सरकार को जवाबदेह रखने के लिए विधायक के पास सिर्फ़ प्रश्न नहीं, कई औज़ार हैं, और हर एक के साथ कोई संख्या या शर्त जुड़ी है — इसलिए इन्हें साथ-साथ याद करना ठीक रहता है। इस भाग में आधे घंटे की चर्चा, स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण और अविश्वास व विश्वास प्रस्ताव आते हैं। साथ में संकल्प, अध्यक्ष को हटाना, बजट की प्रक्रिया, कटौती प्रस्ताव, विशेषाधिकार, त्यागपत्र और राज्यपाल से संवाद के नियम हैं।
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1. आधे घंटे की चर्चा
किसी प्रश्न का हाल ही में मौखिक या लिखित उत्तर आया, पर उसमें कोई तथ्य अस्पष्ट रह गया — तब लोक महत्त्व के उस विषय पर आधे घंटे की चर्चा माँगी जा सकती है।
आधे घंटे की चर्चा कैसे होती है
- सचिव के पास 3 दिन पहले नोटिस
- कम से कम 2 अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर से समर्थन
- सूचना स्वीकार
2. स्थगन प्रस्ताव
- सूचना उसी दिन की बैठक शुरू होने से पहले तीन जगह दी जाती है — अध्यक्ष, सचिव और संबंधित मंत्री।
- हर बैठक में स्थगन प्रस्ताव केवल एक।
- इसके ज़रिए विशेषाधिकार का प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
ट्रिक: स्थगन = “एक बैठक में एक” और “दसवाँ हिस्सा”।
3. थोड़ी चर्चा व ध्यानाकर्षण
थोड़े समय के लिए चर्चा (अध्याय-14)
हफ़्ते में दो बैठकें इस काम के लिए रखने का अधिकार अध्यक्ष को है।
ध्यानाकर्षण (अध्याय-15) — ग्राह्यता की शर्तें
- विषय किसी हाल की घटना से जुड़ा हो।
- मामला गंभीर लोक महत्त्व का हो, जिसमें राज्य सरकार का तुरंत दख़ल ज़रूरी लगे।
- उसी सत्र में जिस विषय पर बहस हो चुकी, उसे दोबारा नहीं उठाया जाएगा।
… शेष 2 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
एक बैठक में सामान्यतः दो से अधिक ध्यानाकर्षण सूचनाएँ स्वीकार नहीं होतीं; एक से अधिक स्वीकार हों तो कौन पहले आएगी, यह अध्यक्ष तय करता है।
4. विधेयक, संकल्प व प्रस्ताव
| विषय | नियम/अनुच्छेद | समर्थन |
|---|---|---|
| अविश्वास प्रस्ताव | नियम 132(1) | कुल सदस्यों का 1/5 या 40 सदस्य |
| विश्वास प्रस्ताव | नियम 132(क) | सत्ता पक्ष लाता है |
| अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को हटाना | नियम 134, अनु. 179 | कुल सदस्यों का कम से कम 1/5 |
5. विधान व संकल्प
विधान (अध्याय-10)
- प्रमाणीकरण ➜ अध्यक्ष मौजूद न हो और मामला जल्दी का हो, तो विधेयक पर प्रमाण उसके बदले सचिव दे सकता है।
- राज्यपाल द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाया विधेयक सदन के सामने अध्यक्ष रखता है।
अध्याय-11 याचिकाओं (Petitions) से जुड़ा है — इनकी जाँच याचिका समिति करती है (समितियाँ शाखा देखें)।
संकल्प (अध्याय-12)
- गैर सरकारी सदस्य अपने लिए तय दिन संकल्प रखना चाहे, तो तय दिन से न्यूनतम 2 दिन पहले नोटिस और संकल्प का पाठ जमा करता है।
- किसी एक दिन के लिए एक सदस्य दो से ज़्यादा संकल्पों का नोटिस नहीं दे सकता।
6. लोकहित पर प्रस्ताव
प्रस्ताव ग्राह्य है या नहीं — यह अध्यक्ष तय करता है। ग्राह्य होने के लिए प्रस्ताव को ये शर्तें माननी होती हैं:
- विषय हाल में घटा हो, उसी तक सीमित रहे।
- विशेषाधिकार का प्रश्न न उठाए।
- केवल एक निश्चित प्रश्न उठाए।
… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें
हर वर्ष चर्चा वाले प्रतिवेदन
ये प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखे जाने के बाद कार्य सलाहकार समिति की सिफ़ारिश पर हर साल किसी सत्र में बहस के लिए आते हैं:
- राजस्थान लोक सेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन
- आयुक्त, अनुसूचित जाति और जनजाति का प्रतिवेदन
- लोकायुक्त और उप लोकायुक्त का प्रतिवेदन
ट्रिक: तीन प्रतिवेदन = “आयोग, आयुक्त, लोकायुक्त” — RPSC, SC/ST आयुक्त, लोकायुक्त।
7. अविश्वास प्रस्ताव
अविश्वास प्रस्ताव की राह
- बैठक से पहले सचिव को लिखित सूचना
- प्रश्नों के बाद, कार्यसूची शुरू होने से पहले अनुमति की माँग
- अध्यक्ष नियमानुकूल माने तो प्रस्ताव पढ़कर सुनाता है
- 1/5 सदस्य या 40 सदस्य समर्थन में खड़े हों तो अनुमति
- यह प्रस्ताव नियम 132(1) में है और पूरी मंत्रिपरिषद् के ख़िलाफ़ होता है (सामूहिक उत्तरदायित्व)।
- चर्चा का समय (2 घंटे) अध्यक्ष निश्चित करता है।
ध्यान दें: संख्या की जोड़ी — 1/5 या 40। अध्यक्ष को हटाने के संकल्प में भी 1/5 समर्थन चाहिए, पर वहाँ “40” का विकल्प नहीं।
8. विश्वास प्रस्ताव
- नियम 132(क) को नियमावली में 9वीं राजस्थान विधानसभा के कार्यकाल में शामिल किया गया।
- इसे सत्ता पक्ष लाता है — सरकार इससे अपना बहुमत साबित करती है।
- प्रस्ताव पारित न हो तो सरकार गिर जाती है।
पदत्याग करने वाले मंत्री का वक्तव्य
- इस्तीफ़ा देने वाले मंत्री का बयान प्रश्नकाल ख़त्म होने पर, दिन की कार्यसूची से पहले होता है।
- उस वक्तव्य पर बहस नहीं होती; हाँ, उसके बाद कोई मंत्री उससे जुड़ा वक्तव्य दे सकता है।
| अविश्वास | विश्वास | |
|---|---|---|
| नियम | 132(1) | 132(क) |
| कौन लाता | विपक्ष (कोई सदस्य) | सत्ता पक्ष |
| सरकार कब गिरे | प्रस्ताव पारित हो | प्रस्ताव पारित न हो |
9. अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को हटाना
- संविधान में हटाने की व्यवस्था अनुच्छेद 179 में है; सदन में उसकी प्रक्रिया नियम 134 बताता है।
- संकल्प रखना चाहने वाला सदस्य उसकी लिखित सूचना सचिव को देता है।
- सदन संकल्प लेने की अनुमति तभी देता है जब कुल सदस्य संख्या के कम से कम 1/5 उसके समर्थन में हों।
10. बजट, विशेषाधिकार व सदस्य
- बजट रखने का दिन ➜ राज्यपाल तय करे
- अनुदान माँग ➜ राज्यपाल की सिफ़ारिश ज़रूरी
- कटौती प्रस्ताव ➜ 3 प्रकार · 2 दिन पहले सूचना
11. बजट की प्रक्रिया
- आय-व्ययक (बजट) — हर वित्तीय वर्ष के लिए राज्य की अनुमानित आय और व्यय का वार्षिक विवरण। इसे सदन में किस दिन रखा जाए, यह राज्यपाल बताता है।
- जिस दिन बजट रखा जाता है, उस दिन उस पर कोई चर्चा नहीं होती।
- अनुदान माँग ➜ राज्यपाल की सिफ़ारिश के बिना किसी भी अनुदान की माँग नहीं रखी जा सकती।
बजट का सफ़र
- आय-व्ययक सदन में (राज्यपाल द्वारा तय दिन)
- सामान्य चर्चा
- अनुदान माँगें + कटौती प्रस्ताव
12. कटौती प्रस्ताव
अनुदान माँगों पर बहस के दौरान माँगी गई राशि घटाने के लिए जो प्रस्ताव रखे जाते हैं, उन्हें कटौती प्रस्ताव (Cut Motion) कहते हैं।
| प्रकार | मतलब (सामान्य समझ) |
|---|---|
| सांकेतिक कटौती | किसी ख़ास शिकायत की ओर ध्यान खींचने के लिए छोटी-सी (प्रतीकात्मक) कटौती |
| मितव्ययिता कटौती | ख़र्च में बचत के लिए तय राशि घटाना |
| नीति अनुमोदन कटौती | माँग के पीछे की नीति से असहमति जताना |
ग्राह्यता की शर्तें
- प्रस्ताव का संबंध केवल एक माँग से हो।
- संचित निधि पर भारित ख़र्च (जिस पर मत नहीं होता) को न छुए।
- उसमें मौजूदा क़ानूनों में संशोधन या निरसन के सुझाव न हों।
13. विशेषाधिकार व अधीनस्थ विधान
- कोई भी सदस्य अध्यक्ष की सहमति से ऐसा प्रश्न उठा सकता है जिसमें सदस्य, सदन अथवा सदन की समिति के विशेषाधिकार टूटने की बात हो।
- इसका लिखित नोटिस उसी दिन बैठक शुरू होने के पहले सचिव के पास पहुँचना चाहिए।
- सदन के परिसर (प्रसीमा) में अध्यक्ष की अनुमति के बिना किसी की गिरफ़्तारी नहीं हो सकती।
अध्याय-20 (अधीनस्थ विधान) — सरकार द्वारा बनाए नियम-विनियमों की जाँच का विषय; इसका काम अधीनस्थ विधान संबंधी समिति करती है।
14. त्यागपत्र व अनुपस्थिति
त्यागपत्र से रिक्ति तक
- सदस्य अध्यक्ष के नाम अपने हस्ताक्षर वाला पत्र देता है
- अध्यक्ष त्यागपत्र स्वीकार करता है
- अध्यक्ष जल्द से जल्द सदन को बताता है
अनुपस्थिति की अनुमति (अध्याय-22)
बैठकों से छुट्टी की अर्ज़ी एक बार में 60 दिन से अधिक के लिए नहीं दी जा सकती।
15. राज्यपाल से संवाद व सामान्य नियम
- राज्यपाल सदन से अपने हस्ताक्षर वाले लिखित संदेश के ज़रिए अध्यक्ष को संवाद करता है।
- राज्यपाल बैठक में मौजूद न हो, तो उसका संदेश किसी मंत्री के हाथ अध्यक्ष तक भेजा जाता है।
- अध्याय-25 ➜ इन नियमों में माँगी गई हर सूचना सचिव को संबोधित करके लिखित रूप में दी जाती है।
रिवीजन पॉइंटर्स
- आधे घंटे की चर्चा के लिए सचिव को 3 दिन पहले नोटिस और कम से कम 2 अन्य सदस्यों का समर्थन चाहिए।
- स्थगन प्रस्ताव हर बैठक में केवल एक आ सकता है; सूचना अध्यक्ष, सचिव और संबंधित मंत्री को दी जाती है।
- अविश्वास प्रस्ताव नियम 132(1) में है; इसके लिए कुल सदस्यों का 1/5 या 40 सदस्य समर्थन में चाहिए।
- विश्वास प्रस्ताव नियम 132(क) में है और सत्ता पक्ष लाता है; पारित न हो तो सरकार गिर जाती है।
- अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया नियम 134 और अनु. 179 में है; समर्थन कुल सदस्यों के कम से कम 1/5 का चाहिए।
- बजट रखने का दिन राज्यपाल बताता है, और उस दिन बजट पर चर्चा नहीं होती।
- अनुदान की माँग राज्यपाल की सिफ़ारिश के बिना नहीं रखी जा सकती; कटौती प्रस्ताव तीन तरह के हैं — सांकेतिक, मितव्ययिता और नीति अनुमोदन।
- बैठकों से छुट्टी की अर्ज़ी एक बार में 60 दिन से अधिक के लिए नहीं दी जा सकती।
- हर वर्ष बहस के लिए तीन प्रतिवेदन आते हैं — RPSC, SC/ST आयुक्त और लोकायुक्त-उप लोकायुक्त।
अगले भाग में विधानसभा की समितियाँ — उनके प्रकार, गठन, सदस्य और संचालन के नियम।
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