राजस्थान वन आँकड़े एवं ISFR 2023 रिपोर्ट – Rajasthan Geography Chapter 18
वन अध्याय में सबसे ज़्यादा प्रश्न आँकड़ों से बनते हैं। दो स्रोत अलग-अलग हैं — राजस्थान वन विभाग का प्रशासनिक प्रतिवेदन और भारत सरकार की ISFR रिपोर्ट। दोनों के आँकड़े अलग हैं, इसलिए प्रश्न में यह देखना ज़रूरी है कि किस रिपोर्ट के अनुसार पूछा गया है। यहाँ दोनों को अलग-अलग रखकर दिया गया है।
1. वन विभाग के अनुसार आँकड़े
31 मार्च 2024 तक की स्थिति के अनुसार राजस्थान के कुल क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी में से प्रदेश का अभिलेखित वन क्षेत्र 33,014 वर्ग किमी है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.64% भाग है [परीक्षा: Junior Instructor (Workshop) 2024 — प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार 9.6 प्रतिशत]
भारत के कुल वनों का 3.10% भाग राजस्थान में है
राष्ट्रीय वन औसत ➜ 0.13 हैक्टेयर प्रति व्यक्ति
राजस्थान का प्रति व्यक्ति वनावरण एवं वृक्षावरण औसत ➜ 0.037 हैक्टेयर
अभिलेखित वन क्षेत्र की दृष्टि से राजस्थान का स्थान ➜ 15वाँ
अभिलेखित वन के अन्तर्गत वनावरण ➜ 12560 वर्ग किमी
अभिलेखित वन के बाहर वनावरण ➜ 4095 वर्ग किमी
सर्वाधिक वन संकेन्द्रित क्षेत्र ➜ दक्षिणी व दक्षिणी पूर्वी भाग
नोट: प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 में 33 जिलों के अनुसार ही वन सम्बन्धी आँकड़े दिए गए हैं।
न्यूनतम वन प्रतिशत ➜ चूरू (0.57%), जोधपुर (1.08%), नागौर (1.36%), जैसलमेर (1.58%), बाड़मेर (2.20%)
उपरोक्त समस्त आँकड़े प्रशासनिक प्रतिवेदन रिपोर्ट 2023-24, राजस्थान वन विभाग पृष्ठ 98 के अनुसार हैं।
2. ISFR 2023 — रिपोर्ट का परिचय
पूरा नाम ➜ भारत वन स्थिति रिपोर्ट (India State of Forest Report)
जारीकर्ता ➜ भारत सरकार का पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
अंतराल ➜ प्रति 2 वर्ष बाद प्रकाशित
तैयार करने वाली संस्था ➜ भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून (Forest Survey of India — FSI)
यह 18वीं ISFR रिपोर्ट है; 21 दिसम्बर को केंद्रीय मंत्री द्वारा जारी की गई
देश में वनों की स्थिति पर रिपोर्ट का चलन वर्ष 1987 से प्रारम्भ हुआ था
नोट ➜ ISFR 2023 में राजस्थान के 33 जिलों के अनुसार आँकड़े जारी किए गए हैं
3. वनावरण एवं वृक्षावरण
कुल वनावरण (Forest Cover) ➜ 16548.21 वर्ग किमी, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 4.84% है
वर्ष 2021 (16654.96 वर्ग किमी) की तुलना में वनावरण में 83.80 वर्ग किमी की कमी हुई है
कुल वृक्षावरण (Tree Cover) ➜ 10841.12 वर्ग किमी (स्रोत — आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट 2024-25)
कुल वनावरण एवं वृक्षावरण ➜ 27389.33 वर्ग किमी, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 8% है
ISFR 2023 के अनुसार राजस्थान के 12 जिलों के वनावरण में वृद्धि तथा 21 जिलों में कमी दर्ज की गई है
सर्वाधिक वनावरण वाले जिले
क्षेत्रफल
सर्वाधिक वनावरण प्रतिशत वाले जिले
प्रतिशत
उदयपुर
2766.30 वर्ग किमी
उदयपुर
23.60%
अलवर
1198.74 वर्ग किमी
प्रतापगढ़
22.48%
प्रतापगढ़
996.86 वर्ग किमी
सिरोही
17.50%
चित्तौड़गढ़
988.08 वर्ग किमी
करौली
15.18%
बारां
975.13 वर्ग किमी
अलवर
14.30%
न्यूनतम वनावरण वाले जिले
क्षेत्रफल
न्यूनतम वनावरण प्रतिशत वाले जिले
प्रतिशत
चूरू
62.73 वर्ग किमी
चूरू
0.45%
हनुमानगढ़
92.29 वर्ग किमी
जोधपुर
0.49%
जोधपुर
111.23 वर्ग किमी
बीकानेर
0.86%
श्रीगंगानगर
113.46 वर्ग किमी
जैसलमेर
0.89%
दौसा
121.80 वर्ग किमी
हनुमानगढ़
0.95%
—
—
नागौर
0.96%
नोट: इन 6 जिलों में कुल भौगोलिक क्षेत्र के 1% से भी कम वनावरण है।
वृद्धि और कमी (2021 की तुलना में)
सर्वाधिक वृद्धि
क्षेत्रफल
सर्वाधिक कमी
क्षेत्रफल
सीकर
19.14 वर्ग किमी
बारां
−33.29 वर्ग किमी
बाड़मेर
19.00 वर्ग किमी
प्रतापगढ़
−30.79 वर्ग किमी
अलवर
16.39 वर्ग किमी
अजमेर
−18.34 वर्ग किमी
उदयपुर
12.46 वर्ग किमी
बीकानेर
−14.85 वर्ग किमी
जैसलमेर
11.46 वर्ग किमी
चूरू
−11.74 वर्ग किमी
4. झाड़ी क्षेत्र
ISFR 2023 के अनुसार राजस्थान में झाड़ी क्षेत्र 5476.75 वर्ग किमी है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 1.60% है
ISFR 2021 में यह 4808.51 वर्ग किमी था; इस प्रकार 668.24 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है
सर्वाधिक झाड़ी वाले जिले
क्षेत्रफल
न्यूनतम झाड़ी वाले जिले
क्षेत्रफल
पाली
453.45 वर्ग किमी
हनुमानगढ़
8.92 वर्ग किमी
अलवर
320.99 वर्ग किमी
श्रीगंगानगर
16.38 वर्ग किमी
जयपुर
318.60 वर्ग किमी
चूरू
36.36 वर्ग किमी
अजमेर
276.83 वर्ग किमी
बीकानेर
50.17 वर्ग किमी
करौली
269.28 वर्ग किमी
बाँसवाड़ा
58.28 वर्ग किमी
5. घनत्व के आधार पर वर्गीकरण
प्रकार
क्षेत्रफल
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का
अत्यधिक सघन वन (VDF)
223.20 वर्ग किमी
0.07%
सामान्य सघन वन (MDF)
4237.41 वर्ग किमी
1.24%
खुले वन (OF)
12087.60 वर्ग किमी
3.53%
कुल वनावरण
16548.21 वर्ग किमी
4.84%
कुल झाड़ी क्षेत्र
5476.75 वर्ग किमी
1.60%
अत्यधिक सघन वन ➜ सर्वाधिक अलवर में (द्वितीय स्थान उदयपुर)
नोट ➜ अत्यधिक सघन वन राजस्थान के केवल 11 जिलों में पाए जाते हैं — अलवर, उदयपुर, सवाई माधोपुर, राजसमंद, पाली, जयपुर, जैसलमेर, बूँदी, हनुमानगढ़, बीकानेर, दौसा
सामान्य सघन वन ➜ सर्वाधिक उदयपुर (न्यूनतम चूरू)
खुले वन ➜ सर्वाधिक उदयपुर (न्यूनतम चूरू)
6. वन प्रकार के अनुसार वनावरण
चैम्पियन एण्ड सेठ (1968) के वन वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान में 2 प्रकार के वन हैं — उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन तथा उष्ण कटिबंधीय कंटीदार वन। इन दो प्रकारों को आगे 20 वन प्रकारों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रमुख निम्न हैं।
वन प्रकार
क्षेत्रफल
वनावरण का प्रतिशत
उत्तरी शुष्क मिश्रित पर्णपाती वन
8400.21
38.15%
एनोजीसस पेंडुला वन
3242.81
14.72%
शुष्क पर्णपाती झाड़ी
2513.87
11.41%
आयन शुष्क टीक वन
1073.57
4.87%
मरुस्थल बबूल झाड़ी
1011.42
4.59%
रिकोर्डेड फॉरेस्ट एरिया (RFA) की प्रमुख प्रजातियाँ
सर्वाधिक पेड़ प्रजाति ➜ (1) धोकड़ा — Anogeissus pendula / Terminalia pendula, (2) पलास — Butea monosperma
ग्रामीण क्षेत्र व शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक पेड़ों की संख्या ➜ बबूल (Prosopis Juliflora / Naltuma Juliflora)
गैर लकड़ी वन उत्पाद (NTFP) प्रजाति में सर्वाधिक पेड़ ➜ ब्यूटीया मोनोस्पर्मा
7. वन अग्नि प्रवणता के अनुसार वनावरण
श्रेणी
क्षेत्रफल
प्रतिशत
Extremely fire prone
92.64 वर्ग किमी
0.42%
Very highly fire prone
622.77 वर्ग किमी
2.83%
Highly fire prone
964.79 वर्ग किमी
4.38%
Moderately fire prone
1,299.19 वर्ग किमी
5.90%
Less fire prone
19,045.57 वर्ग किमी
86.47%
वर्ष 2023-24 के दौरान SNPP-VIIRS सेंसर्स के उपयोग से FSI द्वारा पता लगाई गई जंगल की आग में सर्वाधिक आग उदयपुर जिले में लगी
रिवीजन पॉइंटर्स
अभिलेखित वन 33,014 वर्ग किमी = 9.64% (वन विभाग); वनावरण 16548.21 वर्ग किमी = 4.84% (ISFR)। दोनों को गड्ड-मड्ड न करें।
क्षेत्रफल में सर्वाधिक उदयपुर, पर प्रतिशत में सर्वाधिक प्रतापगढ़ (वन विभाग) — यह जोड़ी बहुत पूछी जाती है।
चूरू लगभग हर ‘न्यूनतम’ सूची में आता है — वन क्षेत्र, वन प्रतिशत, वनावरण, सघन वन, खुले वन।
ISFR भारतीय वन सर्वेक्षण देहरादून बनाता है, मंत्रालय जारी करता है; 18वीं रिपोर्ट, चलन 1987 से।
वनावरण घटा (−83.80) पर झाड़ी क्षेत्र बढ़ा (+668.24) — यह विरोधाभास याद रखें।