राज्य सचिवालय एवं मुख्य सचिव: मुख्य सचिव के कार्य एवं राज्य सचिवालय – Rajasthan Polity Chapter 11

मुख्य सचिव के पद का इतिहास व कार्य, राज्य सचिवालय की बनावट, मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिवों की सूची।

12 min read Updated Notes in Hindi
In this chapter (28 sections)
  1. एक नज़र में
  2. मुख्य सचिव
  3. पद का इतिहास
  4. हैसियत व उपनाम
  5. चयन, कार्यकाल, हटाना
  6. मुख्य सचिव के कार्य
  7. मुख्यमंत्री का सलाहकार
  8. मंत्रिपरिषद् का सचिव
  9. प्रमुख समन्वयक
  10. लोक सेवा व विभागों का प्रमुख
  11. संकटकालीन प्रशासक
  12. अन्य कार्य
  13. मुख्य सचिव बनाम कैबिनेट सचिव
  14. राज्य सचिवालय
  15. परिचय और शुरुआत
  16. सचिवालय की संरचना
  17. संगठन और कार्य
  18. सचिवालय बनाम निदेशालय
  19. सुधार आयोग व समितियाँ
  20. मुख्यमंत्री कार्यालय
  21. स्थापना और ढाँचा
  22. CMO के काम
  23. राजस्थान के मुख्य सचिव
  24. पहले और अकेले
  25. रिकॉर्ड और दोहरी भूमिकाएँ
  26. सूची: 1949–1993
  27. सूची: 1993–2024
  28. रिवीजन पॉइंटर्स

राज्य प्रशासन को दो चेहरों से समझें — मुख्यमंत्री दिशा तय करता है और मुख्य सचिव उसे ज़मीन पर उतरवाता है। इस भाग में मुख्य सचिव का पद, इतिहास, चयन-कार्यकाल और उसके सातों कार्य हैं। फिर राज्य सचिवालय की संरचना, सचिवालय व निदेशालय का फ़र्क़ और सुधार समितियाँ आती हैं। अंत में मुख्यमंत्री कार्यालय और राजस्थान के मुख्य सचिवों के रिकॉर्ड व पूरी सूची दी गई है।

इस विषय का इंटरैक्टिव माइंड मैप — राज्य सचिवालय एवं मुख्य सचिव, 3 चॉक-बोर्ड चित्र, 27 फ्लैशकार्ड और 12 अभ्यास-प्रश्न के साथ। यहाँ हर खंड के चुने हुए बिंदु हैं; पूरी तालिकाएँ, शेष तथ्य और रटने की ट्रिक माइंड मैप में हैं।
माइंड मैप खोलें ➜

1. एक नज़र में

राज्य की नीतियाँ जिस दफ़्तर में बनती हैं, उसे राज्य सचिवालय कहते हैं। इसके दो सिरे हैं — राजनैतिक मुखिया मुख्यमंत्री और प्रशासनिक मुखिया मुख्य सचिव। मुख्यमंत्री तय करता है “क्या करना है”, मुख्य सचिव देखता है कि वह “कैसे होगा”।

  • सचिवालय की स्थापना ➜ अप्रैल 1949 · जयपुर
  • प्रथम मुख्य सचिव ➜ के. राधाकृष्णन (13.04.1949)
  • प्रशासनिक प्रमुख ➜ मुख्य सचिव

… शेष 3 बिंदु — पूरी सूची माइंड मैप में देखें

ट्रिक: जोड़ी याद रखें — केन्द्र में कैबिनेट सचिव जो काम करता है, राज्य में वही मुख्य सचिव करता है; केन्द्र में विभागों को मंत्रालय कहते हैं, राज्य सचिवालय में प्रशासनिक विभाग।

2. मुख्य सचिव

राज्य के प्रशासन में सबसे ऊँची कुर्सी मुख्य सचिव की है — वह सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी है। सचिवालय के सारे विभाग उसकी निगरानी में चलते हैं, जबकि उसके ऊपर राजनैतिक बॉस मुख्यमंत्री होता है।

  • पद बना ➜ 1799 · लॉर्ड वेलेजली
  • मानकीकरण ➜ 1973 · प्रशासनिक सुधार आयोग
  • नियुक्ति ➜ मुख्यमंत्री द्वारा

3. पद का इतिहास

काल / क्रमघटनाविवरण
1799पद की शुरुआतगवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेजली ने यह पद बनाया; ब्रिटिश भारत के पहले मुख्य सचिव जी.एच. बार्लो (जॉर्ज हिलेरी बार्लो) बने।
13 अप्रैल 1949राजस्थान का पहला मुख्य सचिवके. राधाकृष्णन — इन्हें केन्द्र सरकार ने नियुक्त किया था।
नवम्बर 1956राज्यों की श्रेणियाँ खत्मसंविधान संशोधन से A, B, C, D श्रेणियाँ हटीं; इसके बाद मुख्य सचिव को राज्य सरकार ख़ुद चुनने लगी।

… शेष 2 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

नियुक्ति किसके हाथ में?

  1. 1949–56: केन्द्र सरकार
  2. नवम्बर 1956: श्रेणियाँ समाप्त
  3. 1958 से: राज्य सरकार

याद रखें: 1799 = वेलेजली ने पद बनाया · 1973 = पद का मानकीकरण। दोनों तारीखें आमने-सामने के विकल्पों में आती हैं।

4. हैसियत व उपनाम

उपनाम / पहचानअर्थ
किंग पिन (धुरी)विद्वान एस.आर. माहेश्वरी का दिया नाम — नीति बनाने, नियंत्रण, समन्वय और प्रशासनिक नेतृत्व, चारों में सबसे अहम भूमिका।
अवशिष्ट वसीयतदारजो काम किसी भी सचिव को बाँटा नहीं गया, वह अपने-आप मुख्य सचिव के ज़िम्मे आता है।
मुख्यमंत्री के सपनों का शिल्पीमुख्यमंत्री की घोषणाओं और सोच को ज़मीन पर उतारने वाला।

… शेष 3 पंक्तियाँ — पूरी तालिका माइंड मैप में देखें

  • उसका राजनैतिक प्रमुख मुख्यमंत्री है — मुख्य सचिव जवाब मुख्यमंत्री को देता है।
  • उसके काम और अधिकार सरकारी कार्य नियमावली (रूल्स ऑफ बिज़नेस) में लिखे हैं।

ट्रिक: “अवशिष्ट” = बचा हुआ। जो काम किसी के खाते में नहीं, वह “वसीयत” की तरह मुख्य सचिव को मिलता है — इसलिए अवशिष्ट वसीयतदार।

5. चयन, कार्यकाल, हटाना

मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री चुनता है। इसके लिए कोई लिखित परीक्षा या तय सूत्र नहीं, बल्कि ये बातें देखी जाती हैं —

  • IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) का वरिष्ठ अधिकारी हो
  • प्रशासनिक पदों पर काम का अच्छा अनुभव हो
  • मुख्यमंत्री का भरोसेमंद (विश्वासपात्र) अधिकारी हो

ध्यान दें: वरिष्ठता हमेशा अंतिम कसौटी नहीं — IAS वरीयता क्रम को सबसे पहले मीठालाल मेहता की नियुक्ति में लाँघा गया।

  • कार्यकाल ➜ तय नहीं — मुख्यमंत्री की इच्छा तक
  • आम तौर पर ➜ 60 वर्ष की आयु तक
  • हटाता कौन ➜ मुख्यमंत्री

6. मुख्य सचिव के कार्य

मुख्य सचिव के काम को सात हिस्सों में बाँटकर पढ़ें — हर हिस्सा एक “टोपी” है जो वह अलग-अलग मौक़ों पर पहनता है।

  1. मुख्यमंत्री का सलाहकार
  2. मंत्रिपरिषद् का सचिव
  3. प्रशासन का प्रमुख समन्वयक
  4. राज्य लोक सेवा का प्रधान

7. मुख्यमंत्री का सलाहकार

  • राज्य का सबसे बड़ा अफ़सर होने से वह मुख्यमंत्री का मुख्य परामर्शदाता है।
  • मुख्यमंत्री और राज्य के बाक़ी सचिवों के बीच कड़ी का काम करता है।
  • मंत्री जो प्रस्ताव भेजते हैं, उनमें आने वाली प्रशासनिक अड़चनें मुख्यमंत्री को बताता है।

प्रस्ताव का रास्ता

  1. मंत्री का प्रस्ताव
  2. मुख्य सचिव की जाँच
  3. अड़चनों की जानकारी

8. मंत्रिपरिषद् का सचिव

  • वह राज्य मंत्रिपरिषद् का पदेन सचिव है और मंत्रिमण्डल सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुख भी।
  • मंत्रिमण्डल का सदस्य न होने पर भी उसकी बैठकों में बैठता है।
  • कैबिनेट और उसकी उप-समितियों की बैठकों में भी शामिल रहता है।

एक कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव

  1. कार्यसूची तैयार
  2. बैठक में उपस्थिति
  3. कार्यवाही दर्ज

9. प्रमुख समन्वयक

  • विभागों के आपसी विवाद सुलझाने वाली समन्वय समिति का अध्यक्ष वही है।
  • सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करके पूरे प्रशासन पर नियंत्रण और तालमेल रखता है।
  • सचिवालय से नीचे के स्तर ➜ संभागीय आयुक्त, ज़िला कलेक्टर और ज़िला विभागाध्यक्षों — की बैठकें भी वही लेता है।

10. लोक सेवा व विभागों का प्रमुख

लोक सेवा का प्रधान

  • राज्य लोक सेवा का मुखिया — वरिष्ठ अफ़सरों की नियुक्ति, तबादले और पदोन्नति से जुड़े मामले उसके पास।
  • राज्य सरकार के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका भी निभाता है।

कुछ विभागों का प्रमुख

  • कुछ विभागों का प्रशासनिक प्रमुख वह ख़ुद होता है।
  • ज़्यादातर राज्यों में ये चार विभाग आम तौर पर उसी के प्रभार में रहते हैं —

11. संकटकालीन प्रशासक

  • बाढ़, सूखा, सांप्रदायिक दंगे और दूसरी आपदाओं में राहत व नियंत्रण की कमान उसके हाथ में रहती है।
  • संकट में ऊँचे स्तर के फ़ैसलों के लिए बनी समितियों का वह आम तौर पर अध्यक्ष या सदस्य होता है।

12. अन्य कार्य

भूमिकाक्या करता है
सरकार का प्रवक्ताराज्य सरकार की बात सामने रखता है।
राष्ट्रपति शासन मेंकेन्द्र की ओर से राज्यपाल का सलाहकार बनता है।
बचे हुए कामजो काम दूसरे किसी सचिव के दायरे में नहीं, वे सब देखता है।
संपर्क-सूत्रअपनी सरकार, केन्द्र सरकार और दूसरे राज्यों के बीच बातचीत का मुख्य माध्यम।

13. मुख्य सचिव बनाम कैबिनेट सचिव

दोनों में समानता

  • दोनों अपने-अपने मुख्य कार्यपालक (मुख्यमंत्री / प्रधानमंत्री) के प्रमुख सलाहकार।
  • दोनों अपने मंत्रिमण्डल के सचिव।
  • दोनों अपने प्रशासन के मुख्य समन्वयक।

दोनों में अंतर

मुख्य सचिव (राज्य)कैबिनेट सचिव (केन्द्र)
काम और अधिकार ज़्यादाकाम और अधिकार कम
राज्य सचिवालय का प्रशासनिक प्रमुखपूरे केन्द्रीय सचिवालय का मुखिया वह नहीं
राज्य के सचिवों का प्रधानभारत सरकार के सचिव उसके अधीन नहीं

14. राज्य सचिवालय

“सचिवालय” शब्द ही बताता है — सचिवों का आलय (घर)। यहीं राज्य के सारे विभागों के मंत्री और अफ़सर मिलकर नीतियाँ और कानून तय करते हैं। इसीलिए इसे राज्य की सत्ता का हृदय कहा जाता है।

  • स्थापना ➜ अप्रैल 1949
  • जगह ➜ भगवंत दास बैरेक्स, सी-स्कीम, जयपुर
  • प्रशासनिक प्रमुख ➜ मुख्य सचिव

15. परिचय और शुरुआत

काल / क्रमघटनाविवरण
ब्रिटिश कालइम्पीरियल सेक्रेटेरिएटसचिवालय की शुरुआत इसी नाम से हुई — आज का केन्द्रीय सचिवालय।
1843प्रांतीय सचिवालयप्रांतों के स्तर पर सचिवालय अस्तित्व में आया।
1949द राजस्थान एडमिनिस्ट्रेशन ऑर्डिनेंस–1949राजप्रमुख ने यह अध्यादेश जारी किया, ताकि जयपुर में शासन सचिवालय बन सके।
  • हर राज्य का अपना एक सचिवालय होता है, जहाँ राज्य की नीति बनती है।
  • राज्य सचिवालय के विभाग प्रशासनिक विभाग कहलाते हैं, जबकि केन्द्र में इन्हें मंत्रालय कहते हैं।
  • सचिवालय में कौन-कौन से और कितने विभाग होंगे, यह राज्य का मंत्रिमण्डल तय करता है।

16. सचिवालय की संरचना

स्तरप्रशासनिक पदराजनैतिक पद
1मुख्य सचिवमुख्यमंत्री
2अतिरिक्त मुख्य सचिवकैबिनेट मंत्री
3प्रमुख शासन सचिवराज्य मंत्री
4सचिवउपमंत्री

किस स्तर पर कौन-सा काम

  • शासन सचिव ➜ नीति निर्माण
  • प्रयोजना अधिकारी ➜ कार्यक्रम का क्रियान्वयन
  • अनुभाग अधिकारी ➜ पूरा पर्यवेक्षण व रोज़ का (नैत्यक) लिपिकीय काम

17. संगठन और कार्य

संवैधानिक आधार

अनुच्छेद 154(1) — राज्य की पूरी कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल के पास है, जिसे वह अपने अधीन अफ़सरों के ज़रिए इस्तेमाल करता है। असल में यह शक्ति मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद् और सचिवालय व दूसरे दफ़्तरों के अफ़सर चलाते हैं।

  • राज्य सरकार के सभी विभागों के सबसे ऊपरी स्तर को मिलाकर जो इकाई बनती है, वही सचिवालय है।
  • सचिवालय स्तर पर मंत्री और सचिव के निर्देशन में काम करने वाले विभाग = प्रशासनिक विभाग।
  • अमल के स्तर पर काम करने वाले निदेशालय = कार्यकारी विभाग।

सचिवालय के प्रमुख काम

  1. सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों का ख़ाका तैयार करना
  2. उन नीतियों-कार्यक्रमों के नतीजों की समीक्षा
  3. सरकारी सूचनाओं का भंडार रखना
  4. राज्य के विस्तार के लिए योजना और कार्यक्रम बनाने में मदद

18. सचिवालय बनाम निदेशालय

आधारसचिवालयनिदेशालय
दर्जाशीर्ष प्रशासनिक संस्थाअधीनस्थ प्रशासनिक संस्था
अधिकारीसचिवनिदेशक
मंत्री से संबंधप्रत्यक्षअप्रत्यक्ष

19. सुधार आयोग व समितियाँ

प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966–70) — केन्द्र

  • अध्यक्ष (पहले) ➜ मोरारजी देसाई
  • अध्यक्ष (बाद में) ➜ के. हनुमन्तैया
  • सिफ़ारिश: राज्य सरकार में विभाग 13 से ज़्यादा न हों।
  • सिफ़ारिश: कार्मिक विभाग मुख्य सचिव के अधीन बनाया जाए।

राजस्थान की समितियाँ

वर्षसमितिअध्यक्ष / टिप्पणी
1960सचिवालय पुनर्गठन समिति—
1963राजस्थान की प्रथम प्रशासनिक सुधार समितिहरिश्चन्द्र माथुर
1969–70राजस्थान सचिवालय पुनर्गठन समितिमोहन मुखर्जी — उद्देश्य: सचिवालय का पुनर्गठन

20. मुख्यमंत्री कार्यालय

मुख्यमंत्री को रोज़ के प्रशासनिक और सचिवीय काम में मदद देने के लिए उसका अलग दफ़्तर होता है — मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), जिसे मुख्यमंत्री सचिवालय भी कहते हैं।

21. स्थापना और ढाँचा

काल / क्रमघटनाविवरण
1951स्थापनाराजस्थान में मुख्यमंत्री कार्यालय बना।
1998 तकएक सचिवकार्यालय में केवल एक ही सचिव होता था।
दिसम्बर 1998विस्तारदो सचिव — प्रथम सचिव और द्वितीय सचिव।
  • इस दफ़्तर की कमान एक सचिव के हाथ में रहती है, जिसे मुख्यमंत्री का सचिव कहते हैं।
  • मुख्यमंत्री के नीचे पाँच पद: सचिव प्रथम, सचिव द्वितीय, प्रमुख निजी सचिव, प्रेस सलाहकार, पुलिस अधीक्षक (सतर्कता)।

22. CMO के काम

  • मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लागू करवाना
  • मुख्यमंत्री सहायता कोष का प्रबंधन
  • मुख्यमंत्री तक प्रशासन की सूचनाएँ, तथ्य और जानकारी पहुँचाना
  • केन्द्र सरकार और दूसरे राज्यों से पत्र-व्यवहार

23. राजस्थान के मुख्य सचिव

  • पहले (केन्द्र द्वारा) ➜ के. राधाकृष्णन
  • पहले (राज्य द्वारा) ➜ भगवत सिंह मेहता
  • पहली महिला ➜ कुशल सिंह

24. पहले और अकेले

पहचाननाम
केन्द्र द्वारा नियुक्त पहले मुख्य सचिवके. राधाकृष्णन (13.04.1949)
राज्य सरकार द्वारा नियुक्त पहले मुख्य सचिवभगवत सिंह मेहता (1958)
राजस्थानी मूल के पहले मुख्य सचिवभगवत सिंह मेहता
पहली महिला मुख्य सचिवकुशल सिंह (2009)

25. रिकॉर्ड और दोहरी भूमिकाएँ

कार्यकाल के रिकॉर्ड

  • सबसे लंबा कार्यकाल ➜ भगवत सिंह मेहता (1958–64 और 1965–66, दो बार)।
  • सबसे छोटा ➜ एच.एम. माथुर (6 दिन: 28.01.1994 से 02.02.1994); उसके बाद आर.डी. थापर (50 दिन, 1977)।
  • वी.बी.एल. माथुर (विपिन बिहारी लाल माथुर) — तीन मुख्यमंत्रियों के साथ सबसे ज़्यादा चार कार्यकाल में रहे।

वी.बी.एल. माथुर के चार दौर

  1. हरिदेव जोशी
  2. शिवचरण माथुर
  3. फिर हरिदेव जोशी

मुख्य सचिव जो बाद में दूसरे पद पर भी रहे

नामदूसरा पद
के.पी.यू. मेननउपलोकायुक्त
टी. श्रीनिवासनमुख्य सूचना आयुक्त
सांवलदान उज्ज्वलRPSC के सदस्य

26. सूची: 1949–1993

क्र.मुख्य सचिवकार्यकालमुख्यमंत्री
1के. राधाकृष्णन13.04.1949 – 02.05.1950हीरालाल शास्त्री
2वी. नारायण02.05.1950 – 01.09.1950हीरालाल शास्त्री
3के. राधाकृष्णन01.09.1950 – 31.01.1951हीरालाल शास्त्री
4एस.डब्ल्यू. शिवेश्वरकर08.02.1951 – 16.02.1953सी.एस. वेंकटाचार, जयनारायण व्यास, टीकाराम पालीवाल

27. सूची: 1993–2024

क्र.मुख्य सचिवकार्यकालमुख्यमंत्री
24गोविन्द जी मिश्रा30.08.1993 – 28.01.1994भैरोंसिंह शेखावत
25एच.एम. माथुर28.01.1994 – 02.02.1994भैरोंसिंह शेखावत
26मीठालाल मेहता02.02.1994 – 31.12.1997भैरोंसिंह शेखावत
27अरुण कुमार31.12.1997 – 31.12.1999भैरोंसिंह शेखावत, अशोक गहलोत

रिवीजन पॉइंटर्स

  1. राज्य सचिवालय की स्थापना अप्रैल 1949 में जयपुर में हुई; इसका प्रशासनिक प्रमुख मुख्य सचिव है।
  2. मुख्य सचिव का पद 1799 में लॉर्ड वेलेजली ने बनाया और 1973 में प्रशासनिक सुधार आयोग ने इसका मानकीकरण किया।
  3. राजस्थान के पहले मुख्य सचिव के. राधाकृष्णन (13.04.1949) थे; 1958 से नियुक्ति राज्य सरकार करती है, पहले राज्य-नियुक्त भगवत सिंह मेहता।
  4. मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री चुनता और हटाता है; कार्यकाल तय नहीं, आम तौर पर 60 वर्ष की आयु तक।
  5. उपनाम — «किंग पिन» (एस.आर. माहेश्वरी का दिया) और «अवशिष्ट वसीयतदार»।
  6. वह मंत्रिपरिषद् का पदेन सचिव और विभागों के विवाद सुलझाने वाली समन्वय समिति का अध्यक्ष है।
  7. सचिवालय के विभाग प्रशासनिक विभाग कहलाते हैं (केन्द्र में मंत्रालय); सचिवालय शीर्ष संस्था है और निदेशालय अधीनस्थ।
  8. मुख्यमंत्री कार्यालय 1951 में बना; दिसम्बर 1998 में दो सचिव — प्रथम और द्वितीय — हो गए।
  9. पहली महिला मुख्य सचिव कुशल सिंह (2009); सबसे छोटा कार्यकाल एच.एम. माथुर का (6 दिन)।

अगले भाग में प्रशासन की इकाइयाँ — संभाग और संभागीय आयुक्त, फिर जिला व जिला कलेक्टर और जिले के नीचे राजस्व व ग्राम प्रशासन।

पिछला भाग: राजस्थान विधानसभा की प्रक्रिया एवं नियम: विधानसभा की समितियाँ

अगला भाग: संभागीय व्यवस्था एवं उपखण्ड से गाँव तक

इन्हें भी पढ़ें: मुख्यमंत्री एवं राज्य मंत्रिपरिषद् · संभाग व जिला प्रशासन

पूरी श्रृंखला: राजस्थान की राजव्यवस्था — सभी अध्याय · राजस्थान जी.के. नोट्स — सभी विषय

इस अध्याय की पूरी तैयारी चाहिए? ऊपर दिए नोट्स हर खंड का चुना हुआ हिस्सा हैं। पूरी तालिकाएँ, बाक़ी बिंदु, याद रखने की ट्रिक, नक्शे-चित्र और अभ्यास-प्रश्न राज्य सचिवालय एवं मुख्य सचिव के माइंड मैप में हैं। राजस्थान जी.के. के सभी विषय एक ही पास में उपलब्ध हैं।
इस विषय का माइंड मैप ➜Complete Rajasthan GK पास देखें

Useful for these exams