, नागौर; अन्य जालौर, जैसलमेर। सबसे उत्तम लिग्नाइट — पलाना (बीकानेर)।
| ज़िला | क्षेत्र |
|---|---|
| बाड़मेर | कपूरड़ी, जालिपा, गिरल, बोथिया, सोनड़ी, भाड़का, कवास, मगने की ढाणी, निम्बलकोट, नागुरड़ा, मुनाबाव, सच्चासौदा, चोखला, महाबार-शिवकर, सिंधरी पूर्व-पश्चिम |
| बालोतरा | सिंधरी, होडू, जोगेश्वर तला |
| बीकानेर | पलाना, बरसिंहसर, हदला, गुढ़ा पूर्व-पश्चिम, बीठनोक, रानेरी, मंडल चारणान, गंगासरोवर, रीड़ी, नापासर, माढ़, खारी चारणान, चांडेरी, गड़ियाला, भोलासर, दियातरा, गिरिराजसर, बादनूं, कुचौर, बीगा-अभयसिंहपुरा, बांगड़सर-जयमलसर, लालमदेसर |
याद रखें: RAS प्रारम्भिक 2025 — लिग्नाइट के सबसे महत्त्वपूर्ण संसाधन: कपूरड़ी, मेड़ता, कसनाऊ।
| खान | कौन चलाता है |
|---|---|
| गिरल, सोनड़ी | RSMML — गिरल राज्य की पहली आधुनिक ओपन-कास्ट लिग्नाइट खान |
| कपूरड़ी, जालिपा | बाड़मेर लिग्नाइट माइनिंग कम्पनी (2007) |
| बरसिंहसर | नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन |
राज्य की 6 लिग्नाइट खानों में से 3 RSMML चलाता है। लिग्नाइट बिजली परियोजनाएँ — बरसिंहसर (बीकानेर), गिरल (बाड़मेर), भादरेस (बाड़मेर), बीठनोक (बीकानेर, निर्माणाधीन)। भादरेस (8 × 135 MW) तक कपूरड़ी खान से लिग्नाइट 4.2 किमी लम्बे पर्यावरण-हितैषी कन्वेयर बेल्ट से आता है — 2013 से रोज़ 20 हज़ार टन।
रिवीजन पॉइंटर्स
- जिप्सम के उत्पादन में राजस्थान का 99% एकाधिकार है; देश के 81% भंडार यहीं हैं।
- सेलेनाइट देश का 100% राजस्थान में मिलता है और खनन केवल RSMML करता है।
- रॉक फ़ॉस्फ़ेट उत्पादन में राजस्थान पहला (93%); राज्य में सबसे ज़्यादा उदयपुर और झामरकोटड़ा सबसे ज़्यादा उत्पादन वाली खान।
- पोटाश के 89% भंडार राजस्थान में हैं, सबसे ज़्यादा नागौर में; अयस्क सिल्वाइनाइट।
- संगमरमर में राजस्थान के भंडार 63% हैं; सबसे प्रसिद्ध मकराना, काला मार्बल भैंसलाना (जयपुर) का।
- ग्रेनाइट सबसे ज़्यादा जालौर में, इसलिए जालौर को ग्रेनाइट सिटी कहते हैं।
- बलुआ पत्थर में ज़िलों में पहला जोधपुर; स्लेट में ज़िलों में पहला अलवर।
- घीया पत्थर का देश का सबसे बड़ा भंडार घेवरिया चाँदपुर (भीलवाड़ा) में है।
- राज्य की 36 चूना पत्थर खानों में सबसे ज़्यादा (11) चित्तौड़गढ़ में हैं; लिग्नाइट सबसे ज़्यादा बाड़मेर में।
अगले भाग में खनिज तेल व प्राकृतिक गैस के बेसिन, तेल-गैस क्षेत्र और पाइपलाइनें, साथ ही खनिज नीतियाँ व योजनाएँ।
पिछला भाग: राजस्थान के खनिज संसाधन: अधात्विक खनिज एवं मिट्टियाँ व औद्योगिक बालू
अगला भाग: राजस्थान के खनिज संसाधन: खनिज तेल व प्राकृतिक गैस एवं खनिज नीतियाँ व योजनाएँ
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