Rajasthan · Geography Chapter 2 राजस्थान : सामान्य परिचय

राजस्थान की स्थिति एवं विस्तार – Rajasthan Geography Chapter 2

6 min read Updated Notes in Hindi
In this chapter (7 sections)
  1. राजस्थान की स्थिति — तीन परतें
  2. राजस्थान का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार
  3. अक्षांश — मूल अवधारणा
  4. देशांतर — मूल अवधारणा
  5. राजस्थान में सूर्योदय का अंतर
  6. कर्क रेखा और राजस्थान
  7. सूर्य की किरणें — सीधापन और तिरछापन

नामकरण के बाद दूसरा सबसे महत्त्वपूर्ण भाग है — राजस्थान आखिर पृथ्वी पर बैठा कहाँ है। यहाँ तीन परतों में समझना ज़रूरी है: विश्व में स्थिति, एशिया में स्थिति और भारत में स्थिति। इसके बाद अक्षांश-देशांतर की मूल अवधारणा और अंत में कर्क रेखा — क्योंकि राजस्थान की जलवायु, दिन-रात की लंबाई और सूर्य की किरणों का व्यवहार, सब इसी पर टिका है।

1. राजस्थान की स्थिति — तीन परतें

  • अक्षांशीय दृष्टि से ➜ उत्तरी गोलार्द्ध में
  • देशांतरीय दृष्टि से ➜ पूर्वी गोलार्द्ध में
  • विश्व मानचित्र / ग्लोब पर ➜ उत्तर-पूर्व अर्थात ईशान कोण में
  • एशिया महाद्वीप में ➜ दक्षिण-पश्चिम अर्थात नैऋत्य कोण में
  • भारत में ➜ उत्तर-पश्चिम अर्थात वायव्य कोण में

ट्रिक: बड़े से छोटे की ओर चलिए — विश्व में ईशान, एशिया में नैऋत्य, भारत में वायव्य। तीनों कोण अलग-अलग हैं, इसी वजह से यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है।

2. राजस्थान का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार

  • अक्षांश ➜ 23°03′ उत्तरी से 30°12′ उत्तरी
  • देशांतर ➜ 69°30′ पूर्वी से 78°17′ पूर्वी
  • कुल अक्षांशीय फैलाव ➜ 7°09′
  • कुल देशांतरीय फैलाव ➜ 8°47′
  • 70° पूर्वी देशांतर पर स्थित जिला ➜ जैसलमेर

मध्यवर्ती रेखाएँ

  • मध्यवर्ती अक्षांश रेखा ➜ 27° उत्तरी अक्षांश। यह जैसलमेर, फलौदी, नागौर, डीडवाना-कुचामन, जयपुर, दौसा तथा भरतपुर से होकर गुजरती है।
  • जयपुर शहर के निकट से गुजरने वाली अक्षांश रेखा ➜ 27° उत्तरी
  • मध्यवर्ती देशांतर रेखा ➜ 74° पूर्वी देशांतर। यह गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, नागौर, ब्यावर, राजसमंद, उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर तथा बांसवाड़ा से होकर गुजरती है।

3. अक्षांश — मूल अवधारणा

  • क्या ➜ ग्लोब पर पूर्व-पश्चिम दिशा में आड़ी खींची गई काल्पनिक रेखाएँ
  • भूमध्य रेखा ➜ विषुवत वृत्त या वृहद वृत्त भी कहलाती है; लंबाई लगभग 40,076 किमी; यह पृथ्वी का सबसे बड़ा वृत्त है और पृथ्वी को दो बराबर भागों में बाँटती है
  • दो भाग ➜ उत्तर की ओर उत्तरी गोलार्द्ध, दक्षिण की ओर दक्षिणी गोलार्द्ध
  • कुल अक्षांश रेखाएँ ➜ 179
  • कुल अक्षांश ➜ 181
  • दो अक्षांश रेखाओं के बीच दूरी ➜ 111.13 किमी
  • 90° उत्तरी अक्षांश ➜ उत्तरी ध्रुव; 90° दक्षिणी अक्षांश ➜ दक्षिणी ध्रुव
  • दो अक्षांशों के मध्य का भाग ➜ कटिबंध
  • उपयोग ➜ किसी स्थान की स्थिति एवं जलवायु का निर्धारण

गणना समझिए: पृथ्वी की ध्रुवीय परिधि 40,008 किमी है, इसलिए एक गोलार्द्ध की ध्रुवीय परिधि 20,004 किमी हुई। इसका आधा भाग, यानी 0° से 90° उत्तरी ध्रुव तक की दूरी 10,002 किमी बनती है। इसे 90 से भाग देने पर एक अक्षांश की दूरी 111.13 किमी निकल आती है।

4. देशांतर — मूल अवधारणा

  • क्या ➜ ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची गई काल्पनिक रेखाएँ
  • कुल संख्या ➜ 360
  • भूमध्य रेखा पर दो देशांतरों के बीच दूरी ➜ लगभग 111.32 किमी (40,076 ÷ 360)
  • दो देशांतरों के मध्य का भाग ➜ गोरे
  • उपयोग ➜ किसी स्थान की स्थिति एवं समय का निर्धारण

समय का गणित

  • 1° देशांतर पार करने में सूर्य को ➜ 4 मिनट
  • 15° देशांतर पार करने पर ➜ 1 घंटे का अंतर
  • ग्रीनविच रेखा से पूर्व की ओर ➜ समय में वृद्धि; पश्चिम की ओर ➜ समय में कमी
  • उदाहरण ➜ 0° देशांतर पर जब 10:00 AM होगा, तब 15° पूर्वी देशांतर पर 11:00 AM होगा

भारतीय मानक समय (IST)

  • रेखा ➜ 82°30′ पूर्वी देशांतर
  • कहाँ से गुजरती है ➜ इलाहाबाद के निकट नैनी नामक स्थान से
  • GMT से अंतर ➜ IST, ग्रीनविच मीन टाइम से 5 घंटे 30 मिनट आगे
  • पूरे भारत के लिए एक ही समय जोन रखा गया है

5. राजस्थान में सूर्योदय का अंतर

  • राजस्थान 8°47′ देशांतरों में फैला है ➜ 8°47′ × 4 मिनट = 35 मिनट 8 सेकंड (लगभग 35 मिनट)
  • अर्थात राज्य के सबसे पूर्वी और सबसे पश्चिमी छोर के सूर्योदय में लगभग 35 मिनट का अंतर रहता है
  • सबसे पहले सूर्योदय व सूर्यास्त ➜ धौलपुर (सिलावट)
  • सबसे बाद में सूर्योदय व सूर्यास्त ➜ जैसलमेर (कटरा)
  • कारण ➜ सूर्य हमेशा पूर्वी स्थानों पर पहले और पश्चिमी स्थानों पर बाद में दिखाई देता है

6. कर्क रेखा और राजस्थान

  • क्या ➜ 23°30′ उत्तरी अक्षांश रेखा को कर्क रेखा कहते हैं; यह वह उत्तरतम अक्षांश है जहाँ दोपहर में सूर्य लंबवत चमकता है
  • कब सीधा चमकता है ➜ 21 जून को, इसके बाद दक्षिणायन प्रारंभ हो जाता है
  • नाम क्यों ➜ जून क्रांति के समय सूर्य की स्थिति कर्क राशि में होती है, इसीलिए कर्क संक्रांति
  • राजस्थान में लंबाई ➜ लगभग 26 किमी
  • भारत में लंबाई ➜ लगभग 2934 किमी, कुल 8 राज्यों से गुजरती है — गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम

राजस्थान में कर्क रेखा — केवल 2 जिले

बिंदुउत्तर
जिलेबांसवाड़ा तथा डूंगरपुर
बांसवाड़ा मेंजिले के मध्य से (कुशलगढ़ तहसील)
डूंगरपुर मेंदक्षिणी सीमा से, चिखली गाँव के पास
सर्वाधिक निकट शहरकुशलगढ़ (बांसवाड़ा)
सर्वाधिक निकट जिला मुख्यालयबांसवाड़ा
सर्वाधिक दूर जिला मुख्यालयगंगानगर
दो बार काटने वाली नदीमाही

21 जून की विशेषताएँ

  • राजस्थान में सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात
  • कर्क रेखा पर स्थित क्षेत्रों में दोपहर के समय परछाईं नहीं बनती, इसीलिए इसे ‘नो शैडो जोन’ कहा जाता है
  • यही दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है, जिसकी शुरुआत 2015 से हुई
  • वर्ष 2024 में 10वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया
  • 2024 की भारत सरकार की थीम ➜ योग, स्वयं और समाज के लिए
  • 2024 की राजस्थान सरकार की थीम ➜ महिला सशक्तिकरण

7. सूर्य की किरणें — सीधापन और तिरछापन

  • सर्वाधिक सीधापन ➜ बांसवाड़ा
  • सर्वाधिक तिरछापन ➜ गंगानगर
  • तिरछापन का आरोही क्रम ➜ दक्षिण से उत्तर की ओर (बांसवाड़ा से गंगानगर की ओर बढ़ते जाइए, तिरछापन बढ़ता जाएगा)
  • सीधापन का आरोही क्रम ➜ उत्तर से दक्षिण की ओर (गंगानगर से बांसवाड़ा की ओर बढ़ने पर सीधापन बढ़ता है)
  • सामान्य नियम ➜ भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर किरणों का तिरछापन बढ़ता है और तापमान घटता है

मानसिक मानचित्र: बांसवाड़ा राजस्थान का सबसे दक्षिणी छोर है — वहीं कर्क रेखा है, वहीं किरणें सबसे सीधी पड़ती हैं। गंगानगर सबसे उत्तरी छोर है — वहीं किरणें सबसे तिरछी, और कर्क रेखा से सबसे दूर मुख्यालय भी वही। यह एक ही धुरी पर टिके तीन-चार प्रश्नों का उत्तर एक साथ दे देता है।

अगले भाग में हम राजस्थान की सीमाएँ, रैडक्लिफ रेखा, पड़ोसी राज्य तथा क्षेत्रफल से जुड़े तथ्यों को इसी क्रम में देखेंगे।

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