राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: राज्य की योजनाएँ – Rajasthan Geography Chapter 42

राज्य की कृषि नीतियाँ, किसान कल्याण योजनाएँ, अनुदान, जैविक खेती, पहला कृषि बजट और फसलवार ज़िला सारणी।

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In this chapter (11 sections)
  1. कृषि नीतियाँ व कोष
  2. किसान व मंडी श्रमिक कल्याण
  3. जल संरक्षण व खेती का ढाँचा
  4. बीज, खाद व ऋण
  5. जैविक व प्राकृतिक खेती
  6. कृषि बजट व मिलेट्स
  7. फसलवार ज़िला सारणी
  8. विशिष्ट मंडियाँ व ई-नाम
  9. एक ज़िला-एक उत्पाद (खाद्य प्रसंस्करण)
  10. रोचक तथ्य व शब्द
  11. रैपिड फायर तथ्य

राज्य की योजनाओं के नाम अक्सर बदलते रहे हैं — जैसे राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना अब मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना कहलाती है — इसलिए उन्हें शुरुआत की तारीख़ और लाभ के साथ याद रखना सुरक्षित रहता है। इस भाग में कृषि नीतियाँ, किसान व मंडी श्रमिक कल्याण, जल संरक्षण अनुदान, बीज-खाद-ऋण, जैविक खेती, कृषि बजट, फसलवार ज़िला सारणी, ई-नाम और एक ज़िला-एक उत्पाद हैं।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें, 1 चॉक-बोर्ड चित्र, 30 नक्शे, 2 चार्ट, 30 फ्लैशकार्ड और 25 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
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1. कृषि नीतियाँ व कोष

नीति / कोषकबख़ास बात
पहली राज्य कृषि नीति2013कृषि वैज्ञानिक डॉ. परोदा ने मसौदा बनाया; अगले 10 साल में खाद्यान्न उत्पादन दोगुना और 4% विकास दर का लक्ष्य
कृषि प्रसंस्करण व कृषि विपणन प्रोत्साहन नीति20 अक्टूबर 2015 – 31 मार्च 2019—
कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय व कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति12 दिसम्बर 2019किसानों की आय बढ़ाना, किसानों-संगठनों की भागीदारी, क्लस्टर से कटाई के बाद का नुकसान घटाना, ख़ास फसलों का मूल्य संवर्धन व निर्यात
जैविक कृषि नीतिमई 2017—

… शेष 4 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

2. किसान व मंडी श्रमिक कल्याण

योजनाकबख़ास बात
मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना9 दिसम्बर सेपुराना नाम राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना; किसान, खेतिहर मज़दूर, हम्माल, पल्लेदार को खेती या मंडी के काम में दुर्घटना पर ₹5 हज़ार से ₹50 हज़ार; मृत्यु पर ₹2 लाख
किसान कलेवा योजना20 जनवरी 2014सुपर, “अ”, “ब” श्रेणी और बाक़ी सक्षम मंडियों (फल-सब्ज़ी यार्ड छोड़कर) में उपज लाने वाले किसानों को ₹5 में भोजन की थाली; थाली अधिकतम ₹40 — ₹35 मंडी समिति, ₹5 किसान
महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना11 अप्रैल 2015मंडी श्रमिकों का जीवन स्तर सुधारना (नीचे देखें)
सावित्रीबाई फुले महिला कृषक सशक्तिकरण योजना21 फ़रवरी 2018मंडी में ₹50 हज़ार से ज़्यादा के ई-भुगतान पर ₹500 और ₹1 लाख पर ₹1000 सीधे महिला किसान के खाते में

… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

मंडी श्रमिक कल्याण योजना के लाभ

लाभराशि
प्रसूति सहायतालाइसेंसधारी महिला श्रमिक को प्रसूति पर 45 दिन की मज़दूरी
विवाह सहायतामहिला श्रमिक के अपने विवाह और श्रमिक की पुत्री (अधिकतम 2) के विवाह पर ₹50,000 — बजट 2025–26 में ₹75,000
छात्रवृत्ति / मेधावी छात्र पुरस्कारश्रमिक के बच्चों को 60% या ज़्यादा अंक पर

… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

3. जल संरक्षण व खेती का ढाँचा

कार्यक्रमअनुदान
डिग्गी-फव्वारा4 लाख लीटर या ज़्यादा की डिग्गी पर लागत का 50% या ₹350/घन मी या अधिकतम ₹2 लाख; गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बीकानेर, कोटा, बाराँ, बूँदी में
फ़ार्म पॉन्ड (खेत तलाई)कम से कम 600 घन मी पर लागत का 50% या अधिकतम ₹52,500 (PMKSY में राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के निर्देशानुसार)
जल हौज़लागत का 50% या ₹350/घन मी या अधिकतम ₹75,000; राज्य 10% अलग से

इन सबके लिए “राज किसान साथी पोर्टल” पर ऑनलाइन आवेदन — लोकार्पण 20 अगस्त 2021; खेती की सारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन और भुगतान एक जगह; ई-गवर्नेंस 2023–24 में “गवर्नेंस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग” श्रेणी में सिल्वर अवॉर्ड।

योजनाख़ास बात
राजस्थान एग्रीकल्चर इंफ़्रा मिशन (2024–25, ₹2,000 करोड़)20 हज़ार फ़ार्म पॉन्ड, 10 हज़ार किमी पाइपलाइन, 50 हज़ार किसानों को तारबंदी, 5 हज़ार को वर्मी कम्पोस्ट इकाइयाँ, एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, फ़ूड पार्क, हॉर्टीकल्चर हब; 500 कस्टम हायरिंग केंद्र (ड्रोन सहित)
नमो ड्रोन दीदी1,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन ख़रीदने की मदद; नैनो यूरिया-कीटनाशक का सटीक छिड़काव; अगले साल 1 लाख हे. में छिड़काव पर ₹2,500/हे. अनुदान (बजट 2025–26)
तारबंदी से फसल सुरक्षानीलगाय-जंगली-आवारा पशुओं से बचाव; 2017–18 से NMOOP के फ़ंड से, 2022–23 से 2 साल “राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन” में; लघु-सीमांत को 50% या ₹40,000, सीमांत को 60% या ₹48,000, कम से कम 5 हे. वाले 10 किसानों के समूह को 70% या ₹56,000 प्रति किसान (DBT); 400 रनिंग मीटर (₹100/मी) तक

4. बीज, खाद व ऋण

योजनाकबख़ास बात
मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना (MBSY)2017–18पहले कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर के 3 कृषि जलवायु खंडों में पायलट; 2018–19 से सभी 10 खंडों में; किसान अपने खेत पर गेहूँ, जौ, चना, सरसों, ज्वार, सोयाबीन, मूँग, मोठ, उड़द की 10 साल तक पुरानी उन्नत किस्मों का बीज बनाते हैं
मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना24 फ़रवरी 2021कृषक कल्याण कोष से 3 साल की अनुदान योजना — 1 लाख किसानों को कम्पोस्ट यूनिट, 5 लाख को उन्नत बीज, 3 लाख को निःशुल्क जैव उर्वरक; बजट 2022–23 में ₹2 हज़ार से ₹5 हज़ार करोड़
जनजाति कल्याण कोष ख़रीफ़-2022बजट 2022–238 लाख जनजातीय किसानों को 5 किलो संकर मक्का बीज की निःशुल्क मिनी किट
राजीव गांधी किसान बीज उपहार योजना22 अक्टूबर 2022राज्य बीज निगम से बीज ख़रीदने वालों के लिए हर ज़िले में 51 उपहारों की लॉटरी — पहला उपहार ट्रैक्टर; बीज के थैले में कूपन

उर्वरक उपभोग (2022–23)

पैमानासबसे ज़्यादासबसे कम
कुल उपभोगगंगानगर (1,65,933 टन), फिर हनुमानगढ़ (1,24,825 टन)डूँगरपुर (7,725 टन), फिर राजसमंद (9,773 टन)
प्रति हेक्टेयरकोटा (163.97 किग्रा), फिर बूँदी (161.19)बाड़मेर (14 किग्रा)

राज्य का औसत उर्वरक उपभोग 64.60 किग्रा/हे.; सबसे ज़्यादा नाइट्रोजनी उर्वरक; कुल उर्वरक का आधे से ज़्यादा केवल दो फसलें — चावल और गेहूँ — लेती हैं।

5. जैविक व प्राकृतिक खेती

जैविक (ऑर्गेनिक) खेती — गोबर खाद, हरी खाद और फसल को बीमारियों से बचाने के प्राकृतिक तरीक़े; रासायनिक खाद-कीटनाशक बिल्कुल नहीं। देश का पहला जैविक राज्य — सिक्किम (18 जनवरी 2016)।

तथ्य
जैविक खेती अपनाने वाला पहला ज़िलाडूँगरपुर
पहली ऑर्गेनिक मंडीडूँगरपुर में खुलेगी
जैविक खेती का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंसवानिकी प्रशिक्षण संस्थान, झालावाड़
पहला जैविक गाँवघाटी गाँव (उदयपुर); दादिया (जयपुर) को भी जैविक गाँव का दर्जा

ज़ीरो बजट प्राकृतिक खेती

बजट 2019–20 में घोषणा; पहले पायलट रूप में टोंक, सिरोही, बाँसवाड़ा की 36 ग्राम पंचायतों में; 2020–21 से आंध्र प्रदेश पैटर्न पर 15 ज़िलों (टोंक, अजमेर, अलवर, बाराँ, झालावाड़, भीलवाड़ा, उदयपुर, बाँसवाड़ा, सीकर, नागौर, बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, हनुमानगढ़, सिरोही) के 30 ब्लॉकों में। किसान आदानों में आत्मनिर्भर होंगे और लागत घटेगी।

अन्य

  • शहरी सब्ज़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम (वेजिटेबल इनिशिएटिव फ़ॉर अर्बन क्लस्टर) — 27 अप्रैल 2016; घर की छत पर जैविक सब्ज़ी के लिए 50% अनुदान; जयपुर, कोटा, उदयपुर, सीकर, अलवर।
  • राजस्थान कृषि विकास योजना (Raj KVY) ➜ 2024–25 में RKVY-RAFTAAR की तर्ज़ पर; नई तकनीक, आदान, जैविक खेती, क्षमता विकास।
  • कृषि शिक्षा की छात्राओं को प्रोत्साहन — उच्च माध्यमिक (कृषि) ₹15,000, स्नातक-स्नातकोत्तर ₹25,000, Ph.D. ₹40,000 सालाना।

6. कृषि बजट व मिलेट्स

राज्य का पहला कृषि बजट — तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, 23 फ़रवरी 2022।

कृषि बजट 2023–24 के 12 मिशन

  1. राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन
  2. राजस्थान जैविक खेती मिशन
  3. राजस्थान बीज उत्पादन एवं वितरण मिशन
  4. राजस्थान मिलेट्स प्रोत्साहन मिशन
  5. राजस्थान संरक्षित खेती मिशन
  6. राजस्थान उद्यानिकी विकास मिशन

राजस्थान मिलेट्स प्रोत्साहन मिशन

पहले कृषि बजट में घोषित — मोटे अनाज की खेती बढ़ाकर प्रदेश को “मिलेट्स हब” बनाना; बाजरे की 10 लाख मिनीकिट मुफ़्त। उच्च गुणवत्ता का बीज — 12 लाख किसानों को मक्का, 8 लाख को बाजरा, 4 लाख को मूँग, और ज्वार-मोठ का भी।

कृषि बजट 2025–26

  • राज्य के कुल बजट का 12.15% कृषि बजट; पिछले साल से 14.67% ज़्यादा; GSDP का 5.58%।
  • नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम ➜ FPO के 100 किसान सदस्य इज़रायल सहित दूसरे देशों में और 5,000 किसान राज्य से बाहर प्रशिक्षण के लिए।
  • GRAM ➜ अगले साल ग्लोबल राजस्थान एग्री-टेक मीट।

राजस्थान किसान महोत्सव — 16–18 जून 2023, JECC सीतापुरा (जयपुर)।

7. फसलवार ज़िला सारणी

फसलसबसे ज़्यादा क्षेत्रफल (2022–23)सबसे ज़्यादा उत्पादन (2022–23)देश में राज्य का स्थानदेश में पहला
चावलबूँदी, हनुमानगढ़बूँदी, हनुमानगढ़—पश्चिम बंगाल
ज्वारअजमेर, पालीअजमेर, भीलवाड़ातीसरामहाराष्ट्र
बाजराबाड़मेर, जोधपुरबाड़मेर, अलवरपहलाराजस्थान
मक्काभीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़9वाँकर्नाटक

स्थान और “देश में पहला” वाले कॉलम 2021–22 के हैं। 2021–22 में देश के बाजरा उत्पादन में राज्य का योगदान 38.98% था (RAS प्रारम्भिक 2025)।

याद रखें: RAS प्रारम्भिक 2025 का मिलान (2021–22 में देश में पहला) — पोषक अनाज: कर्नाटक; कुल दलहन: मध्य प्रदेश; मूँगफली: गुजरात; सोयाबीन: महाराष्ट्र।

8. विशिष्ट मंडियाँ व ई-नाम

मंडीकहाँ
किन्नू व माल्टागंगानगर
गाजर (विशिष्ट)साधुवाली (गंगानगर)
प्याज़ (विशिष्ट)रसीदपुरा (सीकर)
प्याज़अलवर

ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाज़ार)

  • राज्य में 14 अप्रैल 2016 को कोटा की रामगंज मंडी से पायलट रूप में शुरू।
  • अब तक 145 कृषि उपज मंडी समितियाँ जुड़ीं; eNAM — देश भर का इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल।
  • मंडियों में किसान-व्यापारी पंजीकरण, आवक का प्रवेश पत्र, परख जाँच, ई-नीलामी, ई-भुगतान।

9. एक ज़िला-एक उत्पाद (खाद्य प्रसंस्करण)

ज़िलाउत्पाद
अलवरप्याज़
अजमेरगुलाब
बाँसवाड़ाआम
बाराँलहसुन

10. रोचक तथ्य व शब्द

शब्द / तथ्यअर्थ
इंडिया मिक्सगेहूँ, मक्का, सोयाबीन के मिश्रण का आटा
गोचनी (बेझड़)गेहूँ, जौ, चने का मिश्रण
धमासाजयपुर क्षेत्र की एक खरपतवार
तमोली / पनेरी / तम्बोलीपान की खेती करने वाले

कृषि कार्यक्रम, ऐप और कम्पनियाँ

नामक्या है
खेती री बातांकृषि विभाग का मासिक अख़बार; आकाशवाणी पर रोज़ शाम 7:30–8:00 बजे का कार्यक्रम
खेती-बाड़ी 2जयपुर दूरदर्शन — हर गुरुवार शाम 7:30 बजे
कृषि दर्शनदूरदर्शन — सोमवार से शुक्रवार शाम 5:30–6:00 बजे

दिवस

दिवसतारीख़
विश्व खाद्य दिवस16 अक्टूबर
विश्व कपास दिवस7 अक्टूबर
विश्व दलहन दिवस10 फ़रवरी

11. रैपिड फायर तथ्य

  • पहली राज्य कृषि नीति ➜ 2013 में आई; मसौदा कृषि वैज्ञानिक डॉ. परोदा ने बनाया
  • किसान कलेवा योजना ➜ 20 जनवरी 2014 से; मंडी में उपज लाने वाले किसान को 5 रुपये में भोजन की थाली
  • राज किसान साथी पोर्टल ➜ लोकार्पण 20 अगस्त 2021 को; खेती की सारी योजनाओं के आवेदन एक जगह
  • मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना ➜ 2017–18 में पायलट, 2018–19 से सभी 10 कृषि जलवायु खंडों में
  • पहला कृषि बजट ➜ अशोक गहलोत ने 23 फ़रवरी 2022 को पेश किया
  • कृषि बजट 2025–26 ➜ राज्य के कुल बजट का 12.15%
  • पहला जैविक राज्य ➜ सिक्किम (18 जनवरी 2016); राजस्थान में जैविक खेती अपनाने वाला पहला ज़िला डूँगरपुर
  • पहला जैविक गाँव ➜ घाटी गाँव (उदयपुर)
  • ई-नाम ➜ राज्य में 14 अप्रैल 2016 को कोटा की रामगंज मंडी से पायलट रूप में शुरू

अगले भाग में राज्य की खनिज संपदा, देश में स्थान, खनन संस्थाएँ, खनिजों का वर्गीकरण और लोहा, ताँबा, सीसा-जस्ता जैसे धात्विक खनिज।

पिछला भाग: राजस्थान में कृषि एवं प्रमुख फसलें: बागवानी, फल व फूल एवं कृषि संस्थाएँ

अगला भाग: राजस्थान के खनिज संसाधन: खनिज — परिचय व वर्गीकरण एवं धात्विक खनिज

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