जनगणना-2011 में तीन चीज़ें पक्की रखनी हैं: संख्या, देश में स्थान और सबसे ज़्यादा-सबसे कम वाले ज़िले। यह भाग जनगणना के इतिहास और 2001 बनाम 2011 से शुरू होकर राज्य की कुल जनसंख्या, ज़िलों-शहरों में बँटवारे, ग्रामीण-शहरी व धार्मिक संरचना, जनघनत्व और वृद्धि दर तक जाता है। ध्यान रहे कि तेलंगाना बनने के बाद कई रैंक एक अंक खिसक गए।
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1. जनगणना — इतिहास व तुलना
- 2011 की जनगणना ➜ मार्च 2011
- देश की कौन-सी ➜ 15वीं
- आज़ादी के बाद ➜ 7वीं
2. जनगणना का इतिहास
जनगणना ज़रूरी क्यों
- सरकार अगले दस वर्षों की नीतियाँ और योजनाएँ इन्हीं आँकड़ों को देखकर बनाती है।
- जनसंख्या की जानकारी का यह सबसे बड़ा ज़रिया है — गाँव और ढाणी जैसे सबसे छोटे स्तर तक के आँकड़े मिलते हैं।
- सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा — और राज्य, ज़िला, तहसील, नगर व गाँव स्तर के बुनियादी आँकड़े भी यहीं से आते हैं।
| काल / क्रम | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| मौर्य काल | कौटिल्य का अर्थशास्त्र | जन्म और मौत का हिसाब दर्ज होने का देश का सबसे पुराना लिखित सबूत |
| मुग़ल काल | अबुल फ़ज़ल की आइन-ए-अकबरी | इसमें भी जनगणना का ज़िक्र |
| 1872 | भारत की पहली जनगणना | लॉर्ड मेयो के समय; राजस्थान में भी इसी वर्ष ब्रिटिश शासन में गिनती हुई, पर अव्यवस्थित और अनियमित |
… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
मुहणोत नैणसी ने मारवाड़ रा परगना री विगत में मारवाड़ रियासत के हर गाँव की आबादी लिख दी थी। इसी वजह से उन्हें “राजस्थान में जनगणना का अग्रज” कहा जाता है।
ट्रिक: मेयो ने शुरू की (1872), रिपन ने नियमित की (1881) — “M पहले, R बाद में”।
याद रखें: जनगणना संघ सूची का विषय है — यानी केंद्र सरकार कराती है।
3. 2001 बनाम 2011
| सूचक | 2001 | 2011 | देश में स्थान | अंतर |
|---|---|---|---|---|
| कुल जनसंख्या | 5,65,07,188 | 6,85,48,437 (पुरुष 3,55,50,997 · महिला 3,29,97,440) | 7वाँ | +1,20,41,249 |
| दशकीय वृद्धि दर | 28.4% | 21.3% | 8वाँ (मणिपुर के संशोधित आँकड़ों के बाद 9वाँ) | 7.10 कम |
| लिंगानुपात | 921 | 928 | 22वाँ | +7 |
| जनघनत्व | 165 | 200 | 19वाँ | +35 |
… शेष 5 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें
पैटर्न पहचानें
- बढ़े: जनसंख्या, लिंगानुपात (+7), जनघनत्व (+35), तीनों साक्षरता दरें।
- घटे: वृद्धि दर (7.10 अंक) और शिशु लिंगानुपात (21 अंक) — 0–6 वर्ष की कुल आबादी भी लगभग स्थिर रही।
ट्रिक: स्थानों का क्रम याद करें: घनत्व 19 · पुरुष साक्षरता 19 · लिंगानुपात 22 · शिशु लिंगानुपात 25 · साक्षरता 26 · महिला साक्षरता 27 — जितना महिलाओं से जुड़ा सूचक, उतना पीछे।
4. जनसंख्या व उसका वितरण
- कुल जनसंख्या ➜ 6,85,48,437
- देश में हिस्सा ➜ 5.67%
- देश में स्थान ➜ 7वाँ
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
5. राज्य की कुल जनसंख्या
- कुल ➜ 6,85,48,437 (लगभग 6.86 करोड़)
- भारत की आबादी में ➜ 5.67%
- विश्व की आबादी में ➜ लगभग 1.6%
- आबादी के मामले में राजस्थान लगभग थाईलैंड (6.90 करोड़) और फ़्रांस (लगभग 6.7 करोड़) जितना है।
- 2011 के आँकड़ों में राज्य 8वें स्थान पर था; जून 2014 में आंध्र प्रदेश से तेलंगाना अलग हुआ तो राजस्थान 7वें स्थान पर आ गया।
- 1 मार्च 2024 की अनुमानित आबादी (आर्थिक समीक्षा 2024-25) — लगभग 8.19 करोड़।
6. ज़िलों में जनसंख्या
| क्रम | सबसे अधिक | सबसे कम |
|---|---|---|
| 1 | जयपुर — 66.26 लाख | जैसलमेर — 6.70 लाख |
| 2 | जोधपुर — 36.87 लाख | प्रतापगढ़ — 8.68 लाख |
| 3 | अलवर — 36.74 लाख | सिरोही — 10.36 लाख |
- जयपुर अकेला राज्य की 9.67% आबादी रखता है; जैसलमेर का हिस्सा सिर्फ़ 0.98% है।
- जोधपुर और अलवर में फ़र्क़ बहुत कम है (36.87 बनाम 36.74 लाख) — क्रम पर प्रश्न बनता है।
| आबादी | ज़िले |
|---|---|
| 50 लाख से ज़्यादा | 1 (जयपुर) |
| 30 लाख से ज़्यादा | 5 |
| 20 लाख से ज़्यादा | 14 |
7. सबसे बड़े शहर
| शहर | आबादी | देश में स्थान |
|---|---|---|
| जयपुर | 30.73 लाख | 10वाँ |
| जोधपुर | 10.33 लाख | 43वाँ |
| कोटा | 10.01 लाख | 46वाँ |
- 10 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहर ➜ 3
- 5 लाख से ज़्यादा ➜ 5
- 1 लाख से ज़्यादा ➜ 30
8. ग्रामीण और शहरी आबादी
| वर्ष | ग्रामीण % | शहरी % |
|---|---|---|
| 1901 | 84.94 | 15.06 |
| 2011 | 75.10 | 24.90 |
ग्रामीण आबादी — ज़िले
| पैमाना | पहला | दूसरा | तीसरा |
|---|---|---|---|
| सबसे ज़्यादा (संख्या) | जयपुर (31.54 लाख) | अलवर (30.19 लाख) | नागौर (26.70 लाख) |
| सबसे कम (संख्या) | जैसलमेर (5.80 लाख) | कोटा (7.74 लाख) | प्रतापगढ़ (7.96 लाख) |
| सबसे ज़्यादा (प्रतिशत) | डूँगरपुर (93.6%) | बाड़मेर (93.0%) | बाँसवाड़ा (92.7%) |
शहरी आबादी — ज़िले
| पैमाना | पहला | दूसरा | तीसरा |
|---|---|---|---|
| सबसे ज़्यादा (संख्या) | जयपुर (34.71 लाख) | जोधपुर (12.64 लाख) | कोटा (11.76 लाख) |
| सबसे कम (संख्या) | प्रतापगढ़ (0.71 लाख) | डूँगरपुर (0.88 लाख) | जैसलमेर (0.89 लाख) |
| क्रम | शहरी % सबसे ज़्यादा | शहरी % सबसे कम |
|---|---|---|
| 1 | कोटा — 60.31% | डूँगरपुर — 6.39% |
| 2 | जयपुर — 52.40% | बाड़मेर — 7.00% |
| 3 | अजमेर — 40.08% | बाँसवाड़ा — 7.10% |
9. धर्म के आधार पर आबादी
| धर्म | सबसे ज़्यादा संख्या | सबसे ज़्यादा प्रतिशत |
|---|---|---|
| हिन्दू | जयपुर (58.20 लाख) | दौसा (96.81%), फिर डूँगरपुर (96.51%) |
| मुस्लिम | जयपुर (6.87 लाख) | जैसलमेर (25.1%) |
| ईसाई | बाँसवाड़ा (22,250) | बाँसवाड़ा (1.24%) |
10. जनघनत्व
जनघनत्व = एक वर्ग किलोमीटर में औसतन कितने लोग रहते हैं।
- भारत ➜ 382
- राजस्थान 2011 ➜ 200
- राजस्थान 2001 ➜ 165 (+35)
- 1901 के 30 से 2011 के 200 तक ➜ घनत्व 6 गुना से ज़्यादा हो गया।
- 2011 के आँकड़ों में स्थान 18वाँ था; 2014 में तेलंगाना बनने के बाद 19वाँ।
- देश में सबसे कम घनत्व अरुणाचल प्रदेश (17) और सबसे ज़्यादा बिहार (1106)।
| क्रम | सबसे अधिक | सबसे कम |
|---|---|---|
| 1 | जयपुर — 595 | जैसलमेर — 17 |
| 2 | भरतपुर — 503 | बीकानेर — 78 |
| 3 | दौसा — 476 | बाड़मेर — 92 |
पूर्वी ज़िलों में आबादी घनी है, जबकि पश्चिम के मरुस्थली ज़िलों में बहुत विरल।
- 100 से कम घनत्व ➜ 3 ज़िले
- 400 से ज़्यादा ➜ 4 ज़िले
- 500 से ज़्यादा ➜ 2 (जयपुर, भरतपुर)
| 2001 → 2011 में घनत्व की बढ़त | ज़िला |
|---|---|
| सबसे ज़्यादा | जयपुर +124 (471 → 595); दौसा +91 (385 → 476) |
| सबसे कम | जैसलमेर +4; बीकानेर +15; पाली +17 |
11. राज्य की वृद्धि दर
2001 से 2011
- 5,65,07,188 (2001)
- +1,20,41,249
- 6,85,48,437 (2011)
- दशकीय वृद्धि 2001–11 ➜ 21.31%
- पिछला दशक 1991–2001 ➜ 28.41%
- गिरावट ➜ 7.10 अंक
- राज्य की वृद्धि दर देश से 3.60 अंक ज़्यादा रही।
- वृद्धि दर में देश में राजस्थान 9वें स्थान पर (2011 की सूची में 8वाँ था; मणिपुर के संशोधित आँकड़े आने पर 9वाँ)।
- 1901 में राज्य की आबादी 1,02,94,090 थी — 2011 तक यह 6.66 गुना हो गई।
| दशक | क्या हुआ |
|---|---|
| 1911–21 | एकमात्र दशक जब आबादी घटी (−6.29%) — कारण महामारी, सूखा और अकाल; इसे “महान विभाजक दशक” कहते हैं |
| 1971–81 | सबसे तेज़ बढ़त — 32.97% |
12. ज़िलों में वृद्धि दर
| क्रम | सबसे अधिक | सबसे कम |
|---|---|---|
| 1 | बाड़मेर — 32.5% | गंगानगर — 10.0% |
| 2 | जैसलमेर — 31.8% | झुंझुनूँ — 11.7% |
| 3 | जोधपुर — 27.7% | पाली — 11.9% |
| पैमाना | सबसे ज़्यादा | सबसे कम |
|---|---|---|
| ग्रामीण दशकीय वृद्धि | जैसलमेर (34.5%) | कोटा (6.1%) |
| शहरी दशकीय वृद्धि | अलवर (50.5%) | डूँगरपुर (9.8%) |
| वार्षिक वृद्धि दर | बाड़मेर | गंगानगर |
- भरतपुर की वृद्धि दर 21.4% — राज्य की दर के लगभग बराबर।
- राजसमंद की वृद्धि दर 17.7% — देश की दर (17.7%) के बराबर।
- 25 ज़िलों की वृद्धि दर देश की दर से ऊपर और 16 ज़िलों की राज्य की दर से ऊपर रही।
रोचक तथ्य: जैसलमेर का “उलटा” रिकॉर्ड: वृद्धि दर में दूसरा सबसे ज़्यादा, फिर भी पिछले दशक की तुलना में गिरावट भी दूसरी सबसे बड़ी।
रिवीजन पॉइंटर्स
- 2011 की जनगणना देश की 15वीं और आज़ादी के बाद 7वीं थी।
- भारत की पहली जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के समय हुई; उसे नियमित 1881 में रिपन ने किया।
- राज्य की जनसंख्या 6,85,48,437 है — देश की आबादी का 5.67%, देश में 7वाँ स्थान।
- सबसे ज़्यादा आबादी जयपुर (66.26 लाख) की और सबसे कम जैसलमेर (6.70 लाख) की।
- 10 लाख से ज़्यादा आबादी वाले तीन शहर हैं — जयपुर (30.73 लाख), जोधपुर (10.33 लाख) और कोटा (10.01 लाख)।
- ग्रामीण आबादी 75.10% और शहरी 24.90%; शहरी प्रतिशत सबसे ज़्यादा कोटा (60.31%) में।
- जनघनत्व 200 है (2001 में 165); सबसे घना जयपुर (595) और सबसे विरल जैसलमेर (17)।
- दशकीय वृद्धि दर 21.31% रही, जो पिछले दशक की 28.41% से 7.10 अंक कम है।
- 1911–21 एकमात्र दशक है जब आबादी घटी (6.29% की कमी); सबसे तेज़ बढ़त 1971–81 में रही — 32.97%।
अगले भाग में अनुसूचित जाति व जनजाति की आबादी, लिंगानुपात, साक्षरता, कार्यशील जनसंख्या, जनसंख्या नीति और जीवन प्रत्याशा।
पिछला भाग: राजस्थान में परिवहन के साधन: रेल परिवहन (भाग 2) एवं वायु परिवहन
अगला भाग: राजस्थान की जनगणना-2011: अनुसूचित जाति व जनजाति एवं लिंगानुपात
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