सड़कें बन जाने के बाद सवाल उठता है कि इन्हें बनाने का पैसा, नियम और सुरक्षा कौन तय करता है — यही इस भाग का विषय है। इसमें विदेशी सहायता वाली परियोजनाएँ, सड़क व वाहन नीतियाँ, बजट घोषणाएँ, सड़क सुरक्षा नीति 2024 व उपाय, पोर्टल, संस्थाएँ और राज्य के प्रथम तथ्य हैं। अंत में रेल का इतिहास और ज़ोन-मंडल के आँकड़े शुरू होते हैं।
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1. विदेशी सहायता वाली परियोजनाएँ
राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास परियोजना (RSHDP) — एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक की मदद से राज्य राजमार्गों का विकास। इसके अलग-अलग हिस्से (ट्रांच) नीचे हैं।
| परियोजना | कौन देता है पैसा · अवधि | लागत | काम |
|---|---|---|---|
| RSHIP-I (ट्रांच-1) | ADB · नवम्बर 2017 से 30 सितम्बर 2022 | ₹2452.36 करोड़ | कुल 1000 किमी SH और MDR का चौड़ीकरण (इंटरमीडिएट या डबल लेन) — ताकि ट्रैफ़िक तेज़ और सुरक्षित चले |
| RSHIP-II (ट्रांच-2) | ADB · दिसम्बर 2019 से मार्च 2024 | ₹2617.07 करोड़ | 11 राजमार्ग (754 किमी), 6 पैकेज; तेज़-सुरक्षित ट्रैफ़िक के साथ सड़कों को जलवायु परिवर्तन झेलने लायक़ बनाना |
| RSHIP-III (ट्रांच-3) | ADB · मार्च 2023 से सितम्बर 2026 | ₹1287.15 करोड़ | 290 किमी राज्य राजमार्गों व प्रमुख ज़िला सड़कों में सुधार |
… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
एम्पावर्ड कमेटी — राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम में शामिल सड़क परियोजनाओं पर विचार करके मंज़ूरी देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अलग से बनी समिति; इसका प्रशासनिक विभाग सार्वजनिक निर्माण विभाग है।
ट्रिक: नाम से पहचानो: RSHIP = ADB (I, II, III), RSHDP-II और RRSMP = विश्व बैंक।
2. सड़क व वाहन नीतियाँ
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1994 | सड़क नीति | सड़क नीति घोषित करने वाला देश का पहला राज्य राजस्थान; इसी के तहत सड़क क्षेत्र में BOT परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र का रास्ता खोलने वाली नीति बनाने वाला भी पहला राज्य |
| 2002 | नई सड़क नीति | |
| 2002 | राजस्थान सड़क विकास अधिनियम | 11 फ़रवरी 2002 से लागू |
| 2013 | राज्य सड़क विकास नीति |
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इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 — उद्देश्य
- राज्य में EV और बैटरी के कारख़ाने लगें — इसके लिए RIPS 2019 वाले प्रोत्साहन।
- लोग EV ख़रीदें, जगह-जगह चार्जिंग की सुविधा हो और इस काम के लिए हुनरमंद लोग तैयार हों।
- दुपहिया EV लक्ष्य ➜ 15%
- तिपहिया EV लक्ष्य ➜ 30%
- चौपहिया EV लक्ष्य ➜ 5%
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए अब लाइसेंस की ज़रूरत नहीं।
ट्रिक: EV लक्ष्य: 15 – 30 – 5 = दो पहिये, तीन पहिये, चार पहिये। बीच वाला (तिपहिया) सबसे ऊँचा।
3. बजट घोषणाएँ
बजट 2024–25
- रोडवेज़ किराए में छूट ➜ 60–80 साल के बुज़ुर्गों के लिए राज्य के भीतर रोडवेज़ का किराया अब आधा (छूट 30% → 50%)।
- ITMS (Intelligent Traffic Management System) ➜ पीएम गति शक्ति के तहत जयपुर–दिल्ली (NH 48), जयपुर–भरतपुर (NH 21) और 4 स्टेट हाईवे पर।
- रोड सेफ़्टी टास्क फ़ोर्स ➜ हर संभाग मुख्यालय पर, ताकि विभागों में तालमेल रहे और त्वरित कार्यवाही हो।
बजट 2025–26
- मौजूदा सड़क तंत्र ➜ बारिश से टूटी लगभग 21 हज़ार किमी “नॉन-पेचेबल” सड़कों को ₹6 हज़ार करोड़ से चरणबद्ध रूप से दोबारा बनाना; पहले चरण में हर विधानसभा क्षेत्र को ₹10 करोड़, मरुस्थलीय क्षेत्रों में ₹15 करोड़।
- रिंग रोड ➜ पहले चरण में 15 शहरों में रिंग रोड की DPR के लिए ₹50 करोड़।
- PMGSY-IV में लगभग 1600 बसावटें, और 250 क़स्बों में अटल प्रगति पथ।
4. सड़क सुरक्षा नीति 2024
हादसे घटाने के लिए 26 जुलाई 2024 को 10 वर्ष की सड़क सुरक्षा रणनीति और कार्ययोजना बनी। दस साल का “सड़क सुरक्षा एक्शन प्लान” देश में सबसे पहले राजस्थान ने अपनाया।
- लक्ष्य ➜ 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50% कमी
- सहायक ➜ विश्व बैंक — कार्ययोजना और नीति बनाने में
- चरण ➜ 3
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 2025–2027 | पहला चरण | |
| 2027–2030 | दूसरा चरण | |
| 2030–2033 | तीसरा चरण |
इससे पहले 21 मार्च 2017 को राज्य सड़क सुरक्षा नीति जारी हुई थी।
5. सड़क सुरक्षा के उपाय
| उपाय | क्या है |
|---|---|
| रोड सेफ़्टी ऑडिट (सड़क सुरक्षा अंकेक्षण) | 5 किमी से लंबी हर सड़क की जाँच किसी बाहरी (तीसरे पक्ष की) एजेंसी से ज़रूरी — नक्शा बनने से लेकर सड़क बनने और चालू होने तक, हर चरण में |
| नोडल विभाग | सड़क सुरक्षा का राज्य-स्तरीय ज़िम्मा परिवहन विभाग के पास — सुप्रीम कोर्ट की समिति के निर्देश पर |
| राजस्थान सड़क सुरक्षा संस्थान, जयपुर | हादसे और उनसे होने वाली मौतें घटाने के लिए ₹10 करोड़ से बना |
| IIT मद्रास से समझौता | IIT मद्रास की RGB लैब के साथ सड़क सुरक्षा के लिए डेटा-आधारित प्रणाली; उपाय बढ़ाना और हादसे घटाना |
दुर्घटना रहित सड़कें (बजट 2022–23)
- शाहजहाँपुर से अजमेर (NH 48, NH 448)
- बर–बिलाड़ा–जोधपुर (NH 25)
- सीकर से बीकानेर (NH 11, NH 52)
- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 ➜ 1–31 जनवरी (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय)
- 2025 की थीम ➜ “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा”
- राज्य सड़क सुरक्षा दिवस ➜ हर वर्ष नवम्बर का तीसरा रविवार
6. पोर्टल व सॉफ़्टवेयर
| पोर्टल | कब | काम |
|---|---|---|
| वाहन 4.0 | — | सभी परिवहन कार्यालय कम्प्यूटरीकृत; वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण |
| सारथी 4.0 | — | ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन; अप्रैल 2024 से स्मार्ट कार्ड की जगह ई-ड्राइविंग लाइसेंस और ई-RC |
| सड़क सुरक्षा वेब पोर्टल | 14 फ़रवरी 2024 | राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RKCL) की मदद से बना; उप-मुख्यमंत्री (परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री) ने लोकार्पण किया |
7. सड़क व परिवहन संस्थाएँ
| संस्था | स्थापना | ख़ास बात |
|---|---|---|
| सीमा सड़क संगठन (BRO) | मई 1960 | रक्षा मंत्रालय के अधीन; मुख्यालय दिल्ली; अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले ज़िलों में सड़कें; 18 परियोजनाएँ चलाता है |
| राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) | 1 अक्टूबर 1964 — सड़क परिवहन निगम अधिनियम 1950 के तहत | मुख्यालय जयपुर; सरकारी बस सेवा (रोडवेज़); बसों में महिलाओं-यात्रियों की सुरक्षा के लिए “पैनिक बटन”; महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को किराए में 50% छूट |
| राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड | 1974, जयपुर | गाँव से मंडी तक पहुँचने वाली सड़कें बनवाना और सुधारना |
| RSRDC (राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लि.) | 8 फ़रवरी 1979 — “राजस्थान स्टेट ब्रिज लिमिटेड” नाम से; 19 जनवरी 2001 को नया नाम | राज्य में सड़कें, भवन और पुल बनाना |
याद रखें: पशु परिचर 2024, लैब असिस्टेंट 2022, REET L-2 2023 — RSRTC की स्थापना 1964 में।
8. राज्य में प्रथम व अन्य तथ्य
| राज्य में प्रथम | कहाँ / क्या |
|---|---|
| पहला ड्राइविंग ट्रैक | जगतपुरा (जयपुर) — JDA ने बनाया |
| पहला यातायात पार्क | कोटा |
| पहली सड़क यातायात सुरंग | जिंदोली सुरंग (खैरथल-तिजारा) — अलवर–बहरोड़ मार्ग पर |
| सबसे लंबी सड़क सुरंग | कोटा–बूंदी NH 52 पर बूंदी ज़िले में 1076 मीटर, 6 लेन; उद्घाटन नितिन गडकरी ने 15 अक्टूबर 2015 को |
- महिला गौरव एक्सप्रेस (निर्भया बस) ➜ पैनिक बटन लगी बसों की देश में पहली सेवा। रोडवेज़ की ऐसी 20 बसें निर्भया फ़ंड के पैसे से बनीं और 25 मई 2016 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन्हें देश को सौंपा।
- दुपहिया पर पीछे बैठी सवारी के लिए भी हेलमेट — 28 अक्टूबर 2015 से अनिवार्य।
- 1 अक्टूबर 2021 से परिवहन विभाग का नाम “परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग”।
9. रेल का इतिहास
- रेल संघ सूची का विषय है। एकवर्थ समिति की सिफ़ारिश पर 1925 में रेल बजट आम बजट से अलग हुआ; 2017–18 से दोनों फिर साथ पेश होते हैं।
- एशिया में सबसे बड़ा, और एक ही प्रबंधन के अधीन चलने वाले नेटवर्कों में दुनिया में दूसरा — यह है भारतीय रेल।
- रेलमार्गों की लंबाई में पहला राज्य उत्तर प्रदेश, दूसरा राजस्थान।
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 1830 | दुनिया की पहली अंतर-नगरीय यात्री रेल सेवा | लिवरपूल से मैनचेस्टर |
| 1853 | भारत की पहली रेल | 16 अप्रैल — बोरीबंदर (छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, मुम्बई) से ठाणे, 33.81 किमी; ग्रेट ब्रिटेन की पेनिनसुलर रेलवे कम्पनी ने चलाई |
| 1874 | राजस्थान की पहली रेल | 21 अप्रैल — आगरा फ़ोर्ट (UP) से बांदीकुई (दौसा), जयपुर रियासत में |
| 1877 | यात्रियों के लिए खुली | दिल्ली और आगरा से बांदीकुई, अजमेर, नसीराबाद तक; इससे पहले दिल्ली–अलवर और अलवर–बांदीकुई लाइन बनी |
| शहर / रियासत | रेल लाने का श्रेय |
|---|---|
| जयपुर | माधोसिंह द्वितीय |
| जोधपुर | महाराजा तख़्तसिंह |
| बीकानेर | महाराजा गंगासिंह |
आज़ादी से पहले अपनी निजी रेल बनाने वाली रियासतें — बीकानेर (गंगासिंह) और जोधपुर (तख़्तसिंह)।
10. ज़ोन, मंडल व आँकड़े
- भारत में रेलमार्ग (मार्च 2024) ➜ 69,181 किमी
- राजस्थान में ➜ 6135 किमी
- देश के रेलमार्ग में हिस्सा ➜ 8.86%
ये आँकड़े Indian Railways Year Book 2024–25 और आर्थिक समीक्षा 2024–25 के हैं।
- राज्य की सभी मीटर गेज लाइनों को ब्रॉड गेज में बदलना स्वीकृत हो चुका है।
- 5703 रूट किमी (RKM) लाइन का विद्युतीकरण हो चुका — ब्रॉड गेज का 97%।
- 127 किमी रेलमार्ग पर स्वचालित सिग्नल; 1700 किमी पर ट्रेनें सुरक्षित चलें, इसके लिए वहाँ कवच प्रणाली लग रही है।
नैरोगेज — केवल धौलपुर में
- धौलपुर–बाड़ी–तांतपुर (आगरा) — धौलपुर के शासक रामसिंह के समय शुरू
- धौलपुर–सरमथुरा
ब्रॉड गेज में बदलने (आमान परिवर्तन) के लिए दोनों लाइनें अप्रैल 2023 में बंद कर दी गईं।
राज्य के रेल मानचित्र (1 अप्रैल 2022 तक संशोधित) में पाँचों मंडल — अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा — अलग रंगों में दिखते हैं; बाड़मेर से मुनाबाव होकर लाइन पाकिस्तान के खोखरापार की ओर जाती है।
रिवीजन पॉइंटर्स
- RSHIP-I, II और III तीनों ADB की मदद से बनीं; इनकी लागत क्रमशः 2452.36 करोड़, 2617.07 करोड़ और 1287.15 करोड़ रुपये रही।
- 1994 में सड़क नीति घोषित करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है; BOT परियोजनाओं के लिए निजी क्षेत्र को रास्ता देने वाली नीति भी सबसे पहले यहीं बनी।
- इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 के लक्ष्य — दुपहिया 15%, तिपहिया 30%, चौपहिया 5%।
- सड़क सुरक्षा की 10 वर्ष की रणनीति 26 जुलाई 2024 को बनी; लक्ष्य 2030 तक दुर्घटनाओं में 50% कमी, तीन चरणों में।
- राज्य सड़क सुरक्षा नीति पहले 21 मार्च 2017 को जारी हुई थी; राज्य सड़क सुरक्षा दिवस हर वर्ष नवम्बर का तीसरा रविवार है।
- 5 किमी से लंबी हर सड़क का रोड सेफ़्टी ऑडिट किसी बाहरी एजेंसी से कराना ज़रूरी है।
- RSRTC की स्थापना 1 अक्टूबर 1964 को हुई, मुख्यालय जयपुर; सीमा सड़क संगठन (BRO) मई 1960 में बना।
- राज्य में प्रथम — ड्राइविंग ट्रैक जगतपुरा (जयपुर), यातायात पार्क कोटा, सड़क यातायात सुरंग जिंदोली (खैरथल-तिजारा)।
- राजस्थान की पहली रेल 21 अप्रैल 1874 को आगरा फ़ोर्ट से बांदीकुई चली; भारत की पहली रेल 1853 में चली थी।
अगले भाग में नई और निर्माणाधीन रेल लाइनें, सुरंगें, रेल संस्थाएँ, ख़ास ट्रेनें, जयपुर मेट्रो और वायु परिवहन।
पिछला भाग: राजस्थान में परिवहन के साधन: राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेस-वे (भाग 2)
अगला भाग: राजस्थान में परिवहन के साधन: रेल परिवहन (भाग 2) एवं वायु परिवहन
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